हवाई जहाजों और एविऐशन (Aviation) की दुनिया में इन दिनों एक ही खबर की सबसे ज्यादा चर्चा है. स्पेस एजेंसी नासा (NASA) ने एक ऐसा सस्पेंस पैदा कर दिया है जिसने वैज्ञानिकों से लेकर आम युवाओं तक की नींद उड़ा दी है. ऑल-इन समिट के दौरान नासा के चीफ जेरेड आइजैकमैन (Jared Isaacman) ने एक प्रेजेंटेशन दी. इस प्रेजेंटेशन की स्क्रीन पर एक रहस्यमयी प्लेन की परछाई (Silhouette) नजर आई. इस प्लेन का लुक देखते ही लोगों को इतिहास के सबसे तेज उड़ने वाले जासूसी प्लेन 'SR-71 Blackbird' की याद आ गई. आइए जानते हैं कि आखिर नासा बैकग्राउंड में ऐसा कौन सा खतरनाक मिशन तैयार कर रहा है.
रहस्यमयी तस्वीर और ऑल-इन समिट का ड्रामा
लॉस एंजिल्स में हुए ऑल-इन समिट के दौरान नासा चीफ जेरेड आइजैकमैन अपनी बात रख रहे थे. तभी स्क्रीन पर पीछे एक एयरक्राफ्ट की डार्क इमेज दिखाई दी. इस इमेज के साथ लिखा था 'Rebuilding our X-plane portfolio'. इस प्लेन का डिजाइन बिल्कुल वैसा ही दिख रहा था जैसे 1960 के दशक का आइकॉनिक SR-71 ब्लैकबर्ड हुआ करता था. जब शो के होस्ट चमाथ पालिहापितिया ने पूछा कि क्या यह वाकई ब्लैकबर्ड है तो आइजैकमैन ने हंसते हुए जवाब दिया 'क्या आपको पक्का यकीन है कि यह ब्लैकबर्ड ही है.'

'हाई एंड फास्ट' उड़ने की नई जिद
नासा चीफ के इस मजाकिया जवाब ने सस्पेंस को और गहरा कर दिया. उन्होंने आगे कहा कि नासा अब एक बार फिर से 'बहुत ऊंचा और बहुत तेज' (High and Fast) उड़ने के बिजनेस में वापस लौट रहा है. नासा का प्लान प्राइवेट कंपनियों और इंडस्ट्री के साथ मिलकर ऐसे एयरफ्रेम और नए इंजन बनाने का है जो पलक झपकते ही आसमान की ऊंचाइयों को छू सकें. हालांकि नासा ने अभी यह खुलकर नहीं कहा है कि स्क्रीन पर दिख रहा प्लेन वास्तव में बन रहा है या यह सिर्फ एक शुरुआती कॉन्सेप्ट है.
आखिर क्या होता है यह X-Plane
युवाओं के मन में सवाल आ सकता है कि नॉर्मल प्लेन और नासा के X-Plane में क्या फर्क होता है. दरअसल एक्स-प्लेन ऐसे एक्सपेरिमेंटल एयरक्राफ्ट होते हैं जिनका काम सवारी ढोना नहीं होता. इन्हें सिर्फ नई टेक्नोलॉजी टेस्ट करने के लिए बनाया जाता है. जैसे कि कोई नया शेप हवा में कैसा बर्ताव करता है या कोई नया इंजन अत्यधिक स्पीड पर कैसे काम करता है. जब एक्स-प्लेन के टेस्ट सफल हो जाते हैं तो उस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भविष्य के कमर्शियल या मिलिट्री जेट्स में किया जाता है.
नासा की नई और एडवांस लैब
नासा अपने इस नए मिशन को लेकर कितना गंभीर है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं. नासा ने अपनी लैंगली रिसर्च सेंटर (Langley Research Center) में एक ब्रांड न्यू 'फ्लाइट डायनेमिक्स रिसर्च फैसिलिटी' शुरू की है. यह पिछले 40 सालों में नासा का पहला इतना बड़ा और नया विंड टनल है. इसका इस्तेमाल भविष्य के एक्स-प्लेन ड्रोन और स्पेसक्राफ्ट की टेस्टिंग के लिए किया जाएगा.
X-59 से भी आगे की सोच
फिलहाल नासा के पास 'X-59 QueSST' नाम का एक काफी पॉपुलर एक्सपेरिमेंटल प्लेन पहले से है. इसे लॉकहीड मार्टिन कंपनी के साथ मिलकर बनाया गया है. लेकिन X-59 का मुख्य मकसद सिर्फ शांत तरीके से सुपरसोनिक स्पीड में उड़ना है. यानी जब वो आवाज की रफ्तार से तेज उड़े तो जमीन पर तेज धमाका (Sonic Boom) न हो. लेकिन समिट में दिखी नई तस्वीर यह इशारा करती है कि नासा अब सिर्फ आवाज की रफ्तार तक सीमित नहीं रहना चाहता. वह उससे भी कहीं ज्यादा खतरनाक स्पीड और ऊंचाई हासिल करना चाहता है.
क्यों खास था पुराना SR-71 Blackbird
जिस प्लेन से इस नए डिजाइन की तुलना हो रही है वह अमेरिकन एयरफोर्स का legend प्लेन SR-71 Blackbird था. यह प्लेन 1964 में पहली बार उड़ा था. यह करीब 85,000 फीट की ऊंचाई पर Mach 3.2 (ध्वनि की गति से 3 गुना तेज) की स्पीड से उड़ सकता था. इसकी स्पीड इतनी ज्यादा थी कि अगर कोई दुश्मन इस पर मिसाइल दागता तो यह प्लेन अपनी स्पीड के दम पर मिसाइल से भी आगे निकल जाता था. नासा अब इसी तरह की एक्सट्रीम परफॉर्मेंस को दोबारा हासिल करना चाहता है.
क्या नए प्लेन को बनाना इतना आसान है
आवाज या ब्लैकबर्ड से भी तेज उड़ना कोई बच्चों का खेल नहीं है. जब कोई प्लेन इतनी भयानक स्पीड से उड़ता है तो हवा के घर्षण (Friction) की वजह से उसकी बॉडी पर बेहद खतरनाक गर्मी पैदा होती है. साधारण मेटल पिघल सकते हैं. इसके अलावा ऐसे प्लेन के लिए बिल्कुल अलग किस्म के जेट इंजनों की जरूरत होती है. इसलिए नासा को एयरफ्रेम और प्रोपल्शन (इंजन) दोनों को बिल्कुल नए सिरे से डिजाइन करना होगा.
क्या यह नया रहस्यमयी प्लेन हाइपरसोनिक होगा
जब कोई चीज साउंड की स्पीड से 5 गुना तेज (Mach 5) उड़ती है तो उसे 'हाइपरसोनिक' कहा जाता है. अभी तक नासा ने यह कन्फर्म नहीं किया है कि यह रहस्यमयी एक्स-प्लेन हाइपरसोनिक होगा या नहीं. लेकिन आइजैकमैन के बयानों से साफ जाहिर होता है कि नासा पुरानी पीढ़ी से भी काफी आगे निकलना चाहता है. फिलहाल सच जो भी हो लेकिन इस रहस्यमयी तस्वीर ने पूरी दुनिया के एविऐशन लवर्स को काफी एक्साइटेड कर दिया है.