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अगर आपने भी Apple का नया स्मार्ट Siri और Apple Intelligence वाले फीचर्स का जलवा देखकर iPhone 15 Pro या iPhone 16 सीरीज का कोई फोन खरीदा था, तो आपके लिए एक बहुत ही दिलचस्प खबर है. Apple पर आरोप लगा था कि उसने अपनी मार्केटिंग में बड़े-बड़े वादे किए कि नया Siri बहुत बुद्धिमान होगा, लेकिन असलियत में इस फीचर को रोलआउट करने में कंपनी ने 2 साल से ज्यादा का समय लगा दिया. जब बात कोर्ट तक पहुंची तो टेक दिग्गज Apple को झुकना पड़ा और अब कंपनी $250 मिलियन यानी लगभग 2,200 करोड़ रुपये का मुआवजा देने पर सहमत हो गई है. इसके तहत एलिजिबल iPhone यूजर्स को हर डिवाइस पर $25 से लेकर $95 (लगभग ₹2,100 से ₹9,000) तक का कैश मुआवजा मिल सकता है. आइए समझते हैं कि यह पूरा मामला क्या है और आप इसके लिए कैसे क्लेम कर सकते हैं.
Siri और Apple Intelligence का क्या था पूरा विवाद
कहानी शुरू होती है WWDC 2024 से, जहाँ Apple ने एक बेहद स्मार्ट Siri का डेमो दिखाया था. कंपनी ने यह दावा करते हुए iPhone 16 सीरीज को बेचा कि यह फोन खासतौर पर 'Apple Intelligence' के लिए ही बनाया गया है. यूथ और टेक लवर्स ने इस नए AI फीचर्स के चक्कर में धड़ाधड़ नए iPhones खरीद लिए. लेकिन जब फोन हाथ में आया तो पता चला कि वो धांसू Siri तो दूर-दूर तक गायब है. हकीकत यह थी कि जिस Siri का ढिंढोरा पीटा गया था, वो पूरी तरह तैयार ही नहीं था और यूजर्स को iOS 27 के साथ यह फीचर 2 साल से भी ज्यादा समय के इंतजार के बाद मिला. इसी बात को लेकर अमेरीका में 'Landsheft v. Apple Inc.' नाम से एक क्लास-एक्शन केस ठोक दिया गया जिसमें Apple पर झूठे विज्ञापन और यूजर्स को गुमराह करने का आरोप लगा.
$250 मिलियन का सेटलमेंट और Apple का रुख
कोर्ट में मामला बढ़ता देख Apple ने कानूनी लड़ाई लड़ने के बजाय केस को सेटल करने का फैसला किया. Apple ने $250 मिलियन (करीब 2200 करोड़ रुपये) का सेटलमेंट फंड बनाने पर सहमति जताई है. हालाँकि Apple ने अपनी तरफ से किसी भी तरह की गड़बड़ी या गलती को स्वीकार नहीं किया है और सेटलमेंट की शर्तों में भी साफ लिखा है कि यह कंपनी द्वारा अपनी गलती मानना नहीं है. लेकिन फिर भी यह झूठे विज्ञापन (False Advertising) के मामले में इतिहास का सबसे बड़ा सेटलमेंट बन गया है.
कौन-कौन से iPhones इस क्लेम में शामिल हैं
हर iPhone चलाने वाला इस मुआवजे का हकदार नहीं होगा. इसके लिए कुछ खास शर्तें रखी गई हैं. यह सेटलमेंट उन लोगों के लिए है जिन्होंने 10 जून 2024 से 29 मार्च 2025 के बीच फोन खरीदा था. इसके तहत केवल 7 खास iPhone मॉडल्स को ही शामिल किया गया है. इनमें शामिल हैं:
इसके अलावा शर्त यह भी है कि फोन पर्सनल या काम के इस्तेमाल के लिए खरीदा गया हो, रीसेल या बिजनेस के मकसद से नहीं.
क्या भारतीय iPhone यूजर्स को मिलेगा यह पैसा
अगर आप भारत में रहते हैं और आपके पास इनमें से कोई भी iPhone है, तो आपके लिए एक निराश करने वाली खबर है. चूंकि यह केस अमेरिका की फेडरल कोर्ट में दर्ज हुआ था और वहीं के कानूनों के तहत सेटल हुआ है, इसलिए सिर्फ US के ओरिजिनल खरीदारों को ही यह पैसा मिलेगा. भारत या अमेरिका के बाहर किसी भी देश में रहने वाले खरीदार इस सेटलमेंट का हिस्सा नहीं हैं.
आपको कितना पैसा मिलेगा: $25 से $95 का पूरा गणित
मुआवजे की रकम इस बात पर निर्भर करेगी कि कुल कितने लोग क्लेम फाइल करते हैं. हर वैलिड क्लेम पर शुरुआती पेमेंट $25 (लगभग ₹2,100) तय की गई है. लेकिन अगर उम्मीद से कम लोग क्लेम फाइल करते हैं, तो यह रकम बढ़कर प्रति डिवाइस $95 (लगभग ₹9,000) तक जा सकती है. सबसे खास बात यह है कि जितने भी एलिजिबल डिवाइस आपके पास हैं, आप हर फोन के लिए अलग-अलग क्लेम दर्ज कर सकते हैं. यानी अगर किसी के पास 2 एलिजिबल फोन्स हैं, तो उसे डबल पेमेंट मिल सकती है.
क्लेम दर्ज करने की पूरी प्रोसेस
अगर आप या आपका कोई रिश्तेदार अमेरिका में रहता है और एलिजिबल है, तो क्लेम दर्ज करना बहुत ही आसान है.
कब तक कर सकते हैं क्लेम और कब मिलेगा पैसा
इस सेटलमेंट के लिए क्लेम फाइल करने की आखिरी तारीख 21 दिसंबर 2026 रखी गई है. लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि पैसा तुरंत बैंक अकाउंट में आ जाएगा. संजोस (San Jose) की फेडरल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में 24 फरवरी 2027 को इसकी फाइनल अप्रूवल हियरिंग होगी. कोर्ट की मुहर लगने के बाद ही 2027 में पैसे यूजर्स के खातों में ट्रांसफर किए जाएँगे. भुगतान पाने के लिए यूजर्स के पास PayPal, Venmo, डायरेक्ट बैंक डिपॉजिट और पेपर चेक जैसे ऑप्शंस मौजूद रहेंगे.