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गर्मियों के मौसम में घर को ठंडा रखने वाला आपका AC अगर अचानक ठंडी हवा देना बंद कर दे या उसमें से गैस लीक हो जाए, तो सोचिए कितना गुस्सा आता है. ऊपर से जब रिपेयर करने वाला मैकेनिक आता है और हजारों रुपये का बिल हाथ में थमा देता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके लाख-डेढ़ लाख के AC को कबाड़ बनने से बचाने के लिए सिर्फ 200 से 300 रुपये का एक छोटा सा प्लास्टिक या फैब्रिक कवर ही काफी है. जी हां, बाहर छत या दीवार पर टंगे AC के आउटर यूनिट को अगर आप बिना कवर के बारिश और नमी में छोड़ देते हैं, तो धीरे-धीरे उसमें जंग लगने लगती है और अंदर की कॉपर पाइप गलकर गैस लीक कर देती है.
बाहर टंगे आउटर यूनिट पर कैसे लगता है जंग
हम अक्सर घर के अंदर लगे AC के इनडोर यूनिट की तो खूब सफाई करते हैं, लेकिन बाहर टंगे आउटर यूनिट को भूल जाते हैं. यह आउटर यूनिट दिन-रात धूप, धूल और बारिश की मार झेलता है. जब बारिश का पानी लगातार इसके मेटल की बॉडी पर गिरता है, तो नमी की वजह से उसमें धीरे-धीरे जंग यानी रस्ट लगने लगता है. यह जंग बिल्कुल दीमक की तरह होता है जो बाहर की लोहे की बॉडी को धीरे-धीरे गलाकर पूरी तरह से खत्म कर देता है. अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो कुछ ही महीनों में आउटर यूनिट का ढांचा गलकर नीचे गिरने की हालत में आ जाता है.
जंग की वजह से क्यों लीक होती है महंगी गैस
AC के आउटर यूनिट के अंदर तांबे यानी कॉपर की पतली-पतली पाइप्स और कॉइल्स लगी होती हैं. इन्हीं पाइप्स के अंदर से ठंडी हवा बनाने वाली गैस बहती है. जब बाहर की बॉडी पर जंग लगता है, तो वह जंग धीरे-धीरे अंदर की कॉपर पाइप्स तक पहुंच जाता है. नमी की वजह से कॉपर पर हरा-हरा फफूंद जैसा जमने लगता है जिससे पाइप्स कमजोर हो जाती हैं और उनमें बहुत छोटे-छोटे छेद हो जाते हैं. इन्हीं बारीक छेदों से AC की पूरी गैस उड़ जाती है और आपका AC सिर्फ पंखे जैसी सादी हवा फेंकने लगता है.
जंग और बॉडी खराब होने का खर्चा जान लीजिए
अगर आपके AC का आउटर यूनिट जंग खाकर खराब हो जाता है, तो उसकी सिर्फ बाहर की लोहे की बॉडी या ढांचा बदलवाने में ही 2,000 से लेकर 5,000 रुपये तक का खर्चा आ जाता है. यह खर्चा इस बात पर डिपेंड करता है कि आपका AC कितने टन का है और कितना ज्यादा नुकसान हुआ है. बिना किसी वजह के सिर्फ एक ढक्कन या कवर न लगाने की वजह से जेब से 5 हजार रुपये निकल जाना कोई छोटी बात नहीं है.
गैस भरवाने और कंप्रेसर का झटका
अगर पाइप में छेद होने की वजह से गैस निकल जाती है, तो 1.5 टन के स्प्लिट AC में दोबारा गैस भरवाने का खर्चा लगभग 2,500 से 4,000 रुपये तक आता है. बात यहीं खत्म नहीं होती, अगर गैस लीक हो गई और आपको पता नहीं चला व आप बिना गैस के ही AC चलाते रहे, तो इससे आपके AC का मुख्य दिल यानी कंप्रेसर जल सकता है. अगर एक बार कंप्रेसर खराब हो गया, तो उसे ठीक कराने या नया लगवाने में 8,000 रुपये या उससे भी ज्यादा का बड़ा झटका लग सकता है. यानी एक छोटी सी लापरवाही से आपका 10 से 12 हजार का चूना तय है.
रेन कवर खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
बाजार में या ऑनलाइन शॉपिंग ऐप पर AC के आउटर यूनिट के लिए बहुत सारे रेन कवर मिलते हैं. लेकिन कोई भी कवर खरीदने से पहले आपको कुछ बातें ध्यान में रखनी होंगी. हमेशा ऐसा कवर चुनें जो आपकी AC कंपनी के मॉडल पर एकदम फिट बैठे. सबसे जरूरी बात यह है कि कवर ऐसा होना चाहिए जो पानी को तो रोके, लेकिन हवा के आने-जाने का रास्ता बंद न करे. अगर आप AC चलाते समय कवर को आगे से नहीं हटाएंगे या हवा रुक जाएगी, तो कंप्रेसर ओवरहीट होकर बंद पड़ जाएगा या जल जाएगा. इसलिए जब AC इस्तेमाल न हो रहा हो या भारी बारिश हो रही हो, तभी सही तरीके से कवर का इस्तेमाल करें.
मेंटेनेंस भी है जरूरी
कवर लगाने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप अपने AC को भूल जाएं. कवर के साथ-साथ आपको समय-समय पर आउटर यूनिट की थोड़ी देखभाल भी करनी होगी. बारिश के मौसम के बाद आउटर यूनिट के पीछे लगे पंखों और कॉइल्स को साफ कपड़े या पानी की हल्की फुहार से साफ करते रहें. इसके अलावा यह भी चेक करें कि आउटर यूनिट के स्टैंड के आसपास या नीचे पानी जमा न हो रहा हो. अगर स्टैंड के पास पानी भरा रहेगा तो नीचे से जंग लगना शुरू हो जाएगा.
स्मार्ट बनने की जरूरत
एक 200-300 रुपये का वॉटरप्रूफ रेन कवर आपके AC की लाइफ को 4 से 5 साल बढ़ा सकता है. यह आपके कंप्रेसर को सुरक्षित रखता है, जंग नहीं लगने देता और गैस लीक की टेंशन को भी काफी हद तक खत्म कर देता है. तो अगर आपने अभी तक अपने AC के बाहर लगे यूनिट के लिए कवर नहीं खरीदा है, तो तुरंत खरीद लें और अपने गाढ़े पसीने की कमाई को मैकेनिक के हाथों में जाने से बचाएं.