मुंबई की पहचान सिर्फ बॉलीवुड, समुद्र के किनारे बनी सड़कों और कभी न थमने वाली जिंदगी तक सीमित नहीं है. इस शहर में ऐसी कई जगहें भी हैं, जहां पेड़ों की हरियाली और खुले रास्ते लोगों को सुकून देते हैं. हालांकि, शहर की आबादी, ट्रैफिक और प्रदूषण को देखते हुए कई लोगों के मन में मुंबई की एक अलग तस्वीर बनी हुई है.
इसी बीच सोशल मीडिया पर टौको का एक वीडियो सामने आया है. मुंबई में अपने परिवार के साथ रहने वाले इस विदेशी शख्स ने शहर की हरियाली देखकर अपनी खुशी जाहिर की. उसने लोगों से सवाल भी किया कि क्या मुंबई को लेकर उनकी उम्मीदों में इतनी हरियाली की जगह थी?
टौको ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि उस दिन मुंबई का माहौल उसे काफी अच्छा लगा. आसपास हरियाली नजर आ रही थी और हवा भी उसे उम्मीद से ज्यादा फ्रेश महसूस हुई. उसकी बातों से साफ था कि वह शहर के इस रूप को लोगों के साथ शेयर करना चाहता था. उसका कहना था कि वह और उसका परिवार फिनलैंड से आते हैं और अब मुंबई में रहते हैं. ऐसे में शहर में रोजमर्रा की जिंदगी के दौरान वे उन चीजों पर भी ध्यान देते हैं, जो अक्सर लोगों की नजरों से छूट जाती हैं. टौको ने मुंबई की तारीफ करते हुए यह नहीं कहा कि यहां सब कुछ शानदार है. उसकी बात का असली मकसद शहर के उस हिस्से को सामने लाना था, जिसे अक्सर ट्रैफिक और प्रदूषण की चर्चा के बीच कम जगह मिलती है.
टौको ने खास तौर पर उन लोगों की मेहनत का जिक्र किया, जो मुंबई को बेहतर बनाए रखने के लिए हर रोज काम करते हैं. उसने कहा कि शहर में जगह-जगह सफाई कर्मचारी सड़कों को साफ करते दिखाई देते हैं. पब्लिक प्लेस की देखभाल होती है और हरियाली को बनाए रखने के लिए भी लोग काम करते रहते हैं. बड़ी आबादी वाले शहर को साफ रखना आसान नहीं होता. सड़कों पर लगातार आवाजाही रहती है, कचरा जमा होता है और पब्लिक प्लेस का इस्तेमाल भी बड़ी संख्या में लोग करते हैं. ऐसे में सफाई और रखरखाव के लिए लगातार मेहनत करनी पड़ती है. अक्सर लोग साफ सड़क या किसी सुंदर पार्क को देखकर आगे बढ़ जाते हैं. लेकिन उसके पीछे काम करने वाले लोगों पर बहुत कम ध्यान जाता है. टौको ने अपनी पोस्ट के जरिए इसी मेहनत को पहचानने की बात कही.
मुंबई की तारीफ करते हुए टौको ने शहर की मुश्किलों को नजरअंदाज नहीं किया. उसने माना कि यहां ट्रैफिक, वायु प्रदूषण और आर्थिक असमानता जैसी समस्याएं मौजूद हैं. सिर्फ एक दिन मौसम अच्छा रहने या किसी जगह हरियाली दिखने से यह नहीं कहा जा सकता कि शहर की सभी परेशानियां दूर हो गई हैं. उसकी बात का मतलब भी यही था कि किसी शहर को समझने के लिए उसकी कमियों के साथ-साथ अच्छी चीजों पर भी नजर डालनी चाहिए. मुंबई में प्रदूषण की समस्या है, लेकिन इसके साथ ही ऐसे लोग भी हैं, जो शहर को साफ रखने और पब्लिक प्लेस को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम करते हैं.
टौको की पोस्ट पर लोगों ने कई तरह की प्रतिक्रियाएं दीं. कुछ यूजर्स ने मुंबई के प्रति उसके नजरिए की तारीफ की, तो कुछ ने कहा कि बाहर से आने वाले लोग कई बार शहर की उन खूबियों पर ध्यान देते हैं, जिन्हें यहां रहने वाले लोग रोज देखते हुए नजरअंदाज कर देते हैं. एक यूजर ने लिखा कि आप भारत के सबसे अच्छे शहरों में से एक में रह रहे हैं. वहीं, दूसरे यूजर ने कहा कि बाहर से आने वाले लोग कई बार चीजों को नए नजरिए से देखते हैं. एक अन्य शख्स ने मुंबई से प्यार जताने के लिए टौको का शुक्रिया अदा किया. एक यूजर ने इस वीडियो को अपने शहर के बारे में दिल को छू लेने वाली पोस्ट बताया. इन प्रतिक्रियाओं से पता चलता है कि लोगों को मुंबई का यह सकारात्मक पहलू पसंद आया. खास बात यह रही कि चर्चा सिर्फ हरियाली तक सीमित नहीं रही, बल्कि शहर को बेहतर बनाए रखने वाले लोगों की मेहनत पर भी हुई.
मुंबई जैसे बड़े शहर में एक ही समय पर कई तरह की तस्वीरें देखने को मिलती हैं. कहीं लंबा ट्रैफिक जाम है, तो कहीं सड़क किनारे पेड़ों की छांव. कहीं प्रदूषण की परेशानी है, तो कहीं पब्लिक प्लेस को साफ रखने में जुटे कर्मचारी नजर आते हैं. टौको की पोस्ट इसी दूसरी तस्वीर की याद दिलाती है. उसका अनुभव यह नहीं बताता कि मुंबई की समस्याएं खत्म हो गई हैं, बल्कि यह दिखाता है कि शहर की कमियों के बीच भी ऐसी चीजें मौजूद हैं, जिनकी तारीफ की जा सकती है. आखिरकार, किसी शहर को बेहतर बनाने में सिर्फ बड़ी योजनाओं की भूमिका नहीं होती. रोज सड़क साफ करने वाला कर्मचारी, पेड़ों की देखभाल करने वाला माली और पब्लिक प्लेस को संभालने वाले लोग भी इसमें अहम योगदान देते हैं.