SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

टावर में 4 लिफ्ट, फिर भी मजदूर को जाने की इजाजत नहीं: सिर पर भारी बोझ लेकर 21वीं मंजिल तक चढ़ने को मजबूर; VIDEO देख भड़के लोग

बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों में रहने वाले लोगों के लिए लिफ्ट रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा होती है. लेकिन उसी बिल्डिंग में काम करने वाले मजदूर को अगर भारी सामान लेकर 21वीं मंजिल तक सीढ़ियां चढ़नी पड़ें तो सवाल उठना लाजिमी है. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में ऐसा ही नजारा दिखाई दे रहा है. वीडियो में दावा किया जा रहा है कि बिल्डिंग में चार लिफ्ट होने के बावजूद मजदूर को सीढ़ियों से भारी सामान पहुंचाना पड़ रहा है.

Written By Santosh Kumar Mishra
Published: Oct 31, 2026, 02:16 PM IST | Updated: Oct 31, 2026, 02:22 PM IST
Image Credit: @motivation_line_ | चार लिफ्ट होने के बावजूद बोझ लेकर 21वीं मंजिल तक चढ़ने को मजबूर मजदूर!
Join

शहरों की ऊंची-ऊंची बिल्डिंगों में रहने वाले लोगों को अक्सर इस बात की शिकायत रहती है कि उनके फ्लैट की लिफ्ट कभी-कभी कुछ देर के लिए बंद हो जाती है तो उन्हें कितनी परेशानी होती है. लेकिन जरा उस मजदूर के बारे में सोचिए, जिसे रोजाना अपने कंधे पर भारी सामान रखकर कई मंजिलों तक जाना पड़े.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक निर्माण मजदूर इसी तरह ईंटें लेकर सीढ़ियां चढ़ता दिखाई दे रहा है. बताया जा रहा है कि उसे ये ईंटें बिल्डिंग की 21वीं मंजिल तक पहुंचानी थीं. वीडियो बनाने वाला शख्स भी इस नजारे पर हैरानी जताता है. वह बताता है कि बिल्डिंग में चार लिफ्ट मौजूद हैं, लेकिन मजदूर को सीढ़ियों के रास्ते ईंटें ऊपर ले जानी पड़ रही हैं. यही बात लोगों को सबसे ज्यादा परेशान कर रही है.

चार लिफ्ट होने के बाद भी क्यों नहीं हुआ इस्तेमाल?

वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब बिल्डिंग में चार लिफ्ट हैं तो मजदूर को उनका इस्तेमाल क्यों नहीं करने दिया गया? क्या सोसायटी के कुछ नियम आड़े आ रहे थे या फिर घर बनाने का सामान ऊपर पहुंचाने की जिम्मेदारी ठेकेदार की थी? हालांकि, वायरल वीडियो में इस बात की पूरी जानकारी नहीं दी गई है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि मजदूर को लिफ्ट इस्तेमाल करने से रोका गया था या किसी दूसरी वजह से वह सीढ़ियों से पत्थर ले जा रहा था. इसलिए सिर्फ वीडियो देखकर यह कहना सही नहीं होगा कि सोसायटी ने जानबूझकर उसे लिफ्ट इस्तेमाल नहीं करने दी. लेकिन इस नजारे ने मजदूरों की सुविधाओं और उनके साथ होने वाले व्यवहार पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं.

 

 

सोसायटी में मजदूरों के लिए अलग नियम

आजकल बड़े शहरों में ऊंची इमारतों और हाउसिंग सोसायटियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. यहां रहने वाले लोगों के लिए लिफ्ट, पार्किंग, सिक्योरिटी और दूसरी सुविधाएं होती हैं. वहीं, बिल्डिंग में काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों के लिए कई जगह अलग नियम बनाए जाते हैं. कुछ सोसायटियों में सामान लाने-ले जाने के लिए सर्विस लिफ्ट होती है. इसका इस्तेमाल फर्नीचर और दूसरी भारी चीजों को ऊपर पहुंचाने के लिए किया जाता है. ऐसा इसलिए किया जाता है, जिससे आम लिफ्ट में गंदगी न फैले और लोगों की आवाजाही भी प्रभावित न हो. लेकिन अगर किसी बिल्डिंग में सर्विस लिफ्ट नहीं है या किसी वजह से उसका इस्तेमाल नहीं हो सकता, तो मजदूरों के लिए दूसरी व्यवस्था करना भी जरूरी है.

21वीं मंजिल तक ईंटें ले जाना आसान नहीं

किसी बिल्डिंग की दो-तीन मंजिल सीढ़ियों से चढ़ने में ही आम आदमी की सांस फूलने लगती है. ऐसे में सिर पर भारी पत्थर रखकर 21वीं मंजिल तक पहुंचना कितना मुश्किल होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. मजदूरों का काम पहले से ही काफी मेहनत वाला होता है. उन्हें दिनभर ईंट, सीमेंट, रेत और दूसरे भारी सामान उठाने पड़ते हैं. कई बार ऊंचाई पर भी काम करना होता है. ऐसे में अगर सामान पहुंचाने के लिए भी पर्याप्त सुविधा न मिले तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है. लगातार भारी वजन उठाकर सीढ़ियां चढ़ने से थकान और चोट लगने का खतरा भी रहता है. इसलिए निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा और काम करने की सुविधाओं का ध्यान रखना जरूरी है.

नियम जरूरी, लेकिन मजदूरों की परेशानी भी समझें

बड़ी सोसायटियों में साफ-सफाई और सुरक्षा बनाए रखने के लिए नियम होना गलत नहीं है. कई बार लोग घर बनाने का सामान आम लिफ्ट से ले जाने पर रोक लगा देते हैं. लेकिन ऐसे नियम बनाते समय यह भी देखना चाहिए कि मजदूरों को काम करने में बेवजह परेशानी न हो. अगर किसी बिल्डिंग में भारी सामान पहुंचाने का काम चल रहा है तो इसके लिए पहले से इंतजाम होना चाहिए. सिर्फ नियम लागू कर देना काफी नहीं है. यह भी जरूरी है कि उन नियमों के बीच काम करने वाले लोगों की जरूरतों का ध्यान रखा जाए.

वीडियो ने छेड़ी मजदूरों के सम्मान की बहस

वीडियो वायरल होने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिन मजदूरों की मेहनत से बड़ी-बड़ी इमारतें तैयार होती हैं, क्या उन्हें काम के दौरान जरूरी सुविधाएं नहीं मिलनी चाहिए? फिलहाल इस घटना के पीछे की पूरी वजह सामने नहीं आई है. यह भी साफ नहीं है कि मजदूर को लिफ्ट इस्तेमाल करने की अनुमति थी या नहीं. लेकिन चार लिफ्ट वाली बिल्डिंग में एक मजदूर का ईंटें लेकर सीढ़ियां चढ़ना लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है. आखिर जिस बिल्डिंग को बनाने में मजदूर अपनी मेहनत लगाता है, उसी बिल्डिंग में उसके लिए काम करना इतना मुश्किल क्यों होना चाहिए?

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

संतोष मिश्रा जी न्यूज में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह पिछले 4.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ट्रैवल, फीचर, ऑफबीट, ट्रेंडिंग और वायरल खबरों के साथ-साथ टेक और साइंस से जुड़ी खबरों में भी उनकी विशेष विशेषज्ञता है. उनकी खबरें अपनी विश्वसनीयता और सटीक जानकारी के लिए जानी जाती हैं. आसान और सहज भाषा में लिखे गए उनके कंटेंट को पाठक काफी पसंद करते हैं. सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X, Reddit, Threads और Facebook) पर उनकी अच्छी पकड़ है. वह ट्रेंडिंग विषयों पर लगातार नजर रखते हैं और फ्रेश व यूनिक खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. संतोष मिश्रा इससे पहले News Nation और India Ahead जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) किया है.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES