वैभव सूर्यवंशी के लिए टीम इंडिया अपनाएगी रोटेशन पॉलिसी? ऐसा हुआ तो अगले T20 में कौन होगा बाहर, समझें गणित
अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 मैच में वैभव सूर्यवंशी को बाहर बैठना पड़ा. अगर टीम मैनेजमेंट रोटेशन पॉलिसी का फॉर्मूला अपनाती है तो वैभव को अगले मुकाबले में मौका मिल सकता है. भारतीय क्रिकेट में पहले भी इसका इस्तेमाल हो चुका है.
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीनों मैचों की सीरीज का पहला T20I रविवार (13 सितंबर) को खेला गया. दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने 7 विकेट से जीत दर्ज की. इस मैच में अभिषेक शर्मा के साथ संजू सैमसन ओपनिंग करने उतरे थे, लेकिन वो सिर्फ 10 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. फैंस ने इस फैसले की आलोचना की, क्योंकि 15 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ हुए सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था.
तीन मैचों की सीरीज में वैभव ने दो अर्धशतक की मदद से 151 रन बनाए थे. उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' भी चुना गया था. हालांकि, इसके बावजूद अफगानिस्तान के खिलाफ पहले मैच में उन्हें बाहर कर दिया गया. कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने ओपनिंग की गुत्थी सुलझाने की बड़ी चुनौती है. इसके लिए टीम इंडिया रोटेशन पॉलिसी को अपना सकती है.
रोटेशन पॉलिसी से सुलझेगी गुत्थी?
टीम मैनेजमेंट के लिए संजू सैमसन को बाहर बैठाना भी आसान नहीं है. वो सीनियर खिलाड़ी हैं और इसी साल हुए टी20 वर्ल्ड कप में वो हीरो साबित हुए थे. भारत को चैंपियन बनाने में उनका अहम किरदार रहा था. तीन नॉकआउट मुकाबलों में उन्होंने अर्धशतक जड़ा था और भारत को संकट से निकाला था. हालांकि , आयरलैंड और इंग्लैंड में संजू का बल्ला खामोश रहा. इसी दौरान टीम में वैभव सूर्यवंशी की एंट्री हुई, जिन्होंने आईपीएल 2026 में बल्ले से धमाका किया था.
टीम इंडिया रोटेशन पॉलिसी के तहत इस फैसले का हल ढूंढ सकती है. एक मैच में संजू-अभिषेक से ओपनिंग, दूसरे में वैभव-अभिषेक फिर संजू-वैभव. इस तरह से ये तीनों खिलाड़ी रोटेट किए जा सकते हैं, जिससे वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन दोनों को मौका भी मिलेगा. बड़ी बात ये है कि ऐसा करने से वैभव का मनोबल ऊंचा रहेगा.
धोनी की कप्तानी में हुआ था ऐसा
भारतीय क्रिकेट में पहले भी ओपनर्स के लिए रोटेशन पॉलिसी को लागू किया जा सकता है. 2011-12 में हुए कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज में टीम में सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर मौजूद थे. तत्कालीन कप्तान एमएस धोनी के लिए तीनों को खिलाने में दिक्कत हो रही थी. तब उन्होंने रोटेशन पॉलिसी अपनाया था, जिसपर काफी बवाल भी मचा था. इस रणनीति का मकसद रोहित शर्मा जैसे युवा खिलाड़ियों को ज्यादा मौके देना और भविष्य के लिए अनुभव तैयार करना था.
इन फैसलों की पूर्व खिलाड़ियों और जानकारों ने कड़ी आलोचना की क्योंकि सचिन तेंदुलकर जैसे स्टार बल्लेबाज को बाहर बैठना पड़ा था. टीम के भीतर भी तब भ्रम की स्थिति पैदा हो गई जब वीरेंद्र सहवाग ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें चयन के आधिकारिक मानदंडों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. हालांकि, धोनी ने इसे बदलाव के दौर के लिए एक जरूरी कदम बताते हुए इसका बचाव किया था.
अगले मैच में कौन बाहर बैठ सकता है?
अगर टीम इंडिया रोटेशन पॉलिसी का फॉर्मूला अपनाती है तो अफगानिस्तान के खिलाफ 15 सितंबर को होने वाले दूसरे T20I में वैभव सूर्यवंशी का खेलना तय है. इस स्थिति में संजू सैमसन या अभिषेक शर्मा में से किसी एक को आराम दिया जाएगा. पहले मैच में अभिषेक ने 82 रनों की तूफानी पारी खेली, वहीं सैमसन सिर्फ 10 रन बनाकर आउट हुए. ऐसे में संजू को एक और मौका देना उचित रहेगा. अब देखना होगा कि गंभीर और श्रेयस अय्यर क्या रणनीति अपनाते हैं.