दबाव की राजनीति कोई नई चीज नहीं है. सभी दल चाहते हैं कि उसे विस्तार का मौका मिले और जेडीयू भी ऐसा करना चाहती है तो इसमें कोई वैसी बात नहीं है. जेडीयू की कोशिश कुछ सीटों पर चुनाव लड़ने और कम से कम खाता खोलने की है और इसके लिए वह भाजपा से गठबंधन के तहत मैदान में उतरना चाहती है.
बिहार में बीजेपी और जेडीयू के बीच पिछले कुछ दिनों से सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. पहले फरक्का जल समझौता और उसके बाद यूसीसी पर अमित शाह के बयान को लेकर दोनों दलों के बीच टशन सामने आ चुकी है. अब यूपी चुनाव को लेकर भी रार हो सकता है.