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अब कार से लेकर फ्रिज तक में लगेंगे अपने देश के सेमीकंडक्टर, दुनिया की सबसे बड़ी कंसल्टिंग फर्म्स के बॉस ने बता दी भारत के 'सुपरपावर' बनने की पूरी इनसाइड स्टोरी

भारत में सेमीकंडक्टर क्रांति की शुरुआत हो चुकी है. BCG के सीनियर एग्जीक्यूटिव और सरकार की रिपोर्ट से जानिए कैसे 1.27 लाख करोड़ का निवेश भारत को टेक सुपरपावर बना रहा है.

अब कार से लेकर फ्रिज तक में लगेंगे अपने देश के सेमीकंडक्टर, दुनिया की सबसे बड़ी कंसल्टिंग फर्म्स के बॉस ने बता दी भारत के 'सुपरपावर' बनने की पूरी इनसाइड स्टोरी
Image Credit: India semiconductor play

क्या आपने कभी गौर किया है कि आपके हाथ में दिन-रात रहने वाला स्मार्टफोन, आपके कमरे का स्मार्ट TV या सड़कों पर दौड़ने वाली कारें असल में चलती कैसे हैं? इन सब गैजेट्स के पीछे एक ही चीज का दिमाग होता है - एक छोटी सी सिलिकॉन चिप, जिसे 'सेमीकंडक्टर' कहा जाता है. इसे आप आज की दुनिया की सबसे बड़ी ताकत समझ सकते हैं. अब तक इस मार्केट पर चीन और ताइवान जैसे देशों का एकतरफा कब्जा था, लेकिन अब यह गेम पूरी तरह पलटने वाला है. भारत अब सिर्फ बाहर से चिप्स मंगवाकर यूज नहीं करेगा, बल्कि इन्हें अपने देश में खुद बनाएगा.

बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) के टॉप एग्जीक्यूटिव अंकुश वढेरा और हमारे आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव का कहना है कि भारत के लिए सेमीकंडक्टर की दुनिया में कदम रखने का इससे बेहतर समय कोई हो ही नहीं सकता. तो चलिए जानते हैं कि यह पूरा मामला क्या है, चीन को इससे क्या मिर्ची लगी है और सबसे बड़ी बात - आपके करियर और जेब पर इसका क्या असर पड़ने वाला है.

भारत क्यों बनने जा रहा है टेक की दुनिया का नया किंग?
आज की डेट में इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की डिमांड आसमान छू रही है. भारत की बात करें तो दुनिया की कुल आबादी का 20 परसेंट यानी पांचवां हिस्सा हमारे यहां रहता है. आज का यूथ सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक डिजिटल दुनिया में बिजी रहता है. चाहे इंस्टा पर रील्स स्क्रॉल करना हो, हैवी गेमिंग करनी हो, ऑनलाइन पढ़ाई हो या बिंज वॉच करना हो - हर काम के लिए गैजेट्स चाहिए.

BCG के एक्सपर्ट अंकुश वढेरा का बहुत सिंपल गणित है. उनका कहना है कि जब दुनिया की 20 परसेंट चिप्स अकेले भारत के लोग इस्तेमाल कर रहे हैं, तो फिर हम इन्हें दूसरे देशों से क्यों खरीदें? हम इन्हें अपने यहां क्यों न बनाएं? बस इसी सोच के साथ भारत अब चिप्स का खरीददार नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को बेचने वाला यानी एक्सपोर्टर बनने की रेस में उतर चुका है.

ग्लोबल कंपनियों के लिए भारत क्यों बन गया है सबसे सेफ ठिकाना?
इस समय दुनिया की पॉलिटिक्स और बिजनेस में काफी अफरा-तफरी का माहौल है. चीन और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी की वजह से बड़ी-बड़ी टेक कंपनियां अब किसी एक देश पर पूरी तरह डिपेंड नहीं रहना चाहतीं. ऐसे में हर कोई एक सुरक्षित विकल्प ढूंढ रहा है और भारत उनके लिए सबसे बेस्ट और सेफ ठिकाना बनकर उभरा है.

भारत के संबंध दुनिया के लगभग हर बड़े देश के साथ बेहतरीन हैं. हमारे कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTAs) भी हैं. इसके अलावा भारत की जो ग्लोबल इमेज और सॉफ्ट पावर बनी है, उसने विदेशी कंपनियों का दिल जीत लिया है. यही वजह है कि एपल से लेकर दुनिया की बड़ी-बड़ी टेक कंपनियां अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स भारत में शिफ्ट कर रही हैं. भारत के पास अपनी ताकत दिखाने का यह सबसे परफेक्ट टाइम है.

1.27 लाख करोड़ का बजट: सरकार का वो मास्टरस्ट्रोक जिससे सब बदल जाएगा
देश में चिप बनाने का माहौल तैयार करने के लिए भारत सरकार ने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' (ISM) शुरू किया था. इसके पहले चरण (ISM 1.0) ने मार्केट में एक बढ़िया शुरुआत की और कंपनियों को भारत की तरफ आकर्षित किया.

इसके बाद सरकार ने इसका दूसरा फेज यानी ISM 2.0 लॉन्च कर दिया. इस बार सरकार ने कोई छोटा-मोटा बजट नहीं, बल्कि 1.27 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम फंड तय किया है. इस मास्टरप्लान के तहत सरकार सिर्फ चिप जोड़ने (असेंबली) का काम नहीं करेगी, बल्कि चिप को डिजाइन करने से लेकर, उसकी मैन्युफैक्चरिंग, मशीनरी और लगने वाले रॉ-मटीरियल तक - हर चीज भारत में ही बनाएगी. सरकारी रिपोर्ट्स की मानें तो इस दूसरे फेज के आते ही विदेशी और भारतीय इनवेस्टर्स ने करीब 1 लाख करोड़ रुपये इन्वेस्ट करने का मन बना लिया है.

टाटा और दुनिया की दिग्गज कंपनियों की भारत में अरबों डॉलर की एंट्री
भारत के इस प्लान को देखकर दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों ने भारत में पैसा लगाना शुरू कर दिया है. हाल ही में कुछ बहुत बड़े सौदे फाइनल हुए हैं:

Applied Materials: अमेरिका की इस दिग्गज कंपनी ने भारत में 2035 तक 5 बिलियन डॉलर (लगभग 40 हजार करोड़ रुपये) लगाने का प्लान बनाया है.

Lam Research: इस कंपनी ने भी भारत में 10,000 करोड़ रुपये के इनवेस्टमेंट का प्रपोजल दिया है.

टाटा का मेगा प्लान: गुजरात के ढोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स 363 एकड़ की बहुत बड़ी जमीन पर वेंडर पार्क बना रही है, जहां चिप्स से जुड़ा हर सामान बनेगा.

Fujifilm: जापान की इस मशहूर कंपनी ने भी सेमीकंडक्टर मटीरियल बनाने के लिए 800 करोड़ रुपये का प्लांट लगाने का ऐलान कर दिया है.

ये सारे बड़े आंकड़े इस बात का सबूत हैं कि अब दुनिया को भारत की काबिलियत पर पूरा भरोसा हो चुका है.

AI का नया तूफान और चिप्स की रिकॉर्ड तोड़ डिमांड
आजकल आप हर जगह AI यानी आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का नाम सुन रहे होंगे. चैटजीपीटी से लेकर एआई फोटो और वीडियो टूल्स तक, सब कुछ बहुत तेजी से बदल रहा है. कुछ लोगों का सोचना था कि एआई सेफ्टी को लेकर जो बहसें चल रही हैं, उससे शायद इस सेक्टर की स्पीड धीमी पड़ जाएगी.

लेकिन BCG के अंकुश वढेरा का मानना है कि ये बातें सिर्फ रास्ते के 'स्पीड ब्रेकर' हैं, कोई 'स्टॉप साइन' यानी रेड लाइट नहीं हैं. एआई को चलाने के लिए बहुत तगड़ी कंप्यूटिंग पावर, GPUs और मेमोरी चिप्स की जरूरत होती है. जैसे-जैसे एआई का इस्तेमाल बढ़ेगा, इन सिलिकॉन चिप्स की मांग रिकॉर्ड तोड़ तेजी से बढ़ेगी. यानी आने वाले टाइम में एआई और सेमीकंडक्टर का यह कनेक्शन और भी ज्यादा मजबूत होने वाला है.

कार, टीवी से लेकर फ्रिज तक... अब हर जगह धड़केगा मेड इन इंडिया का दिल
हमारे आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव का कहना है कि भारत का सपना सिर्फ बड़े-बड़े सुपरकंप्यूटर्स के लिए चिप बनाना नहीं है. सरकार का लक्ष्य है कि आम इंसान जो रोजमर्रा की चीजें यूज करता है - जैसे आपकी कार, घर का स्मार्ट टीवी, फ्रिज और यहां तक कि बिजली का ढांचा (पावर इंफ्रास्ट्रक्चर) - उन सब में भारत में बनी चिप्स का इस्तेमाल हो.

देश में 5 बड़ी सेमीकंडक्टर यूनिट्स का काम लगभग पूरा हो चुका है और वे बहुत जल्द प्रोडक्शन शुरू करने वाली हैं. शुरुआत में जो लोग भारत के इस प्लान पर शक कर रहे थे, अब उनका मुंह पूरी तरह बंद हो चुका है.

भारतीय यूथ के लिए बड़ा मौका: अब भारत में ही बनेंगे अगले Intel और Qualcomm
यह पूरी सेमीकंडक्टर क्रांति भारत के युवाओं के लिए करियर का सबसे सुनहरा मौका लेकर आई है. आईटी मिनिस्टर का दावा है कि भारत के युवाओं के पास वो टैलेंट और दिमाग है कि आने वाले कुछ ही सालों में हमारे देश के स्टार्टअप्स खुद के 'Qualcomm' और 'Intel' जैसे टेक जाइंट्स खड़े कर देंगे.

चिप डिजाइनिंग, कोडिंग, टेस्टिंग से लेकर फैक्ट्री मैन्युफैक्चरिंग तक - यूथ के लिए लाखों की तादाद में हाई-पेइंग जॉब्स और बिजनेस के नए मौके तैयार हो रहे हैं. अब वो जमाना गया जब भारतीय इंजीनियर्स को काम के लिए विदेश जाना पड़ता था, अब दुनिया भारत आएगी और भारत पूरी टेक दुनिया पर राज करेगा.

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About the Author

Mohit Chaturvedi

Mohit Chaturvedi

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
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