)
टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच और कप्तान रवि शास्त्री ने एक बार फिर डंके की चोट पर कहा है कि विराट कोहली लिमिटेड ओवरों की क्रिकेट के इतिहास के सबसे महान खिलाड़ी हैं. ऑकलैंड के ईडन पार्क में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पहले ODI मैच में विराट कोहली ने जिस बेफिक्र और दबंग अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने रवि शास्त्री को एक बार फिर उनका मुरीद बना दिया. रवि शास्त्री का मानना है कि विराट कोहली की फिटनेस और खेल के प्रति उनकी निरंतरता आज भी ऐसी है कि वह जब चाहें टेस्ट क्रिकेट में भी धमाल मचा सकते हैं.
ऑकलैंड में जहां अन्य भारतीय बल्लेबाजों को उछाल और स्विंग से जूझना पड़ रहा था, वहीं विराट कोहली एक अलग ही पिच पर बल्लेबाजी करते दिखे. कीवी तेज गेंदबाजों के अनुकूल पिच पर भारत को 186 रनों का लक्ष्य मिला था. रोहित शर्मा के जल्दी आउट होने के बाद विराट कोहली ने शुभमन गिल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 113 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी की. विराट कोहली ने महज 51 गेंदों पर 13 चौकों और 1 छक्के की मदद से 74 रनों की आतिशी पारी खेली और न्यूजीलैंड के अटैक की धज्जियां उड़ा दीं.
सोनी स्पोर्ट्स से बातचीत में रवि शास्त्री ने कहा, 'मुझे लगता है कि इन परिस्थितियों में यह उनकी अब तक की सबसे बेहतरीन बल्लेबाजी है. इस तरह की पिच पर, बिना कोई गलती किए, इतनी सहजता और आत्मविश्वास के साथ खेलना आसान नहीं होता. अगर मैं कहूं तो, पिछले सात, आठ या दस सालों में उन्होंने जितनी भी पारियां खेली हैं, उनमें से यह सबसे बेहतरीन पारियों में से एक है. उन्होंने यहां बल्लेबाजी को एक अलग ही स्तर पर पहुंचा दिया. बाकी सभी खिलाड़ियों के लिए यह पिच बिल्कुल अलग थी, और यही तो महान खिलाड़ियों की खासियत होती है. वे शायद अब तक के सबसे महान 'व्हाइट-बॉल' खिलाड़ी हैं.'
रवि शास्त्री ने कहा, 'जब आप विराट कोहली के आंकड़े देखते हैं, तो उन्होंने न जाने कितने रन बनाए हैं, कितनी तेजी से बनाए हैं, कितने शतक लगाए हैं, और लक्ष्य का पीछा करते हुए कितने मैच जिताए हैं और फिर जिस तरह से वह बल्लेबाजी करते हैं, तो वह एक क्लासिक बल्लेबाज लगते हैं.' न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले ODI मैच में विराट कोहली की शुरुआत बहुत सहज नहीं रही. काइल जैमीसन ने अपनी लंबाई का फायदा उठाते हुए अतिरिक्त उछाल हासिल किया और भारतीय बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं. विराट कोहली ने भी शुरुआत में तेजी दिखाने के बजाय परिस्थितियों को समझने पर ध्यान दिया.
भारत की पारी के दौरान दूसरी बार बारिश आने से खेल रुका, तब तक विराट कोहली 27 गेंदों पर 29 रन बना चुके थे, लेकिन खेल फिर से शुरू होने पर उन्होंने अपनी लय पकड़ ली, 35 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर हमला बोलना शुरू कर दिया. उनकी इस आक्रामक बल्लेबाजी का सबसे ज्यादा असर ब्लेयर टिकनेर पर पड़ा. विराट कोहली पहले ही इस कीवी तेज गेंदबाज की गेंद पर पुल शॉट खेलकर छक्का जड़ चुके थे, लेकिन टिकनेर के अगले ओवर में लगातार आई शॉर्ट गेंदों पर उन्होंने जिस तरह से जवाब दिया, वह देखने लायक था. उन्होंने तीनों शॉर्ट गेंदों को बाउंड्री के पार भेजा और हर गेंद की ऊंचाई और दिशा के हिसाब से अपने शॉट्स को एडजस्ट किया.
शास्त्री ने बताया कि विराट कोहली की सही मौके को पहचानने की क्षमता और विकेटों के बीच उनकी दौड़, गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखती है. शास्त्री ने कहा, 'वह ओवर की पहली या दूसरी गेंद को निशाना बनाते हैं, जैसा कि हमने आज कई बार देखा और फिर स्ट्राइक रोटेट कर देते हैं. वह विकेटों के बीच इतने बेहतरीन दौड़ने वाले बल्लेबाज हैं कि गेंदबाज पर हमेशा दबाव बना रहता है. गेंदबाज को विराट कोहली के खिलाफ गेंदबाजी करने के लिए बहुत ज्यादा गेंदें नहीं मिल पातीं. ऐसा नहीं है कि उसे पूरे ओवर में 5 या 6 गेंदें फेंकने को मिलें. विराट कोहली एक-दो बाउंड्री लगाते हैं, स्ट्राइक बदल लेते हैं और दूसरे छोर पर मौजूद बल्लेबाज को मौका दे देते हैं. बस यही है.'
टेस्ट क्रिकेट से विराट कोहली के संन्यास लेने के फैसले और उसके कुछ ही दिनों बाद रोहित शर्मा के संन्यास लेने से भारतीय क्रिकेट के एक युग का अंत हो गया. हालांकि, रवि शास्त्री का मानना है कि विराट कोहली में अभी भी टेस्ट क्रिकेट के हाइएस्ट लेवल पर खेलने के लिए फिटनेस और टैलेंट मौजूद है. रवि शास्त्री ने कहा, 'आप किसी भी इंटरनेशनल खिलाड़ी या टॉप खिलाड़ी से पूछें, तो वे यही कहेंगे कि 'हम चाहते हैं कि वह टेस्ट क्रिकेट खेलें'. इसमें कोई शक नहीं है. वह अभी भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे, क्योंकि उनकी फिटनेस इतनी शानदार है कि वह सब कुछ बहुत आसान बना देते हैं. ऐसा नहीं है कि उन्हें इसके लिए कोई अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, यह बस उनकी 'मसल मेमोरी' और काम के प्रति उनके समर्पण का नतीजा है. यह वाकई खास है.'