SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

OpenAI में घुसा खतरनाक जासूस! सुपर इंटेलिजेंस की बातें रिकॉर्ड करने की थी साजिश, FBI निदेशक बोले- राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला

सैन फ्रांसिस्को में OpenAI के ऑफिस के मीटिंग रूम में खुफिया जासूसी डिवाइस मिलने से टेक जगत में हड़कंप मच गया है. अमेरिकी एजेंसी FBI ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुए सऊदी मूल के इंजीनियर को गिरफ्तार कर लिया है.

Written By Udbhav Tripathi
Published: Oct 14, 2026, 03:16 PM IST | Updated: Oct 14, 2026, 03:22 PM IST
Image Credit: OpenAI में हाई-टेक जासूसी!
Join

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI बनाने वाली दिग्गज कंपनी OpenAI के ऑफिस में कुछ ऐसा हुआ है, जिसने सबको हैरान कर दिया है. OpenAI के सैन फ्रांसिस्को स्थित ऑफिस में सबसे सेफ माने जाने वाले कॉन्फ्रेंस रूम में, जहां भविष्य की सुपर एंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी पर चर्चा होती थी, वहां एक बहुत ही एडवांस सीक्रेट जासूसी डिवाइस छुपा हुआ मिला है. जैसे ही सेफ्टी टीम की नजर टीवी के पीछे छिपे इस छोटे से रिकॉर्डर पर पड़ी, अधिकारियों के होश उड़ गए. मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी FBI के डायरेक्टर को खुद सामने आकर इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला करार देना पड़ा.

OpenAI के सैन फ्रांसिस्को स्थित ऑफिस में एक छिपा हुआ रिकॉर्डिंग डिवाइस मिलने के बाद कंपनी ने अपने एक कर्मचारी को नौकरी से बाहर कर दिया है. कंपनी के अनुसार, इसकी सूचना FBI को दे दी गई है और जांच में एजेंसी का सहयोग किया जा रहा है. Fortune की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में 35 साल के सऊदी नागरिक अब्दुलरहमान अल्फोजान को गिरफ्तार भी कर लिया गया है, जिस पर आरोप है कि उसने कंपनी के कॉन्फ्रेंस हॉल में चोरी छिपे से बातचीत रिकॉर्ड करने वाला डिवाइस फिट किया था.

FBI के अनुसार, बीते 30 सितंबर को OpenAI की टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी टीम को यह डिवाइस मिला था. इसे कॉन्फ्रेंस रूम में टीवी के पीछे USB पोर्ट में फिट किया गया था. डिवाइस को टॉयलेट पेपर के एक टुकडे से छिपा दिया गया था, जिससे यह आसानी से किसी को दिखाई न दे. जांचकर्ताओं का कहना है कि इसमें रिकॉर्डिंग, ऑडियो की निगरानी और डेटा भेजने जैसे फीचर्स थे, साथ ही साथ इसमें एन्क्रिप्शन की सुविधा भी थी.

OpenAI ने क्या कहा?

इस पूरे मामले को लेकर OpenAI ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी है. कंपनी ने X पर बताया कि उसने अपने ही एआई मॉडल की सहायता से इस डिवाइस को समझने और यह जानने का प्रयास किया है, कि इसे ऑफिस में किसने फिट किया था. कंपनी के मुताबिक, जांच में एक कर्मचारी की पहचान हुई, जिसने कथित तौर पर कुछ दिन पहले इसे वहां लाया गया था.

ओपनएआई ने कहा कि इस मामले को लेकर उसने FBI को जानकारी दे दी है और उसे सौंप भी दिया है. गिरफ्तारी के लिए जांच एजेंसी, सरकारी वकीलों की कार्रवाई की तारीफ कंपनी ने की. OpenAI ने यह भी साफ कर दिया है कि FBI की जांच अभी चल रही है और कंपनी पूरी तरह से सहयोग कर रही है.

OpenAI के अनुसार, अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं सामने आया है कि संबंधित कर्मचारी ने कंपनी के AI मॉडल के वजन, सोर्स कोड या ग्राहकों के डेटा तक गलत तरीके से पहुंच बनाई हो या इन्हें किसी के पास भेजा हो. लेकिन, यह साफ नहीं है कि रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाने के पीछे उसका मकसद क्या था.

बैठकों को निशाना बनाने का आरोप

FBI के मुताबिक, जिस कॉन्फ्रेंस रूम में डिवाइस मिला, वहां कंपनी की प्राइवेट रिसर्च, नए प्रोडक्ट की प्लानिंग, कारोबारी अवसरों और रणनीतिक फैसलों पर बात-चीत होती थी. जांच एजेंसी को शक है कि डिवाइस का इस्तेमाल इन बैठकों की बातचीत गुप्त रूप से रिकॉर्ड करने के लिए किया जा सकता था. FBI डायरेक्टर काश पटेल ने इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुडा बताया. उन्होंने कहा कि शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कर्मचारी ने अपनी कंपनी के एक सीनियर अधिकारियों के कॉन्फ्रेंस रूम में छिपा रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाया था, जिससे सुपरइंटेलिजेंस तकनीक से जुडी संवेदनशील बातचीत को रिकॉर्ड किया जा सके.

(ये भी पढ़ेंः आपके घर में घुस चुका है 'खूनी' AI? फ्रिज और टीवी में पनप रहा है 'डिजिटल शैतान'!)

आरोपी को हो सकती है पांच साल तक की जेल

अधिकारियों के मुताबिक, अल्फोजान को 9 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया. उन पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए लोगों की बातचीत को उनकी जानकारी के बिना सुनने या ऐसा करने की कोशिश करने का आरोप है. दोषी साबित होने पर उन्हें पांच साल तक की जेल हो सकती है. शिकायत में यह भी कहा गया है कि डिवाइस मिलने के बाद गिरफ्तारी तक OpenAI ने FBI के साथ काम किया. इस दौरान कर्मचारी की कंपनी के सिस्टम तक पहुंच सीमित की गई और जांच के लिए सबूत जुटाए गए. रिपोर्ट के मुताबिक, CCTV फुटेज और दूसरे सबूतों से भी आरोपी का संबंध जोड़े जाने की बात कही गई है.

(ये भी पढ़ेंः समय का सबसे बड़ा गद्दार! घड़ियों से गायब होने जा रहा है 1 सेकंड, आखिर क्यों वैज्ञानिक लेना चाहते हैं लीप सेकंड' की बलि?)

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

उद्भव त्रिपाठी जी न्यूज डिजिटल में सब एडिटर हैं. वह जुलाई 2025 में जी न्यूज से जुड़े. साइंस और ऑटो-टेक की खबरें लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं. उन्होंने अब तक Samsung, Realme और  Vivo जैसे स्मार्टफोन्स के रिव्यू किए हैं. 2025 के बिहार चुनाव में इन्होंने लाइव खबरें चलाई थी जो लोगों को काफी पसंद आई थी. इनकी खबरें काफी भरोसेमंद होती हैं. इससे पहले वे हरिभूमि में काम कर चुके हैं. जहां उन्होंने टेक, एक्सप्लेनर और देश दुनिया पर भी काम किया. इनकी पढ़ाई की बात करें तो इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मॉस कम्यूनिकेशन में PG कर रखा है. अगर आपको इनसे बात करनी है, तो आप udbhavtripaathi@gmail.com पर जुड़ सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES