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SCAM EXPOSED: इंग्लैंड की लोकेशन और चाइनीज ईमेल ID! जानिए कैसे एक फर्जी प्रोफाइल ने इंस्टाग्राम पर चीनी ऐप के लिए छापे करोड़ों रुपये

चीनी शॉपिंग ऐप Temu पर यूके और यूरोप में फर्जी इन्फ्लुएंसर्स के जरिए विज्ञापनों पर 962 मिलियन डॉलर लुटाने के आरोप लगे हैं. रिसर्च के मुताबिक Temu के 73 फीसदी टॉप क्रिएटर्स नकली हैं. जानिए इस बड़े विवाद का सच.

SCAM EXPOSED: इंग्लैंड की लोकेशन और चाइनीज ईमेल ID! जानिए कैसे एक फर्जी प्रोफाइल ने इंस्टाग्राम पर चीनी ऐप के लिए छापे करोड़ों रुपये
Image Credit: Temu Meta Ads Controversy

अगर आप इंस्टाग्राम या फेसबुक चलाते हैं तो आपने चीनी ई-कॉमर्स शॉपिंग ऐप Temu के विज्ञापन जरूर देखे होंगे. इन विज्ञापनों में सुंदर-सुंदर इन्फ्लुएंसर्स अजीब और सस्ते गैजेट्स का प्रमोशन करते नजर आते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिन्हें आप असली क्रिएटर्स समझकर वीडियो देख रहे हैं, उनमें से ज्यादातर असल जिंदगी में वजूद ही नहीं रखते.

जी हां, एक नई रिसर्च रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि Temu ने यूरोप और यूके में Meta (Facebook और Instagram) पर ऐसे विज्ञापनों पर करीब 962 मिलियन डॉलर (लगभग 90,89,98,61,000 रुपये) पानी की तरह बहा दिए. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन टॉप 100 क्रिएटर्स के कंटेंट को Temu ने सबसे ज्यादा प्रमोट किया, उनमें से 73 क्रिएटर्स पूरी तरह फर्जी और नकली पाए गए हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह पूरा खेल क्या है और इससे ऑनलाइन दुनिया में हड़कंप क्यों मचा है.

962 मिलियन डॉलर का विज्ञापन और नकली इन्फ्लुएंसर्स का मायाजाल
ऑनलाइन रिस्क लैब्स (ORL) नाम की रिसर्च संस्था की रिपोर्ट के अनुसार चीनी कंपनी Temu ने यूके और यूरोपीय देशों में अपना दबदबा बनाने के लिए बड़े पैमाने पर विज्ञापनों का सहारा लिया. रिपोर्ट का दावा है कि कंपनी ने Meta के प्लेटफॉर्म्स पर अपने पार्टनरशिप एड्स को पुश करने के लिए पानी की तरह पैसा बहाया. लेकिन जब रिसर्च टीम ने Temu के टॉप 100 क्रिएटर्स की प्रोफाइल की जांच की तो होश उड़ाने वाले आंकड़े सामने आए. 100 में से केवल 8 क्रिएटर्स ही असली इंसान पाए गए. बाकी 73 प्रोफाइल पूरी तरह से फर्जी थे, जो या तो AI से बने थे या फिर बोट्स द्वारा चलाए जा रहे थे. इनमें से 28 अकाउंट्स रूस से और 19 अकाउंट्स चीन से ऑपरेट हो रहे थे, जबकि यूके या यूरोपीय संघ से सिर्फ 6 क्रिएटर्स ही मिले.

'या लिली' का केस स्टडी: यूके की लोकेशन लेकिन ईमेल चाइनीज
रिपोर्ट में एक बेहद दिलचस्प उदाहरण दिया गया है. इंस्टाग्राम पर '@findgadgetswithme' हैंडल से 'Ya Lili' नाम का एक अकाउंट है, जिसके करीब 1,83,000 फॉलोअर्स हैं. यह अकाउंट Temu के प्रोडक्ट्स जैसे शॉवर स्क्रबर आदि का प्रमोशन करता है और लिंक सीधा Temu ऐप पर ले जाता है. ORL के मुताबिक Ya Lili का यह अकाउंट यूके और यूरोप में Temu के पार्टनरशिप विज्ञापनों के लिए नंबर-1 क्रिएटर था. लेकिन जांच में पता चला कि यह कोई असली इंसान है ही नहीं. फेसबुक पर इसी क्रिएटर का नाम 'Must good' है और वहां लोकेशन 'England, Birmingham, MO, United States' लिखी हुई है, जिसका कोई सिर-पैर नहीं है. बायो में लिखा है "You are my dream of dead" और बैकएंड ईमेल आईडी पूरी तरह से चाइनीज है.

16 महीने में 1 अरब से ज्यादा व्यूज और लाखों एड्स
यह फर्जीवाड़ा कोई छोटा-मोटा खेल नहीं है. ORL की जांच में सामने आया कि अकेले 'Ya Lili' नाम के इस फर्जी अकाउंट के जरिए चलाए गए विज्ञापनों को 16 महीनों के भीतर 1 अरब (1 Billion) से भी ज्यादा बार देखा गया. इस अकेले अकाउंट के कंटेंट को Temu ने करीब 1,09,541 अलग-अलग एड कैंपेन में प्रमोट किया. इसका सीधा मतलब यह है कि रोजाना लगभग 225 एड्स सिर्फ एक फर्जी प्रोफाइल के नाम पर चलाए जा रहे थे. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बोट्स और फर्जी प्रोफाइल्स के सहारे किस स्तर पर ट्रैफिक जनरेट किया जा रहा था.

Meta की कमाई का 2 फीसदी हिस्सा सिर्फ Temu से
रिसर्च में यह अनुमान लगाया गया है कि Temu किसी भी तिमाही में यूरोप के अंदर Meta की कुल एड रिवेन्यू कमाई का लगभग 2 प्रतिशत हिस्सा अकेले जनरेट करता है. ORL की मैनेजर वेंडुला प्रोकुपकोवा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि Temu के साथ काम करने वाले टॉप 100 क्रिएटर्स में से असली इंसान 15 से 20 फीसदी से ज्यादा नहीं हैं. उन्होंने कहा कि रूस, चीन या ईरान से ऑपरेट होने वाले इन अकाउंट्स की असलियत पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं क्योंकि असली इंसान इस तरह से हर दिन सैकड़ों कैंपेन नहीं चला सकते.

कानूनी पचड़े में फंस सकती है कंपनी, EU में हुई शिकायत
यूरोप और यूके में कंज्यूमर प्रोटेक्शन और विज्ञापन के नियम बेहद सख्त हैं. वहां का कानून किसी भी कंपनी को भ्रामक या फर्जी विज्ञापनों के जरिए सामान बेचने की इजाजत नहीं देता. कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप किसी फर्जी या AI जनरेटेड अकाउंट को एक असली इंसान की तरह पेश करके मार्केटिंग कर रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर ग्राहकों को धोखा देना है. ORL ने यूरोपीय संघ के डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) नियामक के पास एक रिपोर्ट दर्ज कराई है और Temu के इन फर्जी इन्फ्लुएंसर अकाउंट्स की जांच करने की मांग की है.

क्या AI और बोट्स बदल रहे हैं डिजिटल मार्केटिंग का चेहरा?
यह पूरा मामला सिर्फ Temu तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात की ओर इशारा करता है कि डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया किस दिशा में जा रही है. आजकल AI टूल्स, ऑटोमेटेड अकाउंट्स और परफॉरमेंस ऑप्टिमाइजेशन सिस्टम्स इतने एडवांस्ड हो चुके हैं कि फर्जी अकाउंट्स बनाना और उनसे लाखों व्यूज पाना चुटकियों का काम हो गया है. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि Temu खुद इन फर्जी अकाउंट्स को बना रहा था या फिर किसी थर्ड पार्टी मार्केटिंग एजेंसी ने Temu को बेवकूफ बनाया है. लेकिन इस घटना ने पूरे ऑनलाइन शॉपिंग और सोशल मीडिया स्पेस में खतरे की घंटी जरूर बजा दी है.

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About the Author

Mohit Chaturvedi

Mohit Chaturvedi

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
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