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इंग्लैंड के खिलाफ रावलपिंडी में खेले गए ट्राई सीरीज के तीसरे मुकाबले में श्रीलंका ने ऐतिहासिक जीत हासिल की. हैरी ब्रूक के तूफानी दोहरा शतक के दम पर इंग्लैंड ने स्कोरबोर्ड पर 429 रनों का पहाड़ खड़ा किया था. श्रीलंका ने आखिरी ओवर में इस पहाड़ को पार कर इतिहास रच दिया. ये श्रीलंका की सबसे बड़ी सफल रन चेज है, जबकि ODI क्रिकेट में सिर्फ दूसरी बार इतने बड़े टोटल का सफलतापूर्वक चेज हुआ है. श्रीलंका की इस ऐतिहासिक जीत में पवन रत्नायके, दसुन शनाका और अविष्का फर्नांडो का अहम रोल रहा.
वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे बड़े स्कोर का सफल पीछा करने का रिकॉर्ड साउथ अफ्रीका के नाम दर्ज है. प्रोटियाज ने 2006 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 435 रनों के लक्ष्य का पीछा कर नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया था. अब श्रीलंका के नाम ODI में दूसरा सबसे बड़ा रन चेज करने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है. सबसे दिलचस्प बात ये है कि इस मैच में इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने 114 गेंदों पर डबल सेंचुरी जड़ी थी. वो ODI के सबसे तेज डबल सेंचुरियन बने, लेकिन उनकी इस ऐतिहासिक पारी पर भी पानी फिर गया.
430 रनों का पीछा करते हुए श्रीलंकाई टीम 49वें ओवर तक गेम में थी, लेकिन आखिरी ओवर में लगातार दो विकेट गिरने से उनपर दबाव आ गया. तूफानी पारी खेलने वाले जनित लियानागे भी स्ट्राइक से दूर थे. 5वीं गेंद पर वो स्ट्राइक पर आए, तब श्रीलंका को दो गेंद पर 6 रन की जरूरत थी. लियानागे ने छक्का जड़कर बाजी पलटी और इंग्लैंड के होश उड़ाते हुए श्रीलंका को ऐतिहासिक जीत दिलाई. उन्होंने 27 गेंदों पर 61 रनों की मैच विनिंग पारी खेली, जिसे क्रिकेट फैंस आने वाले कई सालों तक याद रखेंगे.
435 दक्षिण अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया, जोहानसबर्ग 2006
430 श्रीलंका बनाम इंग्लैंड, रावलपिंडी 2026
406 भारत बनाम वेस्टइंडीज, गुवाहाटी 2026
375 नीदरलैंड बनाम वेस्टइंडीज, हरारे 2023 (सुपर ओवर में जीत)
372 दक्षिण अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया, डरबन 2016
इंग्लैंड के खिलाफ मैच में 430 रनों का पीछा कर श्रीलंका को ऐतिहासिक जीत दिलाने में 4 खिलाड़ियों का अहम योगदान रहा. इन चारों बल्लेबाजों ने अलग-अलग मोड़ पर शानदार बल्लेबाजी कर टीम को जीत दिला दी, ओपनर अविष्का फर्नांडो ने 83 गेंद पर 97 रन की पारी खेलकर अच्छी शुरुआत दिलाई. इसके बाद पवन रत्नायके ने मिडिल ओवरों में मोर्चा संभाला और 106 गेंदों पर 130 रनों की बेहतरीन पारी खेली. धाकड़ ऑलराउंडर दसुन शनाका की पारी सबसे खास रही, जिन्होंने 50 गेंदों पर 97 रन बनाए. वो भले ही शतक से चूक गए, लेकिन श्रीलंका की उम्मीदों को जिंदा रखा.
शनाका के आउट होने के बाद नंबर-6 पर बल्लेबाजी करने आए जनित लियानागे ने अपने करियर की सबसे यादगार पारी खेलकर श्रीलंका को जीत दिलाई. 225.93 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए उन्होंने 7 चौके और 3 छक्के लगाया. उनके आखिरी सिक्स से श्रीलंका को जीत मिली.