वैज्ञानिकों ने एक गजब खोज की है. अब मंगल ग्रह पर जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स के लिए प्लास्टिक कचरे से न्यूट्रिशियस प्रोटीन कुकी बनाई गई है. जानिए यह अनोखी टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है और यह धरती पर इंसानों के कैसे काम आएगी.
भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष में इंसानों के रहने के लिए BHEEM (भीम) नाम का एक गजब का कॉन्सेप्ट पेश किया है. जानिए IISc बेंगलुरु के साथ मिलकर बना यह प्लान चांद और मंगल पर घर बनाने का सपना कैसे सच करेगा.