SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

AI से फोटो एडिट करवाना कहीं भारी न पड़ जाए! OpenAI के एजेंट ने लीक कर दीं 53 यूजर्स की तस्वीरें, वेबसाइटों पर पहुंचीं इमेज

OpenAI के एआई एजेंट्स ने यूजर्स की 53 प्राइवेट तस्वीरें गलती से बाहरी वेबसाइटों पर लीक कर दी हैं. इस बड़ी चूक ने टेक जगत में खलबली मचा दी है, जिससे यूजर्स की डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

Written By Udbhav Tripathi
Published: Sep 27, 2026, 02:10 PM IST | Updated: Sep 27, 2026, 02:15 PM IST
Image Credit: 53 यूजर्स की तस्वीरें लीक
Join

क्या आपने कभी यह सोचा है कि आप जिस AI से अपनी बातें शेयर कर रहे हैं, अपनी पर्सनल तस्वीरें एडिट करवा रहे हैं, वो तस्वीरें इंटरनेट पर लीक हो सकती हैं? एआई के खतरों के बीच कुछ ऐसा ही हुआ है. OpenAI के एआई एजेंट्स से जुड़ी एक ऐसी चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरी टेक इंडस्ट्री में हड़कंप मचा दिया है. OpenAI  के AI एजेंट्स से यूजर्स की तरफ से दी गई 53 तस्वीरें गलती से बाहरी इमेज होस्टिंग वेबसाइटों तक पहुंच गईं. कंपनी की एक छोटी सी चूक ने यूजर्स की पर्सनल प्राइवेसी पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है.

इस मामले को लेकर OpenAI ने यह माना है कि उसके AI एजेंट्स से यूजर्स से प्राप्त 53 तस्वीरें गलती से दूसरी इमेज होस्टिंग वेबसाइटों तक पहुंच गईं. इन तस्वीरों के लिंक ऐसे थे, जिन्हें आम तौर पर इंटरनेट पर सर्च करके आसानी से नहीं पाया जा सकता था, लेकिन जिसके पास लिंक था, वह तस्वीर को देख सकता था.

OpenAI ने अपने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया कि अब तक ऐसे 53 मामले सामने आए हैं, जिनमें यूजर की तरफ से दी गई तस्वीरें ऐसे लिंक के जरिए पोस्ट हुईं, जिन्हें पब्लिक सर्च के लिए नहीं बनाया गया था. कंपनी ने यह साफ नहीं किया है कि इन तस्वीरों में असली लोग थे या ये AI से बनाई गई तस्वीरें थीं. यह भी नहीं बताया गया है कि ये तस्वीरें पहली बार कब ऑनलाइन पहुंचीं.

ओपनएआई के अनुसार, ज्यादातर तस्वीरें अब हटा दी गई हैं. बाकी तस्वीरों को हटाने के लिए भी OpenAI संबंधित होस्टिंग कंपनियों से संपर्क करने का प्रयास कर रहा है.

आखिर तस्वीरें बाहर कैसे पहुंचीं?

OpenAI अपने AI मॉडल को एडवांस बनाने के लिए यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल करता है. इसके लिए डेटा से डिटेल्स हटाने की कोशिश की जाती है. यानी नाम, मेटाडेटा और ऐसी दूसरी जानकारी हटाई जाती है, जिससे किसी व्यक्ति की पहचान हो सके.

लेकिन, यह प्रोसेस हमेशा पूरी तरह सही नहीं होती. रॉयटर्स से बात करने वाले रिसर्चर्स ने भी कहा कि डेटा को प्रोसेस करते समय कोई छोटी सी जानकारी छूट सकती है. इसके अलावा AI एजेंट किसी काम को पूरा करने के दौरान ऐसी जगह तक भी पहुंच सकता है, जहां उसे नहीं जाना चाहिए. यही वजह है कि AI एजेंट्स के गलत तरीके से काम करने के मामले अब लगातार चर्चा में हैं.

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

यह पहली बार नहीं है जब OpenAI के AI एजेंट्स को लेकर ऐसा मामला सामने आया है. जुलाई में कंपनी के AI एजेंट्स ने एक टेस्ट के दौरान अपने तय लिमिट से बाहर जाकर Hugging Face नाम की AI कोड रिपॉजिटरी तक पहुंच बनाने की कोशिश की थी.

इसके बाद अब OpenAI से जुड़े AI एजेंट्स के अमेरिकी सरकारी वेबसाइटों पर जाने की खबरें भी सामने आईं. इनमें SEC और सेंसस ब्यूरो जैसी सरकारी वेबसाइटें शामिल थीं. एक मामले में शिक्षा विभाग की सिविल राइट्स वेबसाइट तक पहुंच बनाने की कोशिश भी की गई थी, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हुआ.

रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ओपनएआई के एक अंदरूनी अनुमान में लगभग दो दर्जन ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें उसके AI एजेंट्स ने उम्मीद से अलग या अनचाहा व्यवहार किया. कंपनी पुराने एक्टिविटी लॉग की जांच कर रही है और यह संख्या आगे बढ़ सकती है.

सिर्फ OpenAI ही नहीं, दूसरी कंपनियां भी चिंता में

AI एजेंट्स के इस तरह अपने तय दायरे से बाहर जाने की समस्या सिर्फ OpenAI तक सीमित नहीं है. एंथ्रोपिक, गूगल और मेटा ने भी अपने AI सिस्टम में इसी तरह के अनचाहे व्यवहार के मामले सामने आने की जानकारी दी है. AI एजेंट ऐसे सिस्टम होते हैं जो सिर्फ सवालों के जवाब देने के बजाय खुद कई कदम उठाकर किसी काम को पूरा कर सकते हैं. यही क्षमता उन्हें उपयोगी और असरदार बनाती है, लेकिन अगर कोई एजेंट गलत जगह पहुंच जाए या उसे मिले निर्देशों को गलत तरीके से समझ ले, तो प्राइवेसी और सुरक्षा से जुड़ी समस्या पैदा हो सकती है.

(ये भी पढ़ेंः आपकी बैटरी में अब नमक है...लिथियम का मिला तोड़, पुणे के वैज्ञानिकों ने बनाई Salt Battery, समझिए कैसे करेगी काम?)

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

उद्भव त्रिपाठी जी न्यूज डिजिटल में सब एडिटर हैं. वह जुलाई 2025 में जी न्यूज से जुड़े. साइंस और ऑटो-टेक की खबरें लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं. उन्होंने अब तक Samsung, Realme और  Vivo जैसे स्मार्टफोन्स के रिव्यू किए हैं. 2025 के बिहार चुनाव में इन्होंने लाइव खबरें चलाई थी जो लोगों को काफी पसंद आई थी. इनकी खबरें काफी भरोसेमंद होती हैं. इससे पहले वे हरिभूमि में काम कर चुके हैं. जहां उन्होंने टेक, एक्सप्लेनर और देश दुनिया पर भी काम किया. इनकी पढ़ाई की बात करें तो इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मॉस कम्यूनिकेशन में PG कर रखा है. अगर आपको इनसे बात करनी है, तो आप udbhavtripaathi@gmail.com पर जुड़ सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES