अगर आप भी अपनी पेट्रोल कार का माइलेज बढ़ाने के लिए बाहर से लोकल CNG किट लगवाने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए. गुजरात के करजन में नेशनल हाईवे 48 पर जिंदल कंपनी के पास बने पेट्रोल-CNG पंप पर एक ऐसा खौफनाक हादसा हुआ है जिसने हर किसी का दिल दहला दिया है. पंप पर खड़े होकर जब कार में CNG भरी जा रही थी, तभी अचानक एक भयंकर धमाका हुआ और कार के परखच्चे उड़ गए. गनीमत यह रही कि नियम के मुताबिक गैस भरवाते वक्त कार के सभी पैसेंजर्स बाहर खड़े थे, जिससे बड़ा जानमाल का नुकसान टल गया. लेकिन वायरल वीडियो में साफ दिखा कि कार के बोनट से गैस भरी जा रही थी- यानी कार में CNG बाहर किसी लोकल मैकेनिक से लगवाई गई थी. आइए समझते हैं कि बाहर से CNG लगवाने के पीछे का सच क्या है और यह आपके लिए कितनी खतरनाक साबित हो सकती है.
गुजरात में CNG कार ब्लास्ट
गुजरात के करजन में हाईवे पर बने CNG पंप पर जो हुआ, उसने हर कार ओनर के रोंगटे खड़े कर दिए हैं. रोज की तरह गाड़ियां लाइन में खड़ी थीं और लोग गैस भरवा रहे थे. तभी एक कार में जैसे ही नोजल लगाया गया, एक जोरदार ब्लास्ट हुआ. धमाका इतना तेज था कि पूरी कार के पुर्जे और कांच कई मीटर दूर जाकर गिरे. पास खड़ी दो और गाड़ियों को भी भारी नुकसान पहुंचा. इस हादसे के बाद फायर ब्रिगेड और पुलिस को मौके पर आना पड़ा. लेकिन इस पूरी घटना ने एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है- आखिर यह ब्लास्ट हुआ क्यों?
કાર માં ગેસ પૂરતા સમયે ઘ્યાન રાખજો...વડોદરા કર્ણજ હાઇવે પર કાર માં CNG ભરાવતી વખતે બ્લાસ્ટ થયો… pic.twitter.com/Cp8Q6gtaon
— Parakramsinhjadeja (@PARAKRAMABP) October 3, 2026
बोनट खोलकर गैस भरने का कड़वा सच
हादसे के वीडियो में सबसे गौर करने वाली बात यह थी कि कार का बोनट खोलकर CNG भरी जा रही थी. जो लोग कार चलाते हैं, वे अच्छी तरह जानते हैं कि कंपनी फिटेड CNG कारों में गैस भरने का नोजल पीछे फ्यूल कैप के पास ही दिया होता है. लेकिन जब कोई व्यक्ति बाहर किसी लोकल दुकान से CNG किट लगवाता है, तो मैकेनिक अक्सर नोजल को इंजन के पास बोनट में फिट कर देते हैं. इसी लोकल फिटिंग और गलत प्रेशर के कारण यह खौफनाक धमाका हुआ.
लोग बाहर से CNG क्यों लगवाते हैं?
आज के दौर में पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं. ऐसे में अगर आपका डेली का ट्रैवल 40 से 50 किलोमीटर है, तो पेट्रोल पर जेब बहुत खाली होती है. यही वजह है कि लोग CNG की तरफ भागते हैं. CNG सस्ती भी पड़ती है और माइलेज भी ज्यादा देती है. लेकिन कंपनी फिटेड CNG गाड़ियां थोड़ी महंगी आती हैं. बस इसी चक्कर में कुछ लोग शोरूम से सस्ती पेट्रोल कार खरीद लेते हैं और बाद में चंद पैसे बचाने के लिए बाहर लोकल मैकेनिक से रेट्रोफिल्टेड CNG किट लगवा लेते हैं.
बाहर से CNG लगवाने का सबसे बड़ा खतरा: घटिया क्वालिटी
लोकल मैकेनिक अक्सर पैसों की बचत के चक्कर में सस्ती और लोकल पाइपलाइन, लोकल नोजल और बिना सर्टिफाइड सिलिंडर का इस्तेमाल करते हैं. जब पंप पर हाई प्रेशर में CNG भरी जाती है, तो ये लोकल पार्ट्स उस प्रेशर को झेल नहीं पाते. जरा सी लापरवाही या लीक होने पर गैस सीधे इंजन की गर्मी के संपर्क में आती है और एक झटके में पूरी कार बम की तरह उड़ जाती है.
कार का पावर ड्रॉप और पिकअप में कमी
लोकल CNG किट लगाने के बाद आपकी कार का पावर आउटपुट बहुत ज्यादा गिर जाता है. अगर आप लगातार पेट्रोल चलाने के आदी हैं, तो CNG पर शिफ्ट होते ही आपको गाड़ी सुस्त लगने लगेगी. खासकर गर्मियों के दिनों में जब आप कार का एसी (AC) फुल पर चलाएंगे, तो चढ़ाई पर या ओवरटेक करते वक्त गाड़ी जोर पकड़ने में हांफने लगेगी.
डिग्गी का स्पेस (Boot Space) पूरी तरह खत्म
अगर आपके पास हैचबैक या छोटी सेडान गाड़ी है, तो पीछे बड़ा CNG सिलिंडर लगते ही आपकी डिग्गी का स्पेस नाममात्र का रह जाता है. फिर जब भी आपको परिवार के साथ किसी लंबे टूर या छुट्टी पर जाना होगा, तो सामान रखने के लिए जगह ही नहीं बचेगी.

इंजन की लाइफ पर बुरा असर और मेंटेनेंस का खर्चा
CNG एक सूखी गैस (Gaseous Fuel) होती है. हालांकि इससे प्रदूषण कम होता है, लेकिन इंजन को प्रॉपर ल्यूब्रिकेशन नहीं मिलता. लोकल किट लगवाने से कार के स्पार्क प्लग, फिल्टर और इंजन ऑयल बहुत जल्दी खराब होने लगते हैं. आपको बार-बार मैकेनिक के चक्कर काटने पड़ते हैं. अगर आपने सर्विस में जरा सी भी देरी की, तो इंजन अंदर से कटने लगता है और बाद में लाखों का खर्चा निकल आता है.
क्या होता है 'हाइड्रोटेस्टिंग' और क्यों लोग भूल जाते हैं?
सरकारी नियमों के मुताबिक हर 3 साल में CNG सिलिंडर का 'हाइड्रोटेस्ट' करवाना कानूनी रूप से अनिवार्य है. इस टेस्ट में देखा जाता है कि सिलिंडर में कोई क्रैक तो नहीं है और क्या वह गैस का प्रेशर सही से झेल सकता है. लेकिन बाहर से CNG किट लगवाने वाले ज्यादातर लोग इस टेस्ट को पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं. 3-4 साल पुराना अनटेस्टेड सिलिंडर कार के अंदर एक टाइम बम की तरह घूमता रहता है.
कार की रीसेल वैल्यू का कबाड़ा
अगर आप अपनी बाहर से CNG लगी कार को भविष्य में बेचने जाएंगे, तो कोई भी डीलर्स या खरीदार आपको अच्छी कीमत नहीं देगा. आफ्टरमार्केट CNG लगी कारों को सेकंड हैंड मार्केट में बहुत जोखिम भरा माना जाता है, जिससे आपकी कार की वैल्यू आधी से भी कम रह जाती है.
तो क्या CNG कार खरीदना बेकार है?
ऐसा बिल्कुल नहीं है. CNG कारें आज भी काफी फायदेमंद हैं, लेकिन केवल तब जब आप कंपनी फिटेड (Factory-Fitted) CNG कार खरीदें. कार कंपनियां (जैसे मारुति, टाटा, हुंडई) अपने प्लांट में ही पूरी जांच और सेफ्टी टेस्टिंग के बाद किट लगाती हैं. उनमें वायरिंग, गैस पाइप और नोजल की क्वालिटी इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स के हिसाब से होती है. इसलिए अगर आपको CNG कार ही लेनी है, तो थोड़ा बजट बढ़ाकर कंपनी फिटेड ऑप्शन ही चुनें. बाहर के लोकल मिस्त्रियों के झांसे में आकर अपनी और अपने परिवार की जान जोखिम में न डालें.
क्या बोले ऑटो एक्सपर्ट?
ऑटो एक्सपर्ट अमित खरे के मुताबिक पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के चलते लोग पुरानी कारों में CNG किट लगवा रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या अनऑथराइज्ड फिटर्स से किट लगवाने की है. उन्होंने बताया कि अधिकृत फिटमेंट सेंटर पर सर्टिफाइड CNG किट लगाई जाती है और इसके बाद उसे RTO में एंडोर्स कराया जाता है. इसके बावजूद बाजार में कई जगह बिना अनुमति और पुराने या इस्तेमाल किए गए पार्ट्स से CNG किट फिट की जा रही हैं.

'सस्ती CNG किट के चक्कर में न पड़ें'
अमित खरे ने कहा कि कई ग्राहक बाजार रेट से करीब 5 हजार रुपये कम कीमत देखकर अनऑथराइज्ड फिटर्स से किट लगवा लेते हैं. इसमें कहीं की भी पुरानी किट, इस्तेमाल किया हुआ मटेरियल या पुराना सिलेंडर लगाया जा सकता है, जिससे आगे चलकर सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. उनके मुताबिक रेट्रोफिटमेंट के लिए अधिकृत फिटमेंट सेंटर कम हैं और वे ज्यादा चार्ज लेते हैं, जिसकी वजह से ग्राहक सस्ते विकल्प की तरफ चले जाते हैं.
अमित खरे की सीधी सलाह
अमित खरे के मुताबिक, अगर नई कार खरीदने का ऑप्शन मौजूद है तो फैक्ट्री-फिटेड CNG कार को प्राथमिकता देना ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है. वहीं पुरानी कार में CNG किट लगवाने वालों को केवल अधिकृत रेट्रोफिटमेंट सेंटर और सर्टिफाइड किट का इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि सस्ती और अनऑथराइज्ड किट आगे चलकर सुरक्षा के लिए बड़ी समस्या बन सकती है.