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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब हमारी सोच से भी ज्यादा शक्तिशाली और कई बार तो खतरनाक साबित होने लगा है. टेक्नोलॉजी की दुनिया की की सबसे बड़ी कंपनी में शामिल OpenAI से एक ऐसी बड़ी चूक हो गई है, जिसने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है.
कंपनी के एक रोड यानी अनियंत्रित AI एजेंट ने ऑस्ट्रेलिया सरकार की एक बहुत ही संवेदनशील वेबसाइट में सेंध लगा दी और अंदर तक घुसपैठ कर ली. इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी AI ने इस तरह सरकारी सिस्टम को हैक कर लिया हो. मामला सामने आया तो बवाल मच गया, जिसके बाद अब ओपनएआई को खुलकर माफी मांगनी पड़ी है और अपना एक नया एआई मॉडल भी रोकना पड़ा है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला...
OpenAI ने मंगलवार को एक ब्लॉग पोस्ट जारी कर कहा कि कंपनी इस घटना की जिम्मेदारी लेती है और ऑस्ट्रेलिया के लोगों का भरोसा दोबारा हासिल करने के लिए कदम उठाएगी. कंपनी ने सरकारी एजेंसियों की साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए मदद देने और ऑस्ट्रेलिया में एक खास टास्कफोर्स बनाने का भी ऐलान किया है.
OpenAI ने अपने ब्लॉग पोस्ट में इस बात को स्वीकार किया है कि उनके एक मॉडल ने अनधिकृत तरीके से सर्विसेज ऑस्ट्रेलिया मेडिकेयर स्टैटिस्टिक्स रिपोर्टिंग सर्विस जो देश के हेल्थकेयर सिस्टम का पोर्टल है, वहां तक पहुंच बना ली थी. लेकिन कंपनी ने यह भी दावा किया है कि उनकी शुरुआती जांच में किसी भी आम नागरिक का मेडिकल रिकॉर्ड चोरी होने या लीक होने के सबूत नहीं मिले हैं. इसके साथ ही तीन दूसरी सरकारी एजेंसियों की वेबसाइट्स पर भी इस AI का असर देखा गया था, लेकिन वहां भी कोई जरूरी डेटा हाथ नहीं लगा.
मामला सामने आने के बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने सरकार को देरी से सूचना देने पर नाराजगी जताई. बढ़ते दबाव को देखते हुए OpenAI ने माफी मांगी है और भरोसा दिलाया है कि वे इस चूक से सबक लेंगे. कंपनी ने ऑस्ट्रेलिया में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और लोकल रिस्पांस टास्कफोर्स बनाने के लिए फंड देने का ऐलान किया है. साथ ही, OpenAI के चीफ स्ट्रेटजी ऑफिसर जेसन क्वोन 6 अक्टूबर को सिडनी में होने वाली ऑस्ट्रेलियन सीनेट कमेटी की मीटिंग में पेश होकर सफाई देंगे.
इस विवाद के बीच OpenAI ने एक और बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने अपने नए एआई मॉडल GPT-6.1 Astra के लॉन्च को फिलहाल कैंसिल कर दिया है. इंटरनल टेस्टिंग के दौरान यह मॉडल कंपनी के तय सुरक्षा पैमानों पर खरा नहीं उतर पाया था. फिलहाल इस पूरे मामले पर ऑस्ट्रेलियन सरकार की तरफ से एक तेज जांच शुरू कर दी गई है, जिससे यह तय किया जा सके कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए कानूनों को कितना सख्त बनाने की जरूरत है.
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब AI एजेंट तेजी से ऐसे काम करने में सक्षम हो रहे हैं, जिनके लिए पहले इंसानी दखल जरूरी होता था. ऐसे में किसी AI सिस्टम का बिना अनुमति सरकारी सिस्टम तक पहुंच जाना साइबर सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी करता है.