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ज्यादातर लोग अपने AC की आउटर यूनिट को बिना किसी प्रोटेक्शन के खुले आसमान के नीचे छोड़ देते हैं. हमें लगता है कि जब AC चलना ही नहीं है, तो उसकी फिक्र क्यों करें. यहीं से शुरू होती है असली कहानी, जो गर्मियों में आपके होश उड़ा देती है. अगर आपने सर्दियों के इन महीनों में अपने AC पर ध्यान नहीं दिया, तो जब गर्मियों में आप उसे ऑन करेंगे, तो रिपेयरिंग वाले भैया को देखकर आपकी जेब खाली होना तय है. लेकिन घबराइए मत, क्योंकि सिर्फ 250 रुपये का एक छोटा सा जुगाड़ आपको हजारों के नुकसान से बचा सकता है.
आउटर यूनिट को सबसे ज्यादा नुकसान क्यों पहुंचता है?
नवंबर से फरवरी के बीच ज्यादातर शहरों में भयंकर प्रदूषण, कोहरा और धूल भरी हवाएं चलती हैं. जब ओस या बारिश की वजह से ये कण गीले होते हैं, तो वे सीमेंट की तरह जम जाते हैं. महीनों तक यह लेयर जमी रहती है और धीरे-धीरे खुले मेटल के हिस्सों और वायरिंग में जंग लगना शुरू हो जाता है. कबूतर अक्सर आउटर यूनिट के आस-पास अपना घोंसला बना लेते हैं या उस पर बैठते हैं. उनकी बीट इतनी एसिडिक होती है कि समय के साथ वह कॉइल की फिन्स और पेंट को पूरी तरह से खराब कर देती है.
बिना कवर के सीधे आपकी जेब पर कैसे डाका पड़ता है?
अगर आप पूरे जाड़े अपने AC की आउटर यूनिट को बिना ढके छोड़ देते हैं, तो गर्मियों में सीजन की पहली सर्विसिंग से काम नहीं चलने वाला. नॉर्मल सर्विसिंग तो 500 से 800 रुपये में हो जाती है, लेकिन जिस यूनिट की कॉइल्स पूरी तरह से चोक हो चुकी हों, उसमें जेट या केमिकल वॉश की जरूरत पड़ती है. इसका खर्च 1,000 से 1,500 रुपये तक पहुंच जाता है.
बात यहीं खत्म नहीं होती. अगर जंग लगने की वजह से कॉइल में गैस लीक हो गई, तो रेफ्रिजरेटर टॉप-अप और लीक रिपेयर का खर्चा सीधे 2,500 से 4,500 रुपये तक बैठता है. अगर ज्यादा नमी की वजह से आउटर पीसीबी (PCB) खराब हो गई, तो उसे बदलने में 3,000 से 8,000 रुपये लग सकते हैं. वहीं अगर कंडेंसर कॉइल ही बदलवानी पड़ गई, तो 10,000 रुपये या उससे ज्यादा का झटका लग सकता है. इन बड़े-बड़े खर्चों के मुकाबले Amazon या Flipkart पर मिलने वाला 250 रुपये का एक अदना सा कवर आपके हजारों रुपये बचा सकता है.
गर्मियों में बिजली का बिल भी कम करेगा यह 250 रुपये का कवर
जब कंडेंसर कॉइल पर महीनों की धूल और गंदगी जमी रहती है, तो वह अंदर की गर्मी को ढंग से बाहर रिलीज नहीं कर पाता है. इसकी वजह से कंप्रेसर पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है और उसे सेट तापमान तक पहुंचने के लिए बहुत देर तक काम करना पड़ता है. जब कंप्रेसर ज्यादा देर तक चलता है, तो बिजली की खपत भी रॉकेट की तरह ऊपर भागती है.
एक साफ-सुथरी कॉइल वाला AC बहुत जल्दी कूलिंग करता है और कंप्रेसर जल्दी बंद हो जाता है. गर्मियों में जब AC दिन के 8 से 10 घंटे चलता है, तब यह छोटा सा फर्क आपके मंथली बिजली के बिल में साफ नजर आता है. इसके अलावा सर्दियों में AC के मेन एमसीबी (MCB) को बंद कर देने से स्टैंडबाय पावर की जो जरा-सी खपत होती है, उसकी भी बचत हो जाती है.
सही कवर कैसे चुनें और किन बातों का रखें ध्यान?
हमेशा ऐसा वाटरप्रूफ और UV-resistant फैब्रिक चुनें जिसमें नीचे की तरफ ड्रॉस्ट्रिंग या इलास्टिक हो, ताकि तेज हवा या बारिश में भी कवर अपनी जगह से न हिले. ऐसे कवर्स जिनमें साइड में वेंट्स दिए गए हों, वे और भी अच्छे होते हैं क्योंकि इससे अंदर नमी इकट्ठी नहीं होती है. ज्यादातर अच्छे ऑप्शन आपको 200 से 600 रुपये के बीच मिल जाएंगे, और अगर आप इनडोर यूनिट के लिए भी कवर लेना चाहें तो उसका खर्च भी लगभग इतना ही आता है.
वो गलतियां जो आपकी सारी बचत पर पानी फेर सकती हैं
कवर पहनकर कभी भी AC न चलाएं: आउटर यूनिट को गर्मी बाहर निकालने के लिए खुली हवा की जरूरत होती है. अगर आप कवर पहने हुए ही AC ऑन कर देंगे, तो कुछ ही मिनटों में कंप्रेसर ओवरहीट होकर फुंक सकता है, जिसके लिए आपने कवर लगाया था, नुकसान उससे भी बड़ा हो जाएगा.
इस्तेमाल से पहले कवर हटाना न भूलें: गर्मियों में जब पहली बार AC चलाएं, तो उससे पहले कवर हटाना बिल्कुल न भूलें.
ढकने से पहले करें सफाई: आउटर यूनिट को ढकने से पहले उसे एक बार सूखे कपड़े से साफ जरूर कर लें, ताकि पहले से जमा गंदगी महीनों तक कॉइल पर चिपकी न रहे.
प्लास्टिक शीट का इस्तेमाल न करें: कभी भी पॉलीथिन बैग या पतली प्लास्टिक शीट को कवर के रूप में इस्तेमाल न करें. प्लास्टिक हवा और नमी को अंदर ही रोक लेता है, जिससे जंग लगने की प्रक्रिया और ज्यादा तेज हो जाती है.