चीन में कुत्ते-बिल्लियों के फ्यूनरल पर लाखों खर्च: लिमोजिन में निकलती है अंतिम यात्रा, फूलों से सजाकर दी जाती है आखिरी विदाई
चीन में पालतू कुत्ते-बिल्लियों को परिवार का हिस्सा मानने का चलन अब उनकी आखिरी विदाई तक पहुंच गया है. यहां कुछ परिवार अपने पालतू जानवरों की मौत के बाद इंसानों जैसी अंतिम रस्में करवा रहे हैं. शव को तैयार करने से लेकर फूलों से सजावट, लिमोजिन में अंतिम यात्रा, दाह संस्कार और पंजों के निशान को याद के तौर पर सुरक्षित रखने तक की सर्विस मिल रही है. खास पैकेज की कीमत लाखों रुपये तक पहुंच जाती है.
किसी घर में पालतू जानवर सिर्फ एक जानवर नहीं होता. कई परिवारों के लिए वह सालों तक उनके साथ रहने वाला एक सदस्य बन जाता है. उसके साथ सुबह की शुरुआत होती है, घर लौटने पर उसका स्वागत मिलता है और धीरे-धीरे उससे भावनात्मक रिश्ता बन जाता है.
चीन में अब इसी रिश्ते का असर पालतू जानवरों की आखिरी विदाई में भी दिखाई दे रहा है. यहां कुछ परिवार अपने पालतू की मौत के बाद बाकायदा अंतिम संस्कार की पूरी व्यवस्था करवा रहे हैं. इसके लिए प्रोफेशनल कंपनियां मौजूद हैं, जो विदाई की अलग-अलग सर्विस देती हैं.
लिमोजिन में निकाली जाती है अंतिम यात्रा
इस नए ट्रेंड में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली सर्विस है पालतू की अंतिम यात्रा. खास पैकेज में लिमोजिन का इंतजाम किया जाता है. पालतू के शव को तैयार करने के बाद उसे फूलों से सजाया जाता है और फिर परिवार के लोग उसे आखिरी सफर पर ले जाते हैं. कुछ सर्विस में चार वर्दीधारी कर्मचारी भी शामिल होते हैं. ये कर्मचारी अंतिम यात्रा के दौरान परिवार की मदद करते हैं. इस पूरे इंतजाम को इस तरह रखा जाता है कि परिवार अपने पालतू को सम्मान के साथ आखिरी विदाई दे सके.
15 हजार से शुरू होकर लाखों तक खर्च
पालतू जानवर के अंतिम संस्कार की कीमत एक जैसी नहीं होती. परिवार अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से अलग-अलग पैकेज चुन सकते हैं. सामान्य शोक सभा और दूसरी रस्मों की सर्विस करीब 15 हजार रुपये से शुरू होने की बात सामने आई है. वहीं, अगर परिवार ज्यादा खास इंतजाम चाहता है तो खर्च काफी बढ़ जाता है. लिमोजिन, फूलों की सजावट, कर्मचारियों की मौजूदगी और दूसरी प्रीमियम सर्विस जोड़ने पर यह रकम लाखों रुपये तक पहुंच सकती है. कुछ खास मामलों में करीब 14 लाख रुपये तक खर्च किए जाने की बात भी सामने आई है.
पंजों के निशान भी रख रहे याद के तौर पर
पालतू जानवरों की आखिरी विदाई सिर्फ अंतिम संस्कार तक सीमित नहीं है. कंपनियां परिवार को ऐसी चीजें भी उपलब्ध करा रही हैं, जिनसे वह अपने पालतू की याद हमेशा अपने पास रख सके. इन सर्विस में पंजों के निशान को सुरक्षित रखना भी शामिल है. परिवार इसे अपने पालतू की आखिरी निशानी के तौर पर रख सकते हैं. कुछ जगहों पर शव को अंतिम संस्कार से पहले तैयार करने और फूलों से सजाने जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं. मतलब, जिस तरह किसी इंसान के निधन के बाद परिवार तस्वीर, कपड़े या दूसरी यादगार चीजें संभालकर रखता है, उसी तरह पालतू जानवरों की यादें भी सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है.
चीन में तेजी से बढ़ रही पालतू जानवरों की संख्या
इस पूरे कारोबार के पीछे चीन में बढ़ती पालतू जानवरों की आबादी भी एक बड़ी वजह बताई जा रही है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल चीन में करीब 5.3 करोड़ पालतू कुत्ते और 7.3 करोड़ पालतू बिल्लियां दर्ज की गईं. पालतू जानवरों की संख्या बढ़ने के साथ उनसे जुड़ी सर्विस का बाजार भी बड़ा हो रहा है. खाने, ग्रूमिंग और मेडिकल सुविधाओं के अलावा अब मौत के बाद अंतिम संस्कार भी इसी इंडस्ट्री का हिस्सा बन गया है.
अंतिम संस्कार की करीब 45 हजार कंपनियां
पालतू जानवरों की बढ़ती संख्या ने चीन में एक नए तरह के कारोबार को जन्म दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, देश में पालतू पशुओं के अंतिम संस्कार से जुड़ी करीब 45 हजार कंपनियां मौजूद हैं. इनमें छोटी कंपनियों से लेकर ऐसी प्रोफेशनल फर्म तक शामिल हैं, जो पूरे अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभालती हैं. परिवार को अलग-अलग सर्विस चुनने का विकल्प दिया जाता है. यही वजह है कि इस सेक्टर में अब साधारण अंतिम संस्कार से लेकर बेहद महंगे प्रीमियम पैकेज तक उपलब्ध हैं.
परिवार क्यों खर्च कर रहे इतना पैसा?
सवाल यह भी है कि आखिर लोग अपने पालतू की आखिरी विदाई पर इतनी बड़ी रकम क्यों खर्च कर रहे हैं? इसकी सबसे बड़ी वजह भावनात्मक जुड़ाव है. लंबे समय तक घर में रहने वाला पालतू कई लोगों के लिए परिवार का हिस्सा बन जाता है. ऐसे में उसकी मौत को भी परिवार उसी तरह महसूस करता है, जैसे किसी करीबी को खोने पर होता है. अंतिम विदाई का यह तरीका शायद परिवारों को अपने दुख से बाहर निकलने और अपने पालतू को सम्मान देने का एक तरीका देता है. इसके अलावा, चीन के शहरों में लोगों की बदलती लाइफस्टाइल और अकेले रहने वाले लोगों की संख्या बढ़ने के साथ भी पालतू जानवरों से भावनात्मक रिश्ता मजबूत हुआ है. हालांकि, इस तरह की महंगी सर्विस को लेकर हर किसी की राय एक जैसी नहीं है.
नया ट्रेंड, लेकिन बहस भी शुरू
पालतू जानवरों के लिए इंसानों जैसी अंतिम रस्में करवाने का चलन चीन में एक नए ट्रेंड की तरफ इशारा करता है. कुछ लोगों के लिए यह अपने पालतू को सम्मान देने का तरीका है, जबकि दूसरे लोग इसे जरूरत से ज्यादा खर्च करने वाला कारोबार मान सकते हैं. लेकिन एक बात साफ है कि पालतू जानवर अब सिर्फ घर की रखवाली या टाइमपास का हिस्सा नहीं रह गए हैं. कई परिवार उनके साथ गहरा भावनात्मक रिश्ता बना रहे हैं. यही रिश्ता अब उनकी आखिरी विदाई के तरीके को भी बदल रहा है.
आखिरी विदाई भी बन गई कारोबार
चीन में पालतू जानवरों की अंतिम विदाई का यह ट्रेंड दिखाता है कि पेट इंडस्ट्री कितनी तेजी से बदल रही है. जिस काम को कुछ साल पहले परिवार खुद साधारण तरीके से करते थे, उसके लिए अब प्रोफेशनल कंपनियां पूरी सर्विस दे रही हैं. लिमोजिन से अंतिम यात्रा से लेकर फूलों की सजावट और पंजों के निशान सुरक्षित रखने तक, हर चीज के लिए अलग पैकेज मौजूद है. कीमत चाहे 15 हजार रुपये से शुरू हो या लाखों तक पहुंचे, इन परिवारों के लिए यह पैसा उस साथी की आखिरी विदाई से जुड़ा है, जिसने शायद उनकी जिंदगी का एक लंबा हिस्सा उनके साथ बिताया.