नौकरी के बाद, क्या AI ले सकता है इंसानों की जान? जानिए Anthropic के CEO डारियो अमोदेई ने क्या कहा
नौकरी के बाद क्या AI इंसानी जान के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है? एआई बनाने वाली कंपनी एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने बड़ी बात कह दी है. AI के बढ़ते शक्ति को कंट्रोल करने के लिए भी अमोदेई ने अपील की है.
अभी तक AI को लेकर सबसे बड़ा खतरा नौकरियों के जाने का माना जा रहा था, लेकिन अब एक नया सवाल सामने आ गया है कि क्या AI इंसानों की जान भी ले सकता है?आज के समय में यह सवाल हर टेक के जानकार से लेकर आम इंसान के जेहन में आ रहा है. जैसे-जैसे AI हमारी जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है, इसकी ताकत के साथ-साथ इसके खतरनाक परिणाम भी सामने आ रहे हैं. अब दुनिया की जानी-मानी AI कंपनी एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई ने इस मामले पर बड़ी बात कह दी है. उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान स्वीकार किया है कि अगर तकनीक को सही दिशा में कंट्रोल नहीं किया गया, तो यह इंसानों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है.
CNN के एंडरसन कूपर को दिए एक इंटरव्यू में अमोदेई ने AI की तेजी से हो रही विकास से जुड़े सुरक्षा जोखिमों पर चिंता जाहिर की. उन्होंने AI डेवलपमेंट की रफ्तार को धीमा करने की अपनी अपील को भी दोहराया. उनका कहना है कि AI सिस्टम लगातार ज्यादा ताकतवर हो रहे हैं और ऐसे में इंडस्ट्री को पर्याप्त सुरक्षा उपाय तैयार करने के लिए ज्यादा समय मिलना चाहिए.
क्या AI इंसानों को मार सकता है?
इंटरव्यू के दौरान अमोदेई से सवाल किया गया कि क्या AI भविष्य में इंसानों की जान ले सकता है और ऐसा होने की कितनी संभावना है. इस पर उन्होंने Anthropic के पूर्व रिसर्चर जैकब कॉक्सन की चिंताओं से काफी हद तक सहमति जताई. एंथ्रोपिक के पूर्व रिसर्चर्स जैकब कॉक्सन ने कंपनी छोड़ने के बाद एडवांस AI से होने वाले संभावित खतरों को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंता जताई थी. इसी को लेकर अमोदेई ने कहा कि कॉक्सन की बात का निशाना एंथ्रोपिक नहीं, बल्कि पूरी AI इंडस्ट्री की तेजी से आगे बढ़ने की प्रवृत्ति थी.
अमोदेई ने कहा कि वह जैकब से असहमति की तुलना में उनकी बात से ज्यादा सहमत हैं. उन्होंने बताया कि जैकब ने कंपनी छोड़ते समय एंथ्रोपिक को AI के मामले में सबसे जिम्मेदार और इन खतरों को लेकर सबसे ज्यादा जागरूक कंपनियों में से एक बताया था.
खतरा कितने प्रतिशत है, इस पर क्या बोले अमोदेई?
AI से होने वाले खतरे की संभावना को प्रतिशत में बताने के सवाल पर अमोदेई ने कहा कि इस तरह की संभावना को सिर्फ एक नंबर के रूप में देखना सही नहीं है. उन्होंने माना कि कुछ गलत होने की संभावना है, लेकिन उनके अनुसार इससे ज्यादा जरूरी यह देखना है कि ऐसी स्थिति तक पहुंचने के कौन कौन से रास्ते हो सकते हैं. अमोदेई के अनुसार AI का भविष्य कई अलग अलग रास्तों में बंट सकता है. अगर कंपनियां और सरकारें सही फैसले लेती हैं तो कुछ गलत होने की संभावना काफी कम हो सकती है. वहीं, अगर गलत फैसले लिए गए तो खतरा इससे भी ज्यादा बढ़ सकता है.
(ये भी पढ़ेंः Zomato पर नया चार्ज लागू, Cash on Delivery पर देने होंगे एक्स्ट्रा पैसे; इस तरह पेमेंट करने से मिलेगी छूट!)
AI की रफ्तार पर लगाम जरूरी
अमोदेई का मानना है कि AI इंडस्ट्री को तेजी से आगे बढ़ने के साथ साथ एआई को लेकर सुरक्षा पर भी खास ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा कि कंपनियों को आपस में मिलकर काम करना चाहिए और दुनिया के देशों को भी इस तकनीक को लेकर मिलकर सही फैसले लेने होंगे. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि AI के विकास को जरूरत से ज्यादा धीमा करना भी सही नहीं होगा. अमोदेई के अनुसार अगर सही लोग इस तकनीक के विकास की जिम्मेदारी से दूर हो गए तो गलत लोगों के हाथ में AI की ताकत जाने का खतरा बढ़ सकता है.
(ये भी पढ़ेंः अब AI करेगा पर्यावरण की रक्षा! Google ने भारत में शुरू किए 5 प्रोजेक्ट, सोलर से खेती तक करेगा मदद)