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सर्दियां आते ही हम एयर कंडीशनर को कवर डालकर पैक कर देते हैं. ठंड आते ही जैसे ही प्रदूषण बढ़ता है तो लोग अलग-अलग जुगाड़ करने लगते हैं. जैसे एयर प्यूरिफायर खरीदना या फिर घर को पैक कर देना. लेकिन जिसको आपने पैक किया है, यानी एसी, उससे भी प्रदूषण को कम किया जा सकता है. बस आपको एक सही ट्रिक अपनानी है जिससे ठंड भी नहीं लगेगी और बिजली का बिल भी पंखे जितना ही आएगा.
सर्दियों में दीवार पर टंगे AC का सही इस्तेमाल
जैसे ही ठंड का मौसम आता है, घर का एयर कंडीशनर पूरी तरह से आराम की स्थिति में चला जाता है. लेकिन सर्दियों के दिनों में जब बाहर धूल, धुंध और स्मॉग जमने लगता है, तब यह बंद पड़ा AC आपके बहुत काम आ सकता है. दरअसल हर स्प्लिट AC कमरे की हवा को अंदर खींचता है और उसे अपने फिल्टर से गुजारकर वापस बाहर फेंकता है. इसका मतलब यह हुआ कि AC में लगी जाली हवा में मौजूद धूल, मिट्टी और जानवरों के बाल जैसी बड़ी चीजों को आसानी से रोक लेती है. आपको बस इतना करना है कि बिना कूलिंग चालू किए इसका पंखा चलाना है.
रिमोट का यह बटन दबाते ही बदल जाएगा खेल
अगर आप सोच रहे हैं कि सर्दियों में AC चलाने से ठंडी हवा आएगी, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है. हर स्प्लिट AC के रिमोट में एक 'Fan Mode' होता है. इस मोड पर ध्यान देंगे तो रिमोट की स्क्रीन पर एक छोटे से पंखे का सिंबल दिखाई देगा. जैसे ही आप मोड बटन दबाकर पंखे वाले सिंबल पर सेट करते हैं, AC का कंप्रेसर बंद रहता है. कंप्रेसर ही वह हिस्सा है जो सबसे ज्यादा बिजली खींचता है और हवा को ठंडा करता है. जब कंप्रेसर बंद रहेगा तो सिर्फ अंदर की ब्लोअर मोटर चलेगी जो कमरे की हवा को फिल्टर से गुजारती रहेगी. इससे न तो कमरा ठंडा होगा और न ही आपको ठंड लगेगी.
बिजली का बिल आएगा बिल्कुल ना के बराबर
बहुत से लोगों को लगता है कि AC ऑन होते ही बिजली का मीटर तेजी से भागने लगेगा. लेकिन फैन मोड पर चलाने का गणित बहुत सीधा और सस्ता है. जब AC का कंप्रेसर चलता है तो वह करीब 1000 से 1500 वॉट तक बिजली खर्च करता है. लेकिन जब सिर्फ अंदर का पंखा चलता है तो यह महज 40 से 100 वॉट की बिजली ही लेता है. अगर आप AC के पंखे को रोजाना 8 घंटे भी चलाते हैं तो महीने भर में सिर्फ 15 यूनिट बिजली ही खर्च होगी. अगर आप नॉर्मल बिजली रेट से हिसाब लगाएं तो महीने का खर्च सिर्फ 100 से 120 रुपये के बीच आएगा, जो कि एक नॉर्मल छत वाले पंखे के खर्च के बराबर ही है.
इस्तेमाल से पहले फिल्टर की सफाई है बहुत जरूरी
पूरे सीजन गर्मी में चलने के बाद आपके AC के फिल्टर में काफी धूल जम चुकी होती है. गंदे फिल्टर के साथ अगर आप फैन मोड चलाएंगे तो हवा साफ होने के बजाय उल्टी बदबू आ सकती है. इसलिए इस्तेमाल शुरू करने से पहले AC का फ्रंट पैनल ऊपर उठाएं और जाली वाले फिल्टर को बाहर निकालें. इसे हल्के गुनगुने पानी और साबुन से अच्छे से धो लें. धोने के बाद इसे धूप में सुखाने के बजाय छांव में पूरी तरह सूखने दें और वापस लगा दें. पॉल्यूशन वाले हफ्तों में हर 15 दिन में इस फिल्टर को निकालकर साफ करते रहें. अगर आपके AC में अलग से PM2.5 फिल्टर लगा है तो मैनुअल देखकर चेक कर लें कि उसे धोना है या बदलना है.
क्या यह महंगे एयर प्यूरिफायर का मुकाबला कर सकता है?
यहां एक बात साफ समझ लेना बहुत जरूरी है कि AC का नॉर्मल जाली वाला फिल्टर बड़े धूल के कणों को तो आसानी से रोक लेता है, लेकिन यह कोई HEPA फिल्टर नहीं है. यानी जो बहुत बारीक कण होते हैं और AQI को लाल निशान तक पहुंचाते हैं, उन्हें नॉर्मल AC फिल्टर पूरी तरह से नहीं रोक पाता. अगर आपके पास नया AC मॉडल है जिसमें कंपनी ने इन-बिल्ट PM2.5 फिल्टर दिया है तो वह ज्यादा बेहतर काम करेगा. हालांकि एक असली एयर प्यूरिफायर जितना असरदार यह नहीं हो सकता, फिर भी यह कमरे की आधी से ज्यादा धूल और गंदगी को साफ कर देता है.
कमरे को बंद रखें और ऐसे लें ताजा हवा
अगर आप AC के जरिए हवा साफ कर रहे हैं तो कमरे की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें. स्प्लिट AC बाहर से ताजी हवा अंदर नहीं खींचता, बल्कि कमरे की अंदरूनी हवा को ही बार-बार री-सर्कुलेट करके साफ करता है. इसलिए अगर कमरा बंद रहेगा तो वही हवा बार-बार फिल्टर से होकर बिल्कुल साफ होती रहेगी. हालांकि दिन में जब बाहर धूप निकले या पॉल्यूशन थोड़ा कम लगे, तो कुछ देर के लिए खिड़की खोलकर ताजी हवा कमरे में आने दें ताकि ऑक्सीजन का लेवल बना रहे.
कम बजट में रूम एयर क्वालिटी सुधारने का बेस्ट तरीका
अगर आपके पास नया एयर प्यूरिफायर खरीदने का बजट नहीं है या आप एक्स्ट्रा खर्चा नहीं करना चाहते, तो यह तरीका सबसे बेस्ट और टिकाऊ है. इस सर्दी अपने AC को सिर्फ एक शोपीस बनाकर न छोड़ें, बल्कि उसके फैन मोड का सही इस्तेमाल करके अपने और अपने परिवार के लिए साफ हवा का इंतजाम करें. इससे आपका AC भी चालू हालत में रहेगा और कमरा भी धूल-मिट्टी से मुक्त रहेगा.