भाषा चुनें
  • Hindi
  • English
  • Marathi
  • Bengali
  • Tamil
  • Malayalam
  • Gujarati
  • Telugu
  • Kannada
  • Odisha
  • Z Bharat
  • ZEE PHH
  • ZEE Business
  • WION
राज्य चुनें
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • मध्य प्रदेश
  • छत्‍तीसगढ़
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • बिहार
  • झारखण्ड
  • राजस्‍थान
  • हिमाचल प्रदेश
  • हिन्दीEnglishमराठीবাংলাதமிழ்മലയാളംગુજરાતીతెలుగుಕನ್ನಡଓଡ଼ିଶାZ BharatPHHBusinessWION
  • facebookyoutubetwitterlinkedinwhatsapp
Zee News Hindi
App
Zee News Hindi
  • News
  • वीडियो
  • फोटोज़
  • रील्स
  • लाइव ब्लॉग
  • राज्य चुनें

Add Zee Business As A Preferred Source
App
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • LIVE टीवी
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • ज़ी न्यूज़ हिंदी
  • /टेक
  • /गर्भ में लड़का है या लड़की? भारत में ऑनलाइन बिक रही थी किट, पोल खुलते ही सरकार ने गूगल से मांगा जवाब!

गर्भ में लड़का है या लड़की? भारत में ऑनलाइन बिक रही थी किट, पोल खुलते ही सरकार ने गूगल से मांगा जवाब!

भारत में गर्भ में जेंडर जांच करने वाली ऑनलाइन किटों की सेल पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने गूगल को नोटिस भेजकर Peekaboo किट से जुड़े सभी आपत्तिजनक सर्च रिजल्ट्स और लिंक्स को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है.

Written ByUdbhav Tripathi
Published: Sep 08, 2026, 05:42 PM IST|Updated: Sep 08, 2026, 06:25 PM IST
joinshare
गर्भ में लड़का है या लड़की? भारत में ऑनलाइन बिक रही थी किट, पोल खुलते ही सरकार ने गूगल से मांगा जवाब!
Image Credit: जेंडर प्रेडिक्शन किट को लेकर गूगल को मिला नोटिस

About the Author

Udbhav Tripathi

Udbhav Tripathi

उद्भव त्रिपाठी जी न्यूज डिजिटल में सब एडिटर हैं. वह जुलाई 2025 में जी न्यूज से जुड़े. साइंस और ऑटो-टेक की खबरें लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं. उन्होंने अब तक Samsung, Realme और  Vivo जैसे स्मार्टफोन्स के रिव्यू किए हैं. 2025 के बिहार चुनाव में इन्होंने लाइव खबरें चलाई थी जो लोगों को काफी पसंद आई थी. इनकी खबरें काफी भरोसेमंद होती हैं. इससे पहले वे हरिभूमि में काम कर चुके हैं. जहां उन्होंने टेक, एक्सप्लेनर और देश दुनिया पर भी काम किया. इनकी पढ़ाई की बात करें तो इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मॉस कम्यूनिकेशन में PG कर रखा है. अगर आपको इनसे बात करनी है, तो आप udbhavtripaathi@gmail.com पर जुड़ सकते हैं.
Read More

ट्रेंडिंग

  • न्यूज़
  • फोटो
  • वीडियो
हरियाणा में धान के गेट पास नहीं कटे तो भड़के किसान, करनाल-कैथल रोड किया जाम

हरियाणा में धान के गेट पास नहीं कटे तो भड़के किसान, करनाल-कैथल रोड किया जाम

2

अतीक अहमद के अवैध साम्राज्य पर फिर चला पुलिस का डंडा; मदनलाल के नाम दर्ज 30 करोड़ की 14 बेनामी संपत्तियां कुर्क

3

जान से खिलवाड़? घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिली 108 एंबुलेंस, मालवाहक में ऑक्सीजन सिलेंडर बांधकर मरीज पहुंचे अस्पताल

4

'मौत को छूकर टक से वापस आ गया': UK में तूफान बोएलो का खौफनाक मंजर; प्लेन की ऐसी लैंडिंग देख कांप उठी रूह

5

Bhava Brihaspati: जानिए उस महान आचार्य की कहानी, जिन्होंने सोमनाथ मंदिर को बनाया था अमर

logo
  • contact us
  • privacy policy
  • legal
  • investor info
  • advertise with us
© 1998-2026 Indiadotcom Digital Private Limited, All Rights Reserved.

जन्म से पहले ही बच्चे का जेंडर पता करने वाली ऑनलाइन जेंडर-टेस्ट किट पर भारत सरकार ने अब पूरी तरह से सख्ती बढ़ा दी है. देश में भ्रूण हत्या रोकने और कड़े नियमों का पालन कराने के लिए सरकार लगातार सख्ती कर रही है. इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्रालय ने टेक कंपनी गूगल को एक कड़ा नोटिस जारी किया है, जिसमें जेंडर-टेस्ट किट Peekaboo से जुड़े सभी सर्च रिजल्ट्स और लिंक्स को भारत में तुरंत ब्लॉक करने की मांग की गई है. आइए जानते हैं कि आखिर क्या है पूरा मामला और सरकार क्यों इस पर इतनी सख्त नजर आ रही है.

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ईबे पर कुछ ऐसी जेंडर-प्रिडिक्शन किट बिक रही थीं, जिनकी डिलीवरी भारत में भी की जा रही थी. इस मामले के सामने आने के बाद अब भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गूगल को नोटिस भेजा है, जिसमें Peekaboo नाम की किट से जुड़े सर्च रिजल्ट्स को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है.

क्या है पूरा मामला?

भारत में प्रसव पूर्व लिंग जांच कराना पूरी तरह से अपराध की श्रेणी में आता है. देश में भ्रूण हत्या को रोकने के लिए साल 1994 में इसके लिए सख्त कानून बनाया गया था. इसके बावजूद, अमेरिकी ब्रांड Peekaboo और SneakPeek जैसी कंपनियों की जेंडर-टेस्ट किट ऑनलाइन भारत तक पहुंच रही थीं.

साइबर सुरक्षा फर्म फाल्कनफीड्स की जानकारी के आधार पर जब रॉयटर्स ने ईबे से संपर्क किया, तो पता चला कि प्लेटफॉर्म पर कई थर्ड-पाटी सेलर्स इन किटों को 6.99 डॉलर यानी 640 रुपये से लेकर 156.59 डॉलर यानी 14,796 रुपये तक की कीमत में बेच रहे थे और भारत में डिलीवरी भी दे रहे थे. मामला तूल पकड़ते ही ईबे ने उन सभी लिस्टिंग्स को अपनी वेबसाइट से हटा दिया. ईबे का कहना है कि यह उनके नियमों और स्थानीय कानूनों के खिलाफ था. वहीं, किट बनाने वाली कंपनी डीएनए डायग्नोस्टिक्स सेंटर ने सफाई दी है कि वे भारत में इन किटों की सेल नहीं करते हैं.

(ये भी पढ़ेंः 'हैलो! मैं कौआ बोल रहा हूं...' AI की मदद से जानवर करेंगे आपसे बात, मगर ये 1 गलती पड़ेगी भारी!)

सरकार ने गूगल को भेजा नोटिस

इस मामले को देखते हुए सरकार ने गूगल पर भी सख्ती बढ़ा दी है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने अगस्त में गूगल को दो नोटिस भेजे हैं. इन नोटिसों में कहा गया है कि गूगल इंडिया के सर्च इंजन पर कुछ ऐसे रिजल्ट दिखाई दे रहे हैं, जो यूजर्स को सीधे तौर पर अजन्मे बच्चे के जेंडर की जानकारी देने वाली वेबसाइट्स तक पहुंचाते हैं.

मंत्रालय ने गूगल से उन खास सर्च लिंक्स को भारत में ब्लॉक करने को कहा है, जो Peekaboo की उन वेबसाइट से कनेक्ट करते हैं. सरकार का यह कदम देश में अवैध लिंग जांच और उससे जुड़े विज्ञापनों पर पूरी तरह रोक लगाने के प्रयासों का हिस्सा है. 

(ये भी पढ़ेंः इंसानों को भूल जाइए! अब मशीनें ही खुद बना रही हैं रोबोट, चीन में शुरू हुआ दुनिया का पहला प्लांट, देखिए वीडियो)

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:
Google News