मखाना-सत्तू से लेकर कोरापुट कॉफी तक: BRICS में भारत की 'मीडिया किट' देख फिदा हुए विदेशी पत्रकार, चीनी रिपोर्टर बोली- 'ये सबसे बेस्ट है'
नई दिल्ली में चल रहे BRICS Summit 2026 में दुनिया के बड़े नेता ग्लोबल साउथ, व्यापार और जियोपॉलिटिक्स जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं. इसी बीच समिट में पहुंची मीडिया के लिए तैयार की गई भारत की खास मीडिया किट भी चर्चा में आ गई है. चीनी पत्रकार से लेकर विदेशी मीडिया डेलिगेट तक इसकी तारीफ कर चुके हैं. किट में देश के अलग-अलग राज्यों के लोकल और सस्टेनेबल प्रोडक्ट्स को जगह दी गई है.
नई दिल्ली में BRICS Summit 2026 को लेकर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं. अलग-अलग देशों से नेता, अधिकारी और पत्रकार भारत पहुंचे हैं. समिट में जहां बड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत हो रही है, वहीं विदेशी पत्रकारों के लिए किए गए छोटे-छोटे इंतजाम भी उनकी नजर से बच नहीं रहे.
इसी में भारत की BRICS Media Kit ने विदेशी मेहमानों का खास ध्यान खींचा है. मीडिया के लिए तैयार किए गए इस पैकेज में सिर्फ जरूरी सामान ही नहीं रखा गया, बल्कि भारत के अलग-अलग हिस्सों की पहचान और स्थानीय प्रोडक्ट्स को भी शामिल किया गया है.
चीनी पत्रकार ने बताया 'सबसे बेस्ट'
सोशल मीडिया पर मीडिया किट से जुड़े कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. इनमें एक वीडियो में चीनी मीडिया संस्थान ग्लोबल टाइम्स की पत्रकार इसकी तारीफ करती दिखाई दे रही हैं. न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में पत्रकार ने भारतीय मीडिया किट को काफी पसंद किया और इसे सबसे बेस्ट बताया. उनके इस रिएक्शन के बाद सोशल मीडिया पर भी किट को लेकर चर्चा तेज हो गई. खास बात यह है कि विदेशी पत्रकारों को दिया गया यह पैकेज सिर्फ एक गिफ्ट बैग की तरह नहीं दिख रहा. इसमें भारत के अलग-अलग राज्यों से जुड़े सामान को जगह दी गई है, जिसकी वजह से इसे 'वोकल फॉर लोकल' से भी जोड़ा जा रहा है.
बिहार का मखाना और सत्तू
मीडिया किट में बिहार के दो ऐसे प्रोडक्ट शामिल किए गए हैं, जिनकी पहचान अब देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में बन रही है. इसमें मखाना और सत्तू को जगह दी गई है. मखाना पिछले कुछ समय से हेल्दी फूड के तौर पर भी काफी लोकप्रिय हुआ है. वहीं सत्तू बिहार और पूर्वी भारत की पारंपरिक खाने-पीने की चीजों में शामिल है. विदेशी पत्रकारों को इनके जरिए भारत के एक अलग हिस्से का स्वाद और पहचान देखने को मिल रही है.
ओडिशा की कोरापुट कॉफी भी शामिल
इस किट में ओडिशा की कोरापुट कॉफी भी रखी गई है. कोरापुट अपनी कॉफी के लिए पहचाना जाता है और इसे मीडिया किट में जगह मिलना इस इलाके के लोकल प्रोडक्ट को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों तक पहुंचाने का एक तरीका भी माना जा रहा है. इसका मतलब है कि किट खोलने पर पत्रकारों को सिर्फ एक सामान नहीं मिलता, बल्कि भारत के अलग-अलग राज्यों की छोटी-छोटी झलक देखने को मिलती है.
गुजरात के हैंडीक्राफ्ट से स्टोल तक
मीडिया किट में गुजरात के हैंडीक्राफ्ट्स के साथ ब्लॉक-प्रिंट वाला स्टोल भी शामिल किया गया है. इन चीजों के जरिए भारत की पारंपरिक कला और स्थानीय कारीगरों की झलक दिखाई गई है. इसके अलावा पैकेज में सस्टेनेबल स्टेशनरी, स्टील की बोतल और सिरेमिक मग भी शामिल हैं. रोजमर्रा में काम आने वाली इन चीजों को भी इस तरह चुना गया है कि उनका इस्तेमाल समिट के बाद भी किया जा सके.
पुराने सामान से बना लैपटॉप बैग
मीडिया किट में शामिल एक और चीज ने खास ध्यान खींचा है. इसमें पुराने सामान को दोबारा इस्तेमाल करके तैयार किया गया लैपटॉप बैग भी बताया गया है. यह हिस्सा किट को बाकी सामान्य मीडिया बैग से थोड़ा अलग बनाता है. इसमें लोकल प्रोडक्ट्स के साथ सस्टेनेबिलिटी का ध्यान भी रखा गया है. यानी भारत की परंपरा के साथ पर्यावरण को लेकर बढ़ती सोच को भी इस पैकेज में दिखाने की कोशिश की गई है. इसके साथ एक टोट बैग भी दिया गया है, जिसे पत्रकार समिट के दौरान और बाद में भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
विदेशी पत्रकार भी कर चुके हैं तारीफ
यह पहली बार नहीं है जब किसी विदेशी मीडिया प्रतिनिधि ने भारत में BRICS Summit की तैयारियों की तारीफ की हो. इससे पहले 18वें BRICS Summit में पहुंचे जर्मन मीडिया डेलिगेट बेन ने भी भारत में किए गए इंतजामों को लेकर सकारात्मक बात कही थी. उन्होंने कहा था कि भारत उनकी उम्मीद से कहीं बेहतर है और अब तक सम्मेलन का आयोजन शानदार रहा है. उन्होंने मीडिया के लिए किए गए इंतजामों की भी तारीफ की थी.
'ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका से भी बेहतर'
बेन ने मीडिया किट में दिए गए सामान को लेकर भी अपनी पसंद जाहिर की. उनके मुताबिक, वह ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में आयोजित BRICS सम्मेलनों में हिस्सा ले चुके हैं, लेकिन भारत का मीडिया बैग उन्हें सबसे बेहतर लगा. उनकी इस टिप्पणी के बाद मीडिया किट की चर्चा और बढ़ गई. अब चीनी पत्रकार की तारीफ वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है.
एक बैग में दिखी भारत की अलग-अलग पहचान
BRICS Summit में असली चर्चा भले ही दुनिया की राजनीति, व्यापार और ग्लोबल साउथ जैसे बड़े मुद्दों पर हो रही हो, लेकिन मीडिया किट ने भारत की एक अलग तस्वीर पेश की है. मखाना और सत्तू से लेकर कोरापुट कॉफी, गुजरात के हैंडीक्राफ्ट, ब्लॉक-प्रिंट स्टोल और रीयूज्ड लैपटॉप बैग तक, इस किट में देश के अलग-अलग हिस्सों की पहचान को जोड़ने की कोशिश की गई है. विदेशी पत्रकारों की तारीफ से यह भी साफ है कि समिट में सिर्फ बड़े मंच और हाई-प्रोफाइल मीटिंग ही चर्चा का हिस्सा नहीं बन रहे. भारत की लोकल चीजें और उन्हें पेश करने का तरीका भी अंतरराष्ट्रीय मेहमानों का ध्यान खींच रहा है.
समिट के बीच 'लोकल' की ग्लोबल चर्चा
भारत में होने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में अक्सर दुनिया का ध्यान बड़े फैसलों और नेताओं की बैठकों पर रहता है. लेकिन BRICS Media Kit ने इस बार कहानी का एक छोटा और दिलचस्प हिस्सा अपने नाम कर लिया है. एक तरफ समिट में ग्लोबल मुद्दों पर चर्चा हो रही है, तो दूसरी तरफ एक मीडिया बैग के जरिए भारत के लोकल प्रोडक्ट्स दुनिया भर के पत्रकारों तक पहुंच रहे हैं. यही वजह है कि इस किट की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार लोगों का ध्यान खींच रहे हैं.