जुकरबर्ग को बड़ा झटका! यूजर्स के पर्सनल डेटा पर उठा सवाल, कोर्ट ने Meta पर ठोका ₹2,36,000 करोड़ का फाइन
मार्क जुकरबर्ग की कंपनी Meta को डेटा प्राइवेसी मामले में बड़ा झटका लगा है. अमेरिका के न्यू मैक्सिको की कोर्ट ने फेसबुक यूजर्स को डेटा के इस्तेमाल से जुड़ी सही जानकारी नहीं देने के मामले में कंपनी पर 25 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया है.
मेटा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर एक बड़ा सवाल फिर खड़ा हो गया है. मार्क जुकरबर्ग की कंपनी Meta को अमेरिका के न्यू मैक्सिको राज्य में 25 अरब डॉलर यानी लगभग 2.36 लाख करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है. मामला यूजर्स को उनके डेटा की सुरक्षा और उसके इस्तेमाल के बारे में सही जानकारी नहीं देने से जुड़ा है. इस फैसले के बाद कंपनी की डेटा प्राइवेसी पॉलिसी पर चर्चा तेज हो गई है. मेटा का यह फैसला डेटा प्राइवेसी को लेकर एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को न्यू मैक्सिको के एक जज ने यह आदेश दिया. इससे तीन सप्ताह से ज्यादा समय पहले जूरी ने माना था कि Meta ने यूजर्स को गुमराह किया. मामले में आरोप था कि कंपनी ने फेसबुक यूजर्स को यह ठीक से नहीं बताया कि उनकी प्राइवेसी तक किन लोगों और कंपनियों की पहुंच हो सकती है.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2018 में सामने आए कैंब्रिज एनालिटिका विवाद से जुड़ा है. ब्रिटेन की राजनीतिक सलाहकार कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका पर आरोप था कि उसने लाखों फेसबुक यूजर्स का पर्सनल डेटा उनकी परमिशन के बिना हासिल किया था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस डेटा का इस्तेमाल लोगों की राजनीतिक पसंद को समझने और चुनावी अभियानों के दौरान उन्हें टारगेट करने के लिए किया गया. इसमें डोनाल्ड ट्रंप के 2016 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान का मामला भी शामिल था.
न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल ने 2021 में Meta के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. आरोप लगाया गया कि कंपनी को पता था कि तीसरे पक्ष के पास यूजर्स के डेटा तक काफी हद तक पहुंच थी, लेकिन लोगों को इससे जुड़े जोखिमों के बारे में सही जानकारी नहीं दी गई.
जज ने क्यों लगाया इतना बड़ा जुर्माना?
रॉयटर्स के अनुसार, जज फ्रांसिस मैथ्यू ने अपने आदेश में कहा कि फेसबुक की गलतियां कई साल तक जारी रहीं और कंपनी ने बड़े स्तर पर लोगों को गुमराह किया. जज के अनुसार, यह मामला फेसबुक के बिजनेस तौर तरीकों से जुड़ा हुआ है. आदेश में यह भी कहा गया कि राज्य के कानून के तहत जुर्माने की रकम 219 अरब डॉलर से ज्यादा हो सकती थी. लेकिन, जज ने इसे कमकर 25 अरब डॉलर कर दिया.
न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज ने इस जुर्माने को अमेरिकी इतिहास में किसी कंपनी पर लगाए गए सबसे बड़े आर्थिक दंडों में से एक बताया है.
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Meta फैसले के खिलाफ करेगी अपील
Meta ने कोर्ट के फैसले का विरोध किया है और कहा है कि वह इसके खिलाफ अपील करेगी. कंपनी का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से न्यू मैक्सिको में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म चलाना मुश्किल हो सकता है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, Meta के कानूनी अधिकारी सी. जे. महोनी ने कहा कि इस फैसले और अटॉर्नी जनरल के कार्रवाई करने के तरीके से राज्य में कारोबार करना लगभग असंभव हो जाएगा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुकदमे के जरिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लोगों की बात कहने के तरीके को लेकर नए नियम लागू करने की कोशिश की जा रही है.
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