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AI का बड़ा कारनामा! बिना बताए अमेरिकी सरकारी वेबसाइटों में जा घुसे OpenAI के एजेंट्स, मचा हड़कंप!

AI एजेंट्स को इंटरनेट का एक्सेस मिलने के साथ उनकी क्षमताएं लगातार बढ़ती ही जा रही है, लेकिन इससे नए-नए खतरे भी पैदा हो रहे हैं. ताजा मामला सामने आया है, जहां OpenAI के कुछ AI एजेंट्स अमेरिकी सरकारी वेबसाइटों तक पहुंच गए.

Written By Udbhav Tripathi
Published: Sep 27, 2026, 06:06 AM IST | Updated: Sep 27, 2026, 06:13 AM IST
Image Credit: क्या बेकाबू हो रहे हैं एआई मॉडल्स?
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की बढ़ती शक्ति के बीच इससे सामने आने वाले खतरों की चिंता सामने आती रहती है. टेक एक्सपर्ट्स से लेकर एआई कंपनी के CEO भी AI की लगातार बढ़ती शक्ति को लेकर सवाल उठा चुके हैं. इसी बीच एआई ने कुछ ऐसा कर दिया है, जिससे यह चिंता और भी ज्यादा बढ़ गई है. यह मामला OpenAI के AI एजेंट को लेकर हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, ओपनएआई के कुछ AI एजेंट ने इस गर्मी में अमेरिका की सरकारी वेबसाइटों के साथ ऐसा व्यवहार किया, जिसकी जानकारी उस समय कंपनी को भी नहीं थी. इनमें अमेरिकी शिक्षा विभाग, वाणिज्य विभाग और सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन यानी SEC से जुड़ी वेबसाइटें शामिल हैं.

यह जानकारी न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में सामने आई है. रिपोर्ट में सेफ्टी रिसर्चर्स और मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के हवाले से बताया गया है कि OpenAI के मॉडल ने कुछ थर्ड पार्टी वेबसाइटों के साथ अपनी तय जिम्मेदारी से आगे जाकर बातचीत किए.

OpenAI ने दो मामलों की पुष्टि की

इस मामले के सामने आने के बाद खुद OpenAI ने वाणिज्य विभाग और SEC से जुड़ी घटनाओं की पुष्टि की है. कंपनी का कहना है कि वह इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह देखने की कोशिश हो रही है कि आखिर ऐसा कैसे हुआ.

क्या बोले ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन?

OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बात को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि कंपनी उन सभी मामलों की जांच कर रही है जिनमें एआई एजेंट्स को इंटरनेट का एक्सेस दिया गया था. ऑल्टमैन ने माना कि जितनी तेजी से इस पर काम होना चाहिए था, उतनी रफ्तार हम नहीं पकड़ पाए.

सैम ने पोस्ट में लिखा कि हमारे एजेंट्स जब ट्रेनिंग और इवैल्यूएशन के दौरान इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे थे, तो उससे जुड़े मामलों की एक लंबी और गहरी जांच चल रही है. पेटाबाइट्स में मौजूद एजेंट्स के एक्टिविटी लॉग्स को खंगालना आसान नहीं है, लेकिन हम पारदर्शिता और सही जानकारी जुटाने के बीच संतुलन बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.

AI एजेंट ने वेबसाइटों पर क्या किया?

OpenAI ने कहा है कि अब तक जिन गतिविधियों की रिव्यू किया गया है, उनमें ज्यादातर नार्मल रिसर्च से जुड़ी थीं. जैसे AI एजेंट सवालों के जवाब देने के लिए इंटरनेट पर मौजूद पब्लिक जानकारी का सहारा ले रहे थे.

लेकिन, कुछ मामलों में एजेंट ने थर्ड पार्टी वेबसाइटों के साथ अपनी तय सीमा से आगे जाकर काम किया. OpenAI इसी तरह के मामलों की गंभीरता के आधार पर जांच कर रही है. कंपनी का कहना है कि अभी तक सामने आए ज्यादातर मामले कम गंभीर पाए गए हैं. इनमें थर्ड पार्टी वेबसाइटों पर किसी बड़े असर का सीमित या कोई सबूत नहीं मिला है.

OpenAI ने बताया कि अगर उसके मॉडल ने किसी थर्ड पार्टी की सुरक्षा व्यवस्था को पार किया हो, किसी ऑनलाइन सर्विस की उपलब्धता प्रभावित की हो या वेबसाइट पर किसी तरह का निगेटिव असर डाला हो, तो संबंधित संस्था को इसकी जानकारी दी जा रही है. कंपनी का कहना है कि अब तक सामने आए ज्यादातर मामले कम गंभीरता वाले हैं और इनसे थर्ड-पार्टी की सर्विस पर कोई बड़ा बुरा असर पड़ने के सबूत नहीं मिले हैं.

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जिनकी वेबसाइट्स पर असर पड़ा, उन्हें दी जा रही है जानकारी

OpenAI का कहना है कि अगर उनके मॉडल्स की वजह से किसी थर्ड-पार्टी की वेबसाइट के सिक्योरिटी कंट्रोल्स बायपास हुए हैं या सर्विस पर कोई असर पड़ा है, तो उन कंपनियों और विभागों को जानकारी दी जा रही है. कंपनी ने अब तक दर्जनों ऐसे संस्थानों को नोटिफिकेशंस भेजे हैं. साथ ही, कंपनी ने यह भी साफ किया है कि किसी थर्ड-पार्टी को नोटिस मिलने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि कोई बहुत बड़ा सिक्योरिटी खतरा पैदा हो गया था. OpenAI प्रभावित संगठनों के साथ लगातार डेटा और टेक्निकल जानकारियां शेयर कर रहा है जिससे वे भी अपने स्तर पर पूरी जांच कर सकें.

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About the Author

उद्भव त्रिपाठी जी न्यूज डिजिटल में सब एडिटर हैं. वह जुलाई 2025 में जी न्यूज से जुड़े. साइंस और ऑटो-टेक की खबरें लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं. उन्होंने अब तक Samsung, Realme और  Vivo जैसे स्मार्टफोन्स के रिव्यू किए हैं. 2025 के बिहार चुनाव में इन्होंने लाइव खबरें चलाई थी जो लोगों को काफी पसंद आई थी. इनकी खबरें काफी भरोसेमंद होती हैं. इससे पहले वे हरिभूमि में काम कर चुके हैं. जहां उन्होंने टेक, एक्सप्लेनर और देश दुनिया पर भी काम किया. इनकी पढ़ाई की बात करें तो इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मॉस कम्यूनिकेशन में PG कर रखा है. अगर आपको इनसे बात करनी है, तो आप udbhavtripaathi@gmail.com पर जुड़ सकते हैं.
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