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अब AI करेगा पर्यावरण की रक्षा! Google ने भारत में शुरू किए 5 प्रोजेक्ट, सोलर से खेती तक करेगा मदद

गूगल ने भारत में पर्यावरण और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए एक बड़ा दांव खेला है. देश में क्लीन एनर्जी, सोलर और खेती को बढ़ावा देने के लिए गूगल ने 5 धमाकेदार AI प्रोजेक्ट्स का ऐलान किया है.

Written By Udbhav Tripathi
Published: Sep 12, 2026, 06:31 AM IST | Updated: Sep 12, 2026, 06:36 AM IST
Image Credit: गूगल एआई प्रोजेक्ट
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ चैटिंग, कोड लिखने या फिर मन में आने वाले सवालों का जवाब देने तक सीमित नहीं है, अब यह असली दुनिया की बड़ी समस्याओं को चुटकियों में हल करने लगा है. टेक जगत की दिग्गज कंपनी गूगल ने भारत में पर्यावरण, ऊर्जा और खेती को लेकर एक ऐसा बड़ा दांव खेला है, जो देश के लिए कारगर साबित हो सकता है. भारत में रिन्यूएबल एनर्जी और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए गूगल ने एक साथ 5 प्रोजेक्ट का ऐलान किया है.

सैटेलाइट इमेज और AI की ताकत से अब न सिर्फ घर की छतों पर सोलर पैनल लगाना बहुत आसान होने जा रहा है, बल्कि किसानों के खेतों से पर्यावरण को बचाने का अनूठा रास्ता भी सामने आएगा. आइए जानते हैं गूगल के इन 5 बड़े प्रोजेक्ट्स की कहानी...

गूगल ने भारत में सोलर एनर्जी, खेती, पानी, जलवायु रिसर्च और स्टार्टअप से जुड़ी 5 नई पहल शुरू करने का ऐलान किया है. इन प्रोजेक्ट्स में AI के साथ सैटेलाइट इमेजरी और दूसरी टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाएगा. गूगल का कहना है कि इन प्रोजेक्ट का मकसद भारत को स्वच्छ ऊर्जा की तरफ बढ़ाने और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में सहायता करना है.

300 मिलियन से ज्यादा छतों पर काम करेगा Solar API

Google ने अपने Solar API का भारत में विस्तार किया है. अब यह टेक्नोलॉजी देश में 30 करोड़ से ज्यादा छतों के बारे में जानकारी दे सकेगी. यह AI और इमेजरी की सहायता से किसी घर की छत को देखकर यह जानकारी देने में मदद करती है कि वहां सोलर पैनल लगाने की कितनी क्षमता है.

सोलर इंस्टॉलर इस डेटा की सहायता से बिना मौके पर जाए छत की जानकारी एकत्र कर सकता है. इसके साथ ही इससे सोलर सिस्टम का डिजाइन तैयार करने और कस्टमर्स के लिए प्रपोजल बनाने में भी सहायता हो सकती है. Google के अनुसार Solar Ladder और OpenSolar जैसे प्लेटफॉर्म पहले से ही Solar API का इस्तेमाल कर रहे हैं.

यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा दिया जा रहा है. सरकार की PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana भी घरों में सोलर पैनल लगाने को बढ़ावा दे रही है.

राजस्थान में 150MW सोलर प्रोजेक्ट

Google ने ReNew Power के साथ राजस्थान में 150MW के सोलर प्रोजेक्ट के लिए लंबे समय का समझौता भी किया है. यह भारत में Google का दूसरा Scope 3 फोकस वाला सोलर प्रोजेक्ट है. इसके साथ ही ReNew के साथ Google की कुल कॉन्ट्रैक्टेड सोलर क्षमता 300MW हो गई है.

किसानों के लिए भी AI और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी

Google अब खेती के क्षेत्र में भी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहा है. कंपनी ने Mitti Labs के साथ मिलकर तेलंगाना में छोटे किसानों के लिए एक प्रोजेक्ट शुरू किया है. इसमें हजारों धान किसानों को Alternate Wetting and Drying यानी AWD तकनीक अपनाने में मदद की जाएगी.

इस तरीके में धान के खेतों में लगातार पानी भरकर रखने के बजाय समय समय पर खेत को सुखाया जाता है और फिर पानी भरा जाता है. इससे पानी की बचत हो सकती है. साथ ही खेतों में लगातार पानी भरे रहने से बनने वाली मीथेन गैस को भी कम किया जा सकता है.

गूगल के मुताबिक इस प्रोजेक्ट से 20 साल में लगभग 30 लाख टन CO2 के बराबर उत्सर्जन कम करने में सहायता मिल सकती है. इसके प्रभाव पर नजर रखने के लिए सैटेलाइट डेटा और खेतों में मौजूद नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा.

पानी और ई वेस्ट पर भी रहेगा फोकस

गूगल अपने Center for Climate Technology का भी विस्तार कर रहा है. इसे कंपनी ने फरवरी में भारत सरकार के Office of the Principal Scientific Adviser के साथ मिलकर शुरू किया था. पहले इसका फोकस ग्रीन वर्कफोर्स ट्रेनिंग और कम कार्बन वाले निर्माण जैसे क्षेत्रों पर था.

अब इसमें पानी की बचत, ई वेस्ट और बैटरी रिसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों को भी शामिल किया जाएगा.

4 भारतीय स्टार्टअप को Google DeepMind का सपोर्ट

Google चार भारतीय स्टार्टअप को भी अपने Google DeepMind Accelerator: AI for the Planet प्रोग्राम के जरिए सपोर्ट कर रहा है. इनमें Terrastack, Varaha Climate, Farmers for Forests और Climitra Carbon शामिल हैं.

ये स्टार्टअप AI, सैटेलाइट डेटा और ड्रोन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल खेती, जैव विविधता और कार्बन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में कर रहे हैं.

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गूगल अब इन प्रोजेक्ट्स के साथ AI का इस्तेमाल सिर्फ चैटबॉट और सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रखना चाहता है, बल्कि कंपनी इन सब से आगे ले जाकर डेली लाइफ और  पर्यावरणीय चुनौतियों को हल करने में करना चाहती है. इसमें घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने से लेकर खेती में पानी बचाने और ई वेस्ट को रिसाइकिल करने तक कई क्षेत्र शामिल हैं.

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उद्भव त्रिपाठी जी न्यूज डिजिटल में सब एडिटर हैं. वह जुलाई 2025 में जी न्यूज से जुड़े. साइंस और ऑटो-टेक की खबरें लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं. उन्होंने अब तक Samsung, Realme और  Vivo जैसे स्मार्टफोन्स के रिव्यू किए हैं. 2025 के बिहार चुनाव में इन्होंने लाइव खबरें चलाई थी जो लोगों को काफी पसंद आई थी. इनकी खबरें काफी भरोसेमंद होती हैं. इससे पहले वे हरिभूमि में काम कर चुके हैं. जहां उन्होंने टेक, एक्सप्लेनर और देश दुनिया पर भी काम किया. इनकी पढ़ाई की बात करें तो इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मॉस कम्यूनिकेशन में PG कर रखा है. अगर आपको इनसे बात करनी है, तो आप udbhavtripaathi@gmail.com पर जुड़ सकते हैं.
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