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हिंदू धर्म का एक बड़ा पर्व दिवाली है जो पूरे देश में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. इस पर्व पर मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है. दिवाली के मौके पर देशभर के मां लक्ष्मी के मंदिरों में एक अलग ही तरह की रौनक होती है. अगर आप भी इस दिवाली पर मां लक्ष्मी के मंदिर में जाकर पूजा और दर्शन करना चाहते हैं तो आपको यह जान लेना चाहिए कि देश में कहां-कहां मां लक्ष्मी के मंदिर हैं. यहां हम अष्टलक्ष्मी से लेकर लक्ष्मी नारायण समेत 7 मंदिरों की लिस्ट लेकर आए हैं. जहां दर्शन करके आप मां लक्ष्मी की विशेष कृपा पा सकते हैं और धन का आशीर्वाद पा सकते हैं.
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के दक्षिण हिस्से में एक मंदिर स्थित है जिसका नाम महालक्ष्मी मंदिर है. महालक्ष्मी रेलवे स्टेशन के पास स्थित मां लक्ष्मी को समर्पित यह मंदिर साल 1831 में बनाया गया जो मां लक्ष्मी के प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिरों में से एक है. दिवाली के दिन इस मंदिर में गजब की भीड़ उमड़ती है. इस दिन लोग धन और समृद्धि की देवी महालक्ष्मी के दर्शन पाते हैं.
दिल्ली के लक्ष्मी नारायण मंदिर की विशेष मान्यता है यहां पर दिवाली के मौके पर दर्शन करने का बड़ा महत्व बताया गया है. इस भव्य और खूबसूरत मंदिर को बिरला मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. यह मंदिर भगवान नारायण और देवी लक्ष्मी को समर्पित है. दिवाली पर दर्शन के लिए यहां बहुत भीड़ उमड़ती है. मंदिर में इस दिन विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है और विशेष पूजा की जाती है.
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के श्री महालक्ष्मी मंदिर की बड़ी मान्यता है. इस मंदिर को 1832 में मल्हारराव (द्वितीय) ने बनवाया था. इस मंदिर को हृदयस्थल राजवाड़ा की शान कहा जाता है. 1933 में यह मंदिर 3 मंजिला हुआ करता था, जब आग लगने के कारण मंदिर तहस-नहस हो गया, जिसके बाद मंदिर का जीर्णोद्धार साल 1942 में किया गया. आज के समय में इंदौर के इस मंदिर को मुंबई के महालक्ष्मी मंदिर की तर्ज पर भव्य बनाया गया है.
कोलकाता का महालक्ष्मी मंदिर प्रसिद्ध मां लक्ष्मी के मंदिरों में से एक है. दिवाली के दिन यहां विशेष पूजा की जाती है और कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है. दिवाली के मौके पर मंदिर को सजाया जाता है और दीपक जलाए जाते हैं. भक्त यहां आकर देवी लक्ष्मी के आशीर्वाद लेते हैं.
आंध्र प्रदेश के तिरुपति के पास स्थित पद्मावती अम्मावारी मंदिर देवी पद्मावती को समर्पित है. देवी पद्मावती देवी लक्ष्मी का ही एक अवतार मानी गई हैं. मंदिर को लेकर ऐसी धार्मिक मान्यता है कि यहां पर देवी पद्मावती के दर्शन करने और उनकी पूजा करने से विवाह के योग बनते हैं और वैवाहिक जीवन में सुख और शांति का संचार होता है. दिवाली के मौके पर मंदिर में सैकड़ों दीपक जलाए जाते हैं.
चोट्टानिकरा मंदिर मां महालक्ष्मी को समर्पित है. इस मंदिर में भगवती राजराजेश्वरी के रूप में महालक्ष्मी पूजी जाती है. यहां पर माता की तीन रूपों में पूजा की जाती है. सुबह के समय मां सरस्वती के रूप में, दोपहर के समय मां लक्ष्मी के रूप में और शाम के समय महाकाली के रूप में. इस मंदिर में केरल की पारंपरिक वास्तुकला को देखा जा सकता है. दीवाली के मौके पर इस मंदिर में विशेष पूजा और आरती की जाती है और यहां पर भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
चेन्नई के अष्टलक्ष्मी मंदिर में देवी लक्ष्मी के आठ रूपों की पूजा होती है यानी इस मंदिर में पूजा करने से एक साथ धन, ज्ञान, संतान और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित इस मंदिर में दिवाली के मौके पर विशेष पूजा और भव्य आरती की जाती है.
(Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी और मान्यताओं पर आधारित है, मंदिरों के दर्शन समय और पूजा विधि में बदलाव संभव है, यात्रा से पहले संबंधित मंदिर की आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें.)