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Google ने टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक और बड़ा कदम उठाते हुए अपना नया Genie 4 AI मॉडल पेश कर दिया है. गूगल के इस नए दमदार टूल की सहायता से अब यूजर सिर्फ टेक्स्ट कमांड देकर फोटो जैसी रियल दिखने वाली 3D दुनिया बना सकेंगे. सबसे खास बात यह है कि सिम्युलेशन चलने के दौरान भी सीन में बदलाव किए जा सकेंगे और यह रियल-टाइम में काम करेगा. गेमिंग, फिल्ममेकिंग और रोबोटिक्स के सेक्टर में गूगल के नए टूल को बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
Google DeepMind ने अपना नया AI मॉडल Genie 4 मार्केट में उतारा है. यह नार्मल AI वीडियो से पूरी तरह से अलग है, इसका कारण है कि यह सिर्फ सीन देखकर आगे बढ़ने के बजाय उसके साथ इंटरैक्ट भी कर सकता है. कंपनी ने इसे मंगलवार को रिसर्च प्रीव्यू के तौर पर पेश किया है.
Genie 4 की सबसे खास बात यह है कि इसके जरिए बनाई गई दुनिया में बदलाव करने के लिए पूरी प्रक्रिया को फिर से शुरू नहीं करना पड़ेगा. मान लीजिए, आपने कोई जंगल बनाया है और अब उसमें बारिश दिखाना चाहते हैं. ऐसे में टेक्स्ट प्रॉम्प्ट के जरिए बारिश जोड़ सकते हैं. इसी तरह कैमरे का एंगल बदलने या किसी नए कैरेक्टर को सीन में शामिल करने जैसे काम भी किए जा सकेंगे.
इस मॉडल में आवाज का फीचर भी शामिल है. स्क्रीन पर क्या हो रहा है, उसके हिसाब से AI बैकग्राउंड साउंड, म्यूजिक और कैरेक्टर की आवाज तैयार कर सकता है. यानी वर्चुअल दुनिया सिर्फ देखने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उसमें आवाजें भी सुनाई देंगी. गूगल के अनुसार, Genie 4 का एक सिमुलेशन 2 मिनट तक चल सकता है. यह पिछले साल आए Genie 3 के मुकाबले दोगुना समय है. इसके साथ ही दुनिया में मौजूद चीजों की गतिविधियों और फिजिक्स को ज्यादा वास्तविक बनाने पर भी काम किया गया है.
Genie 4 को Google के Gemini AI के साथ जोड़ा गया है. इसमें Gemini किसी डायरेक्टर की तरह काम करते हुए यह तय करने में मदद करता है कि आगे क्या होना चाहिए. इसके बाद Genie 4 उस योजना के आधार पर वर्चुअल दुनिया तैयार करता है. इस तकनीक को रोबोटिक्स में भी आजमाया जा रहा है. एक प्रयोग में Gemini 4 Argon मॉडल ने किसी काम की प्लानिंग की, वहीं Genie 4 ने उसका सिमुलेशन तैयार किया. इससे रोबोट को असली दुनिया में इस्तेमाल करने से पहले वर्चुअल माहौल में ट्रेनिंग देने में मदद मिल सकती है.
Genie 4 का इस्तेमाल गेमिंग, पढ़ाई और रोबोटिक्स के साथ ही फिल्ममेकिंग में भी हो सकता है. फिल्म बनाने वाले लोग इसकी मदद से किसी सीन का शुरुआती प्लानिंग कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उसमें तुरंत बदलाव कर पाएंगे. इससे हर बार नया वीडियो तैयार होने का लंबा इंतजार भी कम हो सकता है. लेकिन, इस तकनीक में अभी कुछ कमियां हैं. लंबे समय तक सिमुलेशन चलने पर चीजें अपना डिटेल्स खो सकती हैं या गायब हो सकती हैं. आवाज और विजुअल के तालमेल के साथ स्क्रीन पर टेक्स्ट को साफ दिखाने पर भी काम हो रहा है.
अभी Genie 4 चुनिंदा टेस्टर्स के लिए उपलब्ध है. आने वाले हफ्तों में इसे Project Genie के जरिए Google AI Ultra सब्सक्राइबर्स के लिए पेश करने की योजना है. इसकी बताई गई कीमत 100 डॉलर यानी 9,517.32 भारतीय रुपये प्रति महीने है. Gemini API और Google AI Studio के जरिए कुछ शुरुआती पार्टनर्स को भी इसका एक्सेस दिया जाएगा.