भारत-रूस के रिश्तों की कहानी सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है. नरगिस की ‘परदेसी’ से शुरू हुआ सिनेमाई सफर कैमरे के पीछे भारत और सोवियत संघ की साझेदारी का गवाह बना. दशकों बाद ‘अजूबा’ ने इस रिश्ते को आगे बढ़ाया. जानिए फिल्मों ने दोनों देशों को कैसे करीब लाया.