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Online Shopping Rules 2027: 1 जनवरी 2027 से बदलने जा रहे हैं शॉपिंग ऐप के 9 नियम, अब नहीं चलेगा नकली डिस्काउंट का खेल!

सरकार ने Consumer Protection (E-Commerce) Rules, 2020 में बड़े बदलाव किए हैं. 1 जनवरी 2027 से ऑनलाइन शॉपिंग पर नकली डिस्काउंट, हिडन चार्जेस और फेक सर्च रिजल्ट्स का खेल पूरी तरह खत्म हो जाएगा. जानिए 9 बड़े बदलाव जो आपको फायदा पहुंचाएंगे.

Written By Mohit Chaturvedi
Published: Sep 15, 2026, 07:59 AM IST | Updated: Sep 15, 2026, 08:02 AM IST
Image Credit: New Online Shopping Rules 2027
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क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आपने ऑनलाइन कोई सामान देखा, उस पर 70% का धांसू डिस्काउंट मिला, और आपने तुरंत खरीद लिया? फिर बाद में पता चला कि भाई, असली कीमत तो बढ़ी हुई MRP पर सेट की गई थी! अगर आपके साथ भी ऐसा धोखा हुआ है, तो समझ लीजिए कि आपके अच्छे दिन आने वाले हैं. भारत सरकार ने Consumer Protection (E-Commerce) Rules, 2020 में जबरदस्त अमेंडमेंट यानी सुधार कर दिए हैं. 1 जनवरी 2027 से आपकी पसंदीदा ऑनलाइन शॉपिंग ऐप्स जैसे Amazon, Flipkart और दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर 9 नए और कड़े नियम लागू होने वाले हैं. इन नियमों का सीधा मकसद आपको नकली डिस्काउंट, फालतू हिडन चार्जेस और सर्च रिजल्ट्स के हेरफेर से बचाना है. चलिए एकदम सिंपल हिंदी में समझते हैं कि 2027 से आपकी ऑनलाइन शॉपिंग में क्या-क्या बदलने जा रहा है.

1. अब असली वाले Prior Price का चलेगा पता
अक्सर शॉपिंग ऐप्स पर सेल के दौरान किसी सामान का दाम अचानक बढ़ाकर दिखाया जाता है और फिर उस पर बड़ा सा डिस्काउंट चिपका दिया जाता है. नए नियम के मुताबिक, अब कंपनियों को डिस्काउंट के साथ-साथ 'Prior Price' भी साफ-साफ दिखाना होगा. Prior Price का मतलब है कि पिछले 30 दिनों में उस प्रोडक्ट का सबसे कम दाम क्या था. इससे आपको तुरंत समझ आ जाएगा कि आपको वाकई में फायदा मिल रहा है या सिर्फ आंखों का धोखा है.

2. सर्च रिजल्ट्स के साथ नहीं होगी छेड़छाड़
जब आप किसी ऐप पर कुछ सर्च करते हैं, तो कई बार वो प्रोडक्ट सबसे ऊपर आ जाते हैं जिन्हें कंपनियां बेचना चाहती हैं, न कि वो जो आपके लिए सही हैं. 2027 से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स सर्च रिजल्ट्स में हेरफेर नहीं कर पाएंगे. जो आप ढूंढ रहे हैं, आपको वही सही और रिलेवेंट रिजल्ट मिलेगा.

3. Sponsored Products पर अलग से लगेगा ठप्पा
आप जब भी कुछ सर्च करते हैं, तो लिस्ट में कई प्रोडक्ट्स ऐसे होते हैं जिनके लिए सेलर ने ऐप को पैसे दिए होते हैं यानी वो 'Paid Listings' होती हैं. नए नियम के तहत अब कंपनियों को स्पॉन्सर्ड या ऐड वाले प्रोडक्ट्स पर एकदम क्लियर लेबल लगाना होगा ताकि आपको समझ आ सके कि क्या ऑर्गेनिक रिजल्ट है और क्या पैसे देकर दिखाया जा रहा है.

4. Dark Patterns का होगा सालाना ऑडिट
कई बार ऐप्स आपको धोखे से ऐसी चीजें खरीदने या सब्सक्राइब करने पर मजबूर कर देती हैं, जिन्हें आप नहीं चाहते. इसे 'Dark Pattern' कहते हैं. सरकार ने साफ कर दिया है कि कंपनियों को 2023 की डार्क पैटर्न गाइडलाइंस को फॉलो करना ही होगा. इतना ही नहीं, हर साल कंपनियों को खुद अपना ऑडिट करना पड़ेगा और उसका कंप्लायंस सर्टिफिकेट ऐप पर दिखाना होगा.

5. आपको मिलेगी अपनी कम्प्लेंट की लिखित कॉपी
अगर आपको शॉपिंग के दौरान कोई खराबी मिलती है या रिफंड नहीं मिलता, और आप ऐप पर शिकायत दर्ज करते हैं, तो अब तक आपको सिर्फ एक टोकन नंबर मिलता था. 2027 से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स का ग्रीवेंस ऑफिसर आपको आपकी शिकायत की पूरी रिकॉर्डेड कॉपी देगा. इससे आपके पास पूरा सबूत रहेगा कि आपने कब और क्या शिकायत की थी.

6. National Consumer Helpline (NCH) से सीधे जुड़ेंगे प्लेटफॉर्म्स
अब कंपनियां आपकी शिकायतों को पेंडिंग में नहीं डाल सकतीं. सरकार ने सभी ई-कॉमर्स ब्रांड्स को नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन यानी NCH के कन्वर्जेंस प्रोसेस का पार्टनर बनने को कहा है. इसका मतलब यह हुआ कि आपकी शिकायत सीधे देश के कंज्यूमर रेड्रेसल सिस्टम से जुड़ जाएगी और कंपनियों को आपकी बात जल्दी सुननी पड़ेगी.

7. प्रोडक्ट और सेलर की पूरी कुंडली दिखेगी सामने
अब किसी सामान को खरीदने से पहले आपको उसकी आधी-अधूरी जानकारी से संतोष नहीं करना पड़ेगा. ऐप्स को अब प्रोडक्ट की Best-Before Date, रिटर्न और रिफंड पॉलिसी, वारंटी, डिलीवरी टाइम और पेमेंट डिटेल्स एकदम साफ शब्दों में लिखनी होगी. इससे गलत सामान घर आने का रिस्क खत्म हो जाएगा.

8. हिडन चार्जेस और इम्पोर्टेड प्रोडक्ट्स पर लगेगी लगाम
अक्सर चेकआउट करते समय कई एक्स्ट्रा चार्जेस जुड़ जाते हैं जिनका कोई तुक नहीं होता. नए रूल्स के बाद कंपनियां बिना वजह के अनरिलेटेड चार्जेस को बंडल करके आपसे नहीं वसूल सकतीं. इसके अलावा, अगर आप कोई विदेशी या इम्पोर्टेड सामान खरीद रहे हैं, तो सेलर को उस सामान का कंट्री ऑफ ओरिजिन और इम्पोर्टर की पूरी डिटेल देनी होगी.

9. आपके पर्सनल डेटा पर आपका ही कंट्रोल होगा
क्या आपने कभी नोटिस किया है कि किसी चीज के बारे में सोचो या सर्च करो और ऐप आपको वही सामान बार-बार दिखाने लगती है? नए अमेंडमेंट के अनुसार, ई-कॉमर्स कंपनियां आपके पर्सनल डेटा का इस्तेमाल अपने मनपसंद सेलर या अपने खुद के प्रोडक्ट्स को प्रमोट करने के लिए बिना आपकी परमिशन के नहीं कर सकती हैं.

यह सारे बदलाव 1 जनवरी 2027 से लागू हो जाएंगे. सरकार के इस फैसले से ई-कॉमर्स की दुनिया में पारदर्शिता आएगी और कंज्यूमर्स को उनका असली अधिकार मिलेगा. अब कोई भी ऐप आपको बिना आपकी मर्जी के बेवकूफ नहीं बना पाएगी.

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About the Author

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
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