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बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव सीके अनिल शनिवार को सिवान पहुंचे, जहां उन्होंने जिले की शिक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा समेत शिक्षा विभाग और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के अलावा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी भी मौजूद रहे. बैठक में सरकारी विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं से लेकर शिक्षकों की उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल तक कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. सीके अनिल की सक्रियता से लग रहा है कि वे केके पाठक की राह पर चल पड़े हैं. एक समय में केके पाठक ने स्कूलों में सख्ती करके शिक्षा विभाग में क्रांति लाने की कोशिश की थी. उम्मीद है कि सीके अनिल उसी राह पर अग्रसर होंगे.
बैठक में अपर मुख्य सचिव सीके अनिल ने अधिकारियों को शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए. बैठक में सबसे पहले मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा एवं कायाकल्प अभियान के तहत स्कूलों में रंग-रोगन, पेंटिंग और मरम्मत कार्यों की समीक्षा की गई. अपर मुख्य सचिव ने इन कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने पर जोर दिया.
बैठक में जिले के भूमिहीन और भवनहीन विद्यालयों की स्थिति पर भी चर्चा हुई. ऐसे विद्यालयों के लिए जमीन और भवन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर जरूरी कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और अनुशासन को लेकर भी सख्त निगरानी रखने पर जोर दिया गया.
बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई. आधुनिक तकनीक के माध्यम से पढ़ाई को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने की संभावनाओं पर विचार किया गया. वहीं, एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सिवान नगर क्षेत्र के विद्यालयों में अंग्रेजी, गणित और अन्य विषयों की पढ़ाई के लिए इच्छुक एवं योग्य सेवानिवृत्त पदाधिकारियों की स्वैच्छिक शैक्षणिक सेवाएं लेने की संभावना पर भी चर्चा हुई.
इसके तहत सेवानिवृत्त पदाधिकारी अपने अनुभव और विशेषज्ञता से विद्यार्थियों को पढ़ाई में सहयोग दे सकेंगे. अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार को प्राथमिकता दी जाए.
सिवान से अमित सिंह की रिपोर्ट