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भारत और न्यूजीलैंड के बीच आज (मंगलवार, 27 अक्टूबर) तीसरा टी20 इंटरनेशनल मैच खेला जाएगा. 5 मैचों की सीरीज में टीम इंडिया 2-0 से आगे है. श्रेयस अय्यर एंड कंपनी की नजर सीरीज फतह करने पर होगी, लेकिन वेलिंगटन की तेज हवाएं उनका खेल बिगाड़ सकती है. शृंखला में 0-2 से पीछे चल रही कीवी टीम के पास वापसी करने का इससे सुनहरा मौका नहीं होगा.
क्रिकेट के मैदान पर अक्सर खिलाड़ियों का फॉर्म और पिच का मिजाज मैच का नतीजा तय करने का अहम फैक्टर माना जाता है. हालांकि, न्यूजीलैंड के वेलिंगटन की कहानी कुछ और है. यहां पिच के साथ-साथ हवाएं भी मुकाबले का रुख बदल सकती है. वेलिंगटन को Windy Wellington कहा जाता है. यहां हवा की रफ्तार और दिशा खिलाड़ियों की रणनीति से लेकर मैदान पर उनके प्रदर्शन तक को प्रभावित कर सकती है.
मौसम रिपोर्ट के अनुसार, वेलिंगटन में फिलहाल तेज हवाएं चल रही है. बीसीसीआई ने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें देख सकते हैं कि कैसे ये हवाएं टीम इंडिया की प्रैक्टिस पर प्रभाव डाल रही है. मैच के दिन भी वेलिंगटन में तेज हवाएं चलती रहेंगी और मौसम के इसी मिजाज के बीच टीम इंडिया का सामना न्यूजीलैंड से होगा. प्रैक्टिस के बीच कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में इससे पहले कभी भी बादलों को इतनी तेजी से मूवमेंट होते नहीं देखा. अक्षर पटेल भी तेज हवाओं से परेशान दिखे, लेकिन कहा कि मजा भी आ रहा है.
Amidst wind gusts, training with gusto 😀 Welcome to Windy Welly! A glimpse of #TeamIndia's training session at the Basin Reserve as the boys prep up for the 3rd T20I 🙌 #NZvIND https://t.co/xlD9qIy8mf
— BCCI (@BCCI) October 27, 2026
सबसे पहले तो ये बता दें कि ये हवाएं दोनों टीमों पर असर डालेगी. ऐसा नहीं है कि इसका सामना सिर्फ टीम इंडिया करेगी. हां, फर्क इतना है कि न्यूजीलैंड के खिलाड़ी इस मौसम से अनजान नहीं हैं और उनके लिए ये नया नहीं है. वेलिंगटन की तेज हवाओं के बीच खेलकर वो बड़े हुए हैं. इसकी तुलना में टीम इंडिया के सामने कठिन चुनौती है. भारतीय टीम में कई ऐसे प्लेयर्स हैं, जो पहली बार वेलिंगटन में खेलेंगे और उनके लिए ये बिल्कुल अलग अनुभव होने वाला है.
तेज हवाओं का प्रभाव बल्लेबाजी, बॉलिंग और फील्डिंग यानी क्रिकेट के तीनों विभाग पर पड़ता है. टी20 में बल्लेबाजों का फोकस हवाई शॉट खेलने पर होता है. अगर हवा बल्लेबाज की दिशा में चल रही हो तो सिक्स जड़ना आसान है, लेकिन विपरीत दिशा में बह रही हो तो ज्यादा दूरी तय करना मुश्किल काम है. गेंदबाजों के लिए भी यही चुनौती होगी. उन्हें हवाओं के विपरीत दिशा में गेंद डालने में ज्यादा जोर लगाना होगा. तेज हवाओं के बीच फील्डिंग सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकती है.
वेलिंगटन की परिस्थितियों से न्यूजीलैंड के खिलाड़ी परिचित हैं. वे अपने घरेलू मैदानों पर हवा, मौसम और स्थानीय परिस्थितियों में खेलने के अधिक अभ्यस्त हो सकते हैं. इससे उन्हें परिस्थितियों को जल्दी समझने में मदद मिल सकती है.
न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर माइकल ब्रेसवेल ने भी वेलिंगटन की हवा को चुनौतीपूर्ण बताया है. उनके मुताबिक, स्टेडियम में हवा घूम सकती है, इसलिए यह मानकर चलना सही नहीं होगा कि किसी एक छोर से हमेशा एक जैसी हवा आएगी. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बल्लेबाजों और गेंदबाजों को परिस्थितियों के बदलने पर अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा.
वेलिंगटन के हेनरी स्टेडियम में भारत ने अभी तक 3 टी20 मुकाबले खेले हैं. दो में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है, जबकि एक मैच में जीत मिली है, हालांकि वो जीत 2020 में सुपर ओवर में मिली थी. बात करें न्यूजीलैंड की तो उसने इस मैदान पर 18 टी20 मुकाबले खेले हैं. मामला 50-50 रहा है. 9 मैचों में उन्हें जीत मिली है, जबकि 9 में हार का सामना करना पड़ा है.