चीन: पहली बार खौफनाक जंगल में घुसा 'साइलेंट किलर'! एआई 'रोबोटिक्स डॉग' का तांडव, ढूंढ लाया दुर्लभ खजाना
इतिहास में पहली बार AI रोबोट डॉग LYNX M20S ने चीन की आइलाओ पहाड़ियों के खतरनाक जंगलों में कदम रखा है. जानिए कैसे यह लोहे का 'जासूस' बेहद कठिन रास्तों से वैज्ञानिकों के लिए कीमती डेटा ले आया.
एक ऐसा इलाका जहां पल-पल में मौसम बदल जाता हो, चारों तरफ घना अंधेरा और कीचड़ फैला हो और जहां कदम रखते ही इंसान की सांसें फूलने लगें. ऐसे खतरनाक और रहस्यमयी जंगलों में अगर कोई आपसे कहे कि एक लोहे का कुत्ता दौड़ रहा है, तो क्या आप यकीन करेंगे? जहां इंसान जाने से डरते हैं, वहां चीन के वैज्ञानिकों ने एम्बॉडी AI यानी लोहे के शरीर वाले रोबोट कुत्ते को उतार दिया. इस चार पैरों वाले 'जासूस' ने घने जंगलों के बीच वो काम कर दिखाया, जिसे देखकर पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों ने दांतों तले उंगली दबा ली है.
इतिहास में पहली बार जंगलों में AI का कदम
दुनिया भर में AI की चर्चा तो काफी समय से हो रही है, लेकिन अब तक यह तकनीक कंप्यूटर, मोबाइल और बंद कमरों की लैब तक ही सीमित थी. इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब AI से लैस किसी रोबोट को असली दुनिया के खतरनाक जंगलों में रिसर्च के लिए भेजा गया. चीन की डीप रोबोटिक्स (DEEP Robotics) नाम की कंपनी ने एक अनोखा रोबोट डॉग बनाया है, जिसका नाम LYNX M20S है. इस लोहे के 'जासूस' को चीन की मशहूर आइलाओ पहाड़ियों के बीच भेजा गया. वैज्ञानिकों का मकसद इस इलाके के पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं के बारे में नया डेटा जुटाना था और इस रोबोट ने इस मिशन को पहली ही बार में बेहद शानदार तरीके से पूरा कर दिखाया.
खौफनाक पहाड़ियां की कठिन परीक्षा
जिस आइलाओ पहाड़ी इलाके में इस रोबोट को भेजा गया था, उसे प्रकृति का बहुत बड़ा खजाना या 'जीन बैंक' कहा जाता है. यहां अनगिनत तरह के दुर्लभ पेड़-पौधे और जंगली जानवर पाए जाते हैं. लेकिन इस जगह पर जाना किसी खतरे से खाली नहीं है. यहां के जंगल इतने घने हैं कि जमीन तक धूप भी ठीक से नहीं पहुंचती. रास्तों में दलदल, कीचड़ और बड़े-बड़े गिरे हुए पेड़ मिलते हैं. सबसे खतरनाक बात यह है कि यहां का मौसम अचानक बदल जाता है. कभी मूसलाधार बारिश होने लगती है, तो कभी बहुत घना कोहरा छा जाता है. ऐसे माहौल में इंसानों के लिए कई घंटों तक टिकना लगभग नामुमकिन होता है. लेकिन इस AI रोबोट ने इन सभी मुसीबतों का डटकर सामना किया.
-30 डिग्री से लेकर भयंकर गर्मी झेलने की ताकत
यह लोहे का 'जासूस' दिखने में जितना अनोखा है, इसकी ताकत उससे भी कहीं ज्यादा हैरान करने वाली है. इस रोबोट डॉग के पैरों में खास किस्म के पहिए लगे हैं. पहियों और पैरों के इस मिलावट की वजह से यह पथरीले रास्तों, सीधी ढलानों और दलदल में भी बहुत तेजी से चल सकता है. इस रोबोट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह माइनस 30 डिग्री (-30°C) की जमा देने वाली ठंड से लेकर 55 डिग्री की झुलसा देने वाली गर्मी में भी आराम से काम कर सकता है. इस पर पानी और धूल का कोई असर नहीं होता. यह अपने साथ 35 किलो तक का भारी-भरकम सामान आसानी से उठाकर 3.5 घंटे तक लगातार जंगल में दौड़ सकता है.
बिना शोर मचाए जानवरों के बीच पहुंचा
जब वैज्ञानिक जंगल में जाते हैं तो उनके चलने की आहट सुनकर जंगली जानवर डरकर भाग जाते हैं. लेकिन इस AI रोबोट डॉग ने इस समस्या को भी हमेशा के लिए खत्म कर दिया. इसका आकार छोटा है और यह चलते समय बिल्कुल भी शोर नहीं मचाता. जंगल के शांत माहौल में यह इतनी खामोशी से आगे बढ़ा कि वहां मौजूद लंगूरों और अन्य जानवरों को इसकी भनक तक नहीं लगी. रोबोट ने बहुत करीब जाकर जानवरों के कूदने, खाना तलाशने और आपस में बातें करने के तरीके को अपने हाई-डेफिनिशन कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया. वैज्ञानिक दूर बैठकर ही जानवरों की हर हरकत को लाइव देख रहे थे.
दुर्लभ पौधे का गुप्त खजाना ढूंढा
इस पूरे मिशन की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी तब मिली जब इस रोबोट ने एक बहुत ही दुर्लभ पौधे की साफ तस्वीरें खींच लीं. इस पौधे को वैज्ञानिक भाषा में 'मोनोट्रोपा यूनिफ्लोरा' कहा जाता है. यह पौधा बहुत ही कम देखने को मिलता है और यह जंगलों के ऐसे हिस्सों में उगता है जहां इंसानों का पहुंचना लगभग असंभव होता है. रोबोट डॉग ने इस पौधे की जो पहली तस्वीर ली, उसने वनस्पति विज्ञान की दुनिया में तहलका मचा दिया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तस्वीर और डेटा आने वाले समय में पेड़-पौधों पर की जाने वाली रिसर्च के लिए बहुत ही मददगार साबित होगा.
लैब से निकलकर असली दुनिया में उतरा AI
इस ऐतिहासिक घटना पर रोबोटिक्स के विशेषज्ञों का कहना है कि यह AI की दुनिया में एक बहुत बड़ा बदलाव है. अब तक AI सिर्फ बातें करने या स्क्रीन पर काम करने तक सीमित था, लेकिन अब यह लोहे के शरीर में उतरकर असली दुनिया के मुश्किल कामों को अंजाम दे रहा है. जब इंसानों के लिए किसी खतरनाक जगह पर लगातार नजर रखना मुमकिन नहीं होता, तब यह AI रोबोट बिना थके और बिना डरे काम कर सकता है. चीन के वैज्ञानिक संघ का मानना है कि इस सफल प्रयोग के बाद अब दुनिया की ऐसी कई अनजान जगहों के बारे में पता लगाया जा सकेगा, जहां जाने से इंसान हमेशा डरते थे.