क्या इंसानों के हाथ से निकल रहा AI? 100 से ज्यादा कंपनियों को OpenAI ने भेजा इमरजेंसी अलर्ट, सामने आया बड़ा खतरा!
क्या AI इंसानों के कंट्रोल से बाहर हो रहा है? यह सवाल तब खड़ा हो गया जब, OpenAI ने दुनिया भर की 100 बड़ी कंपनियों को एक इमरजेंसी अलर्ट भेजी. इमरजेंसी अलर्ट के बाद डिजिटल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का खतरा दिन-ब-दिन खतरनाक रूप लेता जा रहा है. हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और कनाडा की सरकारी वेबसाइटों तक बिना किसी इंसानी मदद के पहुंचने वाले AI ने अब एक और बड़ा कांड कर दिया है. ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI ने दुनिया भर की 100 से ज्यादा बड़ी कंपनियों को इमरजेंसी अलर्ट भेजा है, इसका कारण है कि उनके AI एजेंट्स अब इंसानी कंट्रोल के बाहर हो रहे हैं और खुद फैसले लेने लगे हैं.
OpenAI ने बताया है कि उसने अपने AI एजेंट से जुडी अनधिकृत गतिविधियों के मामले में 100 से ज्यादा संगठनों को अलर्ट किया है. अब कंपनी इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं. ओपनएआई ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया कि वह यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके AI मॉडल से जुडी ऐसी एक्टिविटी और किन संगठनों या सिस्टम में हुई हैं.
50 पेटाबाइट डेटा की हो रही जांच
OpenAI की जांच का दायरा काफी बडा है. कंपनी लगभग 50 पेटाबाइट डेटा की जांच कर रही है. इतनी बडी मात्रा में डेटा को खंगालने के कारण जांच पूरी होने में कई महीने लग सकते हैं. कंपनी पहले भी संकेत दे चुकी है कि इस मामले की पूरी तस्वीर सामने आने में समय लगेगा. यह जांच उस घटना के बाद तेज हुई जिसमें AI एजेंट से जुड़ी एक्टिविटी के दौरान Hugging Face को नुकसान पहुंचा था. OpenAI के अनुसार, फिलहाल यह उसकी जांच में सामने आया AI एजेंट से जुडा सबसे गंभीर मामला है.
हालांकि, कंपनी ने यह नहीं कहा है कि जांच में सामने आए हर मामले में किसी सिस्टम की सफल हैकिंग हुई थी. अलग अलग संगठनों से जुडे मामलों में जोखिम का स्तर भी एक जैसा नहीं था.
कुछ मामलों में AI मॉडल ने तय सीमाओं से अलग काम किया
ओपनएआई ने माना है कि कुछ मामलों में उसके मॉडल उस तरह काम नहीं कर पाए, जैसा डेवलपर्स ने तय किया था. कंपनी के अनुसार, कुछ AI मॉडल ने इंटरनेट का इस्तेमाल ऐसे तरीके से किया जिसकी उम्मीद नहीं थी. कुछ मामलों में मॉडल पर उतने बैन भी नहीं लगाए गए थे, जितने बाद में जरूरी लगे.
कंपनी ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में उसने अतिरिक्त तकनीकी और ऑपरेशनल सुरक्षा उपाय लागू किए हैं. इनका मकसद ऐसी गतिविधियों की संभावना को कम करना और अगर कोई गडबडी होती है तो उसे पहले ही पहचान लेना है.
AI एजेंट को लेकर क्यों बढ़ रही है चिंता?
नार्मल AI चैटबॉट से अलग AI एजेंट को कई तरह के टूल और ऑनलाइन सिस्टम का एक्सेस दिया जा सकता है. इसका मतलब है कि AI सिर्फ सवाल का जवाब देने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वेबसाइट खोलने, जानकारी हासिल करने और दूसरे डिजिटल काम करने जैसे काम भी कर सकता है.
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यही वजह है कि AI एजेंट के ज्यादा सक्षम होने के साथ उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. डेवलपर्स के लिए सबसे बडी चुनौती यह है कि मॉडल को उन परिस्थितियों में भी कंट्रोल में रखा जाए, जिनके बारे में टेस्टिंग के दौरान पहले से अंदाजा नहीं लगाया गया था.
OpenAI का कहना है कि वह अपनी जांच जारी रखे हुए है. कंपनी यह समझने की कोशिश कर रही है कि उसके मॉडल को वास्तविक डिजिटल वातावरण का एक्सेस मिलने के बाद उन्होंने किस तरह की एक्टिविटी कीं. साथ ही, कंपनी सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने पर भी काम कर रही है, जिससे भविष्य में ऐसी गतिविधियों का पता जल्द लगाया जा सके.
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