Vikramshila Setu: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर वाहनों की आवाजाही बंद होने के बाद मरम्मत का काम शुरू हो गया है. सिक्किम से पहुंची BRO की टीम बड़े क्रेन की मदद से चार स्पैन पर बनाए गए बेली ब्रिज को हटाने में जुटी है. इसके बाद इसी हिस्से में ट्रस ब्रिज का निर्माण किया जाएगा.
Vikramshila Setu: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर आज रात 12 बजे से आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी जाएगी. BRO की टीम बेली ब्रिज हटाने के बाद सेतु के चार क्षतिग्रस्त स्पैन पर ट्रस ब्रिज लगाने का काम शुरू करेगी. इस दौरान यात्रियों के लिए गंगा में मुफ्त जहाज सेवा शुरू होगी.
विक्रमशिला सेतु पर बुधवार की रात से नो एंट्री का बोर्ड लग जाएगा. तीन महीने तक इस पुल से पर गाड़ियों का पहिया थम जाएगा. हालांकि, प्रशासन ने वैकल्पिक रास्ते का इंतजाम किया है. यात्रियों के लिए जलमार्ग से राहत मिलेगी, जिसके लिए बियाडा घाट से मुफ्त जहाज सेवा शुरू की गई है.
भागलपुर-विक्रमशिला सेतु 1 अक्टूबर से बंद हो जाएगा, जिससे सारा ट्रैफिक पूरी तरह रुक जाएगा. उफान पर बह रही गंगा में नाव या जहाज चलाना भी एक चुनौती होगी. इस कदम का असर त्योहारों के दौरान व्यापारियों और किसानों पर पड़ने की संभावना है.
भागलपुर में मंत्री ई. शैलेंद्र ने जेडीयू सांसद अजय मंडल तीखा हमला बोलते हुए उनकी कार्यशैली पर तमाम सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि अगर वे सरकार में हैं और कोई समस्या है, तो उन्हें अपनी बात उचित मंच पर रखनी चाहिए.
भागलपुर और बेगूसराय में बाढ़ का कहर देखने को मिल रहा है. 6 लाख से अधिक आबादी इससे प्रभावित है, लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है. वहीं, गंगा के जलस्तर में गिरावट के बावजूद खतरा बरकरार है.
भागलपुर के राघोपुर गांव में बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत शिविर लगाया गया है. यहां पर राहत शिविर में खाने की लाइन में लगे दो लोगों के बीच प्लेट छूने की वजह से विवाद हो गया और वह इतना बढ़ा की मारपीट हो गई.
भागलपुर में रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से एक दंपत्ति की मौत हो गई. इस घटना में उनका चार साल का बच्चा घायल हो गया और उसका इलाज चल रहा है.
भागलपुर के लोगों के बीच धरती पकड़ केवल चुनावी उम्मीदवार नहीं, बल्कि समाजसेवा और जनजागरण का प्रतीक माने जाते थे. वे अपने जीवन में 284 चुनाव लड़े थे, लेकिन एक भी चुनाव नहीं जीते.
भागलपुर की बीबी शबनम ने पारंपरिक हुनर को कारोबार में बदलकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की. उन्होंने रेश्मी धागों का कारोबार शुरू कर आज करीब 10 लाख की सालाना कमाई कर रही है. शबनम आज बुनकर दीदी के नाम से पहचान बना चुकी हैं.
भागलपुर में गंगा का खौफनाक मंजर देखने को मिल रहा है. जिले के राघोपुर के लोग आशियाना छोड़ पलायन करने को मजबूर हो गए हैं. लोग घर खाली कर रहे हैं और सामान लेकर ऊंचे स्थानों की ओर जा रहे हैं.