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पुतिन के घर की 'परमाणु बम' वाली सिक्योरिटी: चारों तरफ 50 एयर डिफेंस टावर्स, बायो-वेपन लैब और अंडरग्राउंड सुरंग, कैसा है प्रेसिडेंट का वल्दाई मेंशन?

रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन के वल्दाई स्थित घर की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है. यहां 15 नए एयर डिफेंस टावर्स लगाए गए हैं, जिससे अब कुल संख्या 50 हो गई है. इस कॉम्प्लेक्स में आलीशान इमारतें और अंडरग्राउंड बंकर भी शामिल है.

पुतिन के घर की 'परमाणु बम' वाली सिक्योरिटी: चारों तरफ 50 एयर डिफेंस टावर्स, बायो-वेपन लैब और अंडरग्राउंड सुरंग, कैसा है प्रेसिडेंट का वल्दाई मेंशन?
Image Credit: इलाके में परिंदा भी पर नहीं मार सकता.

वल्दाई वाला जो घर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बेहद पसंद है, वह उसकी सुरक्षा किसी परमाणु बंकर जैसी है.वल्दाई, रूस के नोवगोरोड ओब्लास्ट में स्थित है. राजधानी मॉस्को से यह 386 किमी उत्तर-पश्चिम में है. इस घर के चारों तरफ कम से कम 15 नए एयर डिफेंस टावर बनाए गए हैं. यानी वल्दाई झील के किनारे बने रूसी राष्ट्रपति के आलीशान घर के चारों ओर अब 50 एयर डिफेंस ठिकाने मौजूद हैं.

'रेडियो फ्री लिबर्टी' (RFL) ने सैटेलाइट तस्वीरों का हवाला देते हुए बताया है कि ये नए ठिकाने आवास से 30 मील के दायरे में हैं. माना जा रहा है कि इनमें पैंटसिर और टोर जैसे सतह से हवा में मार करने वाले एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम लगे हैं.

200 करोड़ है प्रति यूनिट की कीमत

इन सिस्टम्स की कीमत 2,02,79,42,400 रुपये प्रति यूनिट तक है. इन्हें रूस की सबसे शानदार सिक्योरिटी माना जाता है, जो कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन समेत हवाई खतरों से निपट सकते हैं.

RFL के अनुसार, इस नए सुरक्षा घेरे में 'खोटिलोवो'मिलिट्री एयरफील्ड भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल पुतिन अपने सफर के लिए करते हैं. यह एयरफील्ड एक खास रेलवे लाइन के जरिए उनके घर से जुड़ा हुआ है. इसके अलावा, इस घेरे में 'लिसिय' आइलैंड भी आता है, जहां एक लैब कॉम्प्लेक्स है, जो मॉस्को के बायो वेपन रिसर्च सेंटर से जुड़ा है.

सिक्योरिटी को लेकर चल रही टेंशन के कारण पुतिन अपने बाकी घरों में कम ही जाते हैं, लेकिन हाल के वर्षों में वे वल्दाई स्थित इस एकांत घर में आते रहे हैं.

खबरों के अनुसार, यहां उनकी लंबे समय से पार्टनर रहीं पूर्व रिदमिक जिम्नास्ट अलीना काबायेवा और उनके दो बेटे रहते हैं.

कॉम्प्लेक्स में कई मंजिला घर और आलीशान इमारतें

पूरी तरह से यह सुरक्षित परिसर दो झीलों के बीच एक जंगली प्रायद्वीप पर बसा है. यहां एक कई मंजिला महल, 13,000 वर्ग फुट का लकड़ी का घर के अलावा कई अन्य आलीशान इमारतें हैं. पेड़ों से घिरा होने के कारण, यह जगह ड्रोन हमलों के खिलाफ एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करती है.

इसके बावजूद, यहां 50 एयर डिफेंस ठिकाने होने का मतलब है कि इस कम आबादी वाले इलाके और इसके आसपास के क्षेत्रों को लगभग उतनी ही सिक्योरिटी दी गई है, जितनी पूरे मॉस्को शहर को, जहां 19 मिलियन से ज्यादा लोग रहते हैं।

जंग के दौरान, यूक्रेन के लंबी दूरी तक मार करने वाले ड्रोन हमलों का खतरा बढ़ने के कारण, इस कॉम्प्लेक्स के आसपास की सिक्योरिटी को और भी ज्यादा सख्त कर दिया गया था.

कॉम्प्लेक्स में अंडरग्राउंड बंकर

माना जाता है कि इस कॉम्प्लेक्स के अंदर एक अंडरग्राउंड बंकर भी है. साथ ही, पुतिन की असली लोकेशन छिपाने के लिए यहां उनके क्रेमलिन ऑफिस की एक हूबहू नकल (रेप्लिका) की गई है. इसके चारों ओर एक ऐसा सुरक्षा घेरा है, जिसके भीतर ड्रोन उड़ाने, पानी के जहाजों को रोकने, गाड़ियों की मरम्मत करने, कचरा फेंकने और फायरिंग रेंज के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी है.

दिसंबर में क्रेमलिन ने आरोप लगाया कि यूक्रेन ने 90 से ज्यादा ड्रोन का इस्तेमाल करके वल्दाई आवास पर बमबारी करने की कोशिश की थी. कीव और CIA दोनों ने ही इस दावे को खारिज कर दिया था. इसके बाद इस आलीशान घर की सुरक्षा के लिए और कदम उठाए गए.

इस साल जून में, रूस के 'गूगल' माने जाने वाले यांडेक्स मैप्स ने अपनी सैटेलाइट तस्वीरों में इस घर को धुंधला कर दिया था. लगभग 1.3 वर्ग मील के इलाके को छिपा दिया गया, जबकि सोची और गेलेनझिक में पुतिन के अन्य घरों की तस्वीरें अभी भी देखी जा सकती हैं.

9 किमी दूर लगाए गए एंटी ड्रोन नेट

उसी दौरान, इस घर से लगभग छह मील दूर M10 हाईवे के पास ट्रकों की पार्किंग वाली जगह पर एंटी-ड्रोन नेट लगाए गए.

जानकारों का मानना ​​है कि ऐसा यूक्रेन के 'ऑपरेशन स्पाइडरवेब' का मुकाबला करने के लिए किया गया होगा. इस ऑपरेशन में, ट्रकों के अंदर छिपाकर लाए गए ड्रोनों का इस्तेमाल रूसी मिलिट्री एयरबेस पर हमला करने के लिए किया गया था.

सोमवार रात, दक्षिण-पश्चिमी रूस के वोरोनिश शहर में यूक्रेनी ड्रोनों ने रूसी सुरक्षा घेरे में सेंधमारी की थी. इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई और 17 अन्य घायल हो गए.

माना जा रहा है कि इन ड्रोनों ने एक ऐसे इंडस्ट्रियल एरिया को निशाना बनाया, जहां रबर और पॉलिमर बनाए जाते हैं. इनका इस्तेमाल बख्तरबंद वाहनों और इस्कंदर बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए सॉलिड रॉकेट ईंधन के फैक्टर्स के तौर पर किया जाता है. माना जा रहा है कि तीन दिनों के भीतर किसी रूसी सिंथेटिक रबर फैक्ट्री पर यूक्रेन का यह तीसरा हमला है.

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About the Author

Rachit Kumar

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रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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