)
गर्मी के मौसम में तो हमारा AC दिन-रात चलता है और हमें ठंडी-हवा देकर सुकून पहुंचाता है. लेकिन जैसे ही मानसून की एंट्री होती है, हम अक्सर अपने स्पिल्ट AC के बाहर लगे आउटडोर यूनिट को भूल जाते हैं. बारिश का पानी, लगातार बनी रहने वाली नमी, हवा में मौजूद धूल-मिट्टी और उमस मिलकर AC के बाहर वाले हिस्से की बुरी तरह से बैंड बजा देते हैं. अगर ध्यान न दिया जाए तो इसमें जंग लगने लगती है और कंप्रेसर या पाइपलाइन में लीकेज आ जाता है. बाद में जब AC मैकेनिक आता है तो 3,000 से लेकर 8,000 रुपये तक का तगड़ा बिल थमा देता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मार्केट या ऑनलाइन मिलने वाला सिर्फ ₹250 का एक छोटा सा रेन कवर आपको इस भारी-भरकम खर्चे से बचा सकता है? आइए समझते हैं कि यह सिंपल सा जुगाड़ कैसे काम करता है और आपको मानसून में अपने AC का ध्यान कैसे रखना चाहिए.
बारिश में AC के आउटडोर यूनिट पर क्यों लगता है जंग?
मानसून के मौसम में जब लगातार पानी बरसता है, तो पानी की बूंदें और हवा में मौजूद नमी AC की लोहे वाली बॉडी पर जम जाती है. जब इस नमी के साथ धूल और मिट्टी मिलती है, तो केमिकल रिएक्शन शुरू हो जाता है और धीरे-धीरे आउटडोर यूनिट के आउटर केसिंग पर जंग (Rust) चढ़ने लगता है. अगर इस जंग को शुरुआत में ही रोका न जाए, तो यह लोहे को गला देती है. बाद में जब बॉडी पूरी तरह सड़ जाती है, तो आपको पूरा का पूरा आउटडोर केसिंग बदलना पड़ता है. इस केसिंग को बदलवाने का खर्चा ही मार्केट में लगभग ₹2,000 से ₹5,000 के बीच आ जाता है. जबकि ₹2,500 की जगह सिर्फ ₹250 का एक वाटरप्रूफ कवर लगाकर आप इस नुकसान को काफी हद तक कम कर सकते हैं.
क्या ₹250 का कवर वाकई रोक सकता है गैस लीकेज?
AC में सबसे ज्यादा खर्चा तब आता है जब उसकी कूलिंग गैस (Refrigerant) लीक हो जाती है. मानसून में नमी की वजह से आउटडोर यूनिट के अंदर मौजूद कॉपर कॉइल्स, पाइप्स और जॉइंट्स पर जंग लगने लगता है. इससे पाइपों में बारीक छेद हो जाते हैं और गैस धीरे-धीरे उड़ जाती है. 1.5 टन के स्पिल्ट एसी में फिर से गैस भरवाने का खर्चा ₹2,500 से ₹4,000 तक आता है. और अगर बिना लीकेज ठीक कराए सिर्फ गैस भरवा दी, तो वो दोबारा उड़ जाएगी. ऐसे में पाइप बदलने और रिपेयरिंग का कुल खर्चा ₹8,000 या उससे भी ज्यादा पहुंच सकता है. अब जरा सोचिए, ₹250 का एक बेसिक कवर अगर आपके AC को नमी से बचाकर गैस लीकेज के चांस को थोड़ा भी कम कर दे, तो आपके सीधे-सीधे ₹3,000 से ₹8,000 रुपये बच सकते हैं. यह कवर आपके लिए एक तरीके से इंश्योरेंस की तरह काम करता है.
कवर का इस्तेमाल करते समय कभी न करें यह बड़ी गलती
स्मार्ट यूथ को यह बात जरूर समझनी चाहिए कि रेन कवर का इस्तेमाल सिर्फ तब करना है जब AC बंद हो. अगर आप AC चालू करके उस पर कवर चढ़ा रहने देंगे, तो कंप्रेसर की गर्म हवा बाहर नहीं निकल पाएगी और आपका AC अंदर से जल सकता है या उसका कंप्रेसर पूरी तरह से ठप्प हो सकता है. इसलिए जब भी आप AC का इस्तेमाल न कर रहे हों या बारिश तेज हो रही हो, तभी कवर को लगाकर रखें. कवर कभी भी कंप्रेसर के वेंटिलेशन, फैन या एयर इनलेट को ब्लॉक नहीं करना चाहिए ताकि हवा का फ्लो बना रहे.
हर महीने करें ये छोटी-छोटी मेंटेनेंस, AC रहेगा हमेशा टकाटक
कवर लगाने के साथ-साथ अगर आप मानसून के 3-4 महीनों में महीने में एक बार अपने AC की थोड़ी सी केयर कर लेंगे, तो आपका AC सालों-साल बिना किसी प्रॉब्लम के चलेगा.
अगर दिखे ये 5 संकेत तो तुरंत बुलाएं मैकेनिक
रेन कवर आपके AC को बाहर के मौसम से बचा सकता है, लेकिन अगर AC के अंदर कोई टेक्निकल खराबी आ गई है तो आपको किसी ट्रेंड मैकेनिक को ही दिखाना पड़ेगा. अगर आपका AC ये संकेत दे रहा है तो लापरवाही न बरतें: