अगर आपको भी हर छोटे-छोटे काम के लिए अलग-अलग ऐप्स खोलने में परेशानी होती है, तो आपकी यह परेशानी दूर होने वाली है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल तो अब भारत में भी बड़ी संख्या में लोग कर रहे हैं. ऑफिस के कामों से लेकर मन में आने वाले सवालों के जवाब के लिए लोग AI का इस्तेमाल कर रहे हैं. अब मेटा एक नया फीचर ला रहा है, जो न सिर्फ आपके सवालों का जवाब देगा, बल्कि आपके इशारे पर आपके सारे जरूरी काम खुद करेगा.
मेटा ने अपना पर्सनल AI एजेंट Muse को जल्द ही भारत में लॉन्च कर सकता है, अभी यह अमेरिका में काम कर रहा है. यह सिर्फ आपके सवालों का जवाब देने तक सीमित नहीं है, बल्कि आपके कहने पर कई काम खुद करने की कोशिश करता है. Muse की खास बात यह है कि यह एक नार्मल चैटबॉट की तरह सिर्फ जानकारी देकर रुकता नहीं है. इसे इस तरह तैयार किया गया है कि यह इंटरनेट पर सर्च करने, दूसरे ऑप्शन्स की तुलना करने, फॉर्म भरने, टिकट बुक करने, डॉक्यूमेंट बनाने और ऑनलाइन खरीदारी जैसे कई कामों में आपकी मदद करेगा. खास बात यह भी है कि कुछ कामों को शुरू करने के बाद यह आपके लिए आगे भी काम करता रह सकता है.
Meta Muse को एक पर्सनल AI एजेंट के तौर पर पेश कर रही है. सरल शब्दों में समझें तो आप इसे अपना डिजिटल हेल्पर मान सकते हैं. आप इसे कोई काम बताएंगे और यह उस काम को पूरा करने के लिए जरूरी कदम खुद उठाने का प्रयास करेगा. जैसे- अगर आपको किसी स्पेशल डेट पर सस्ती फ्लाइट सर्च करना होगा, तो आप Muse से कह सकते हैं कि वह अलग अलग ऑप्शन देखे और कम कीमत वाली फ्लाइट सर्च करे. इसी तरह यह कैलेंडर और ईमेल जैसी सेवाओं से जुडकर आपके काम को व्यवस्थित करने में भी हेल्प कर सकता है.
Muse की एक खासियत यह है कि इसके लिए हर बार अलग AI ऐप ओपन करने की जरूरत नहीं होगी. Meta ने इसे WhatsApp के साथ भी कनेक्ट किया है. यानी यूजर WhatsApp पर किसी इंसान से चैट करने की तरह ही Muse को मैसेज कर सकता है और अपना काम बता सकता है. इससे उन लोगों के लिए AI का इस्तेमाल आसान हो सकता है जो अलग अलग AI ऐप इस्तेमाल करने के बजाय WhatsApp पर ही अपने ज्यादातर काम करना पसंद करते हैं.
Muse Instagram के साथ भी काम कर सकता है. Instagram पर यह कैसे काम करेगा, आइए एक उदाहरण से समझते हैं- मान लीजिए आपने Instagram पर कोई रेसिपी सेव की है. Muse उस रेसिपी को देखकर आपके लिए जरूरी सामान की एक ग्रॉसरी लिस्ट तैयार करने में हेल्प कर सकता है. यह एआई सिर्फ लिस्ट बनाने तक सीमित नहीं है. Meta के अनुसार Muse यूजर की तरफ से दी गई जानकारी का इस्तेमाल भी कर सकता है. जैसे किसी प्रोग्राम में आने वाले मेहमानों की खाने से जुड़ी पसंद या जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयारी में हेल्प करना.
हां, Muse ऑनलाइन स्टोर पर सामान खोजने और खरीदारी पूरी करने में भी मदद कर सकता है. इसके लिए Meta ने Stripe की Link पेमेंट सर्विस को शुरू किया है. कंपनी के अनुसार Link एक बार इस्तेमाल होने वाला कार्ड तैयार करता है, जिससे असली कार्ड की जानकारी सीधे दुकानदार तक नहीं पहुंचती.
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Muse आपकी मर्जी के बिना हर काम कर देगा. खरीदारी करने, मैसेज भेजने या किसी कनेक्टेड सेवा के साथ जानकारी शेयर करने जैसे कामों से पहले यह आपकी परमिशन मांग सकता है.
इतनी सारी सर्विस से जुड़ने के बाद प्राइवेसी का सवाल सबसे जरूरी हो जाता है. प्राइवेसी को लेकर मेटा का कहना है कि Muse एक अलग वर्चुअल मशीन के जरिए काम करता है और इसमें कई सेफ्टी लेयर्स लगाए गए हैं. यूजर अपनी कनेक्टेड सर्विस को अलग कर सकता है और किए गए कामों पर नजर भी रख सकता है. Meta ने यह भी कहा है कि Muse के वातावरण में होने वाली बातचीत और डेटा को उसके विज्ञापन सिस्टम के साथ शेयर नहीं किया जाता है.