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एक ने ठोके 151, दूसरे ने जड़ दिए 173 रन, द्रविड़ और सहवाग के बेटों का महाविस्फोट, भारत को मिले भविष्य के दो नए सितारे

राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय ने अंडर-19 वीनू मांकड़ ट्रॉफी में 100 गेंदों पर 151 रन ठोके. वहीं, वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर ने 173 रनों की पारी खेली.

Written ByTarun Verma
Published: Oct 17, 2026, 06:00 PM IST|Updated: Oct 17, 2026, 08:49 PM IST
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एक ने ठोके 151, दूसरे ने जड़ दिए 173 रन, द्रविड़ और सहवाग के बेटों का महाविस्फोट, भारत को मिले भविष्य के दो नए सितारे
Image Credit: Anvay Dravid And Aaryavir Sehwag

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Tarun Verma

Tarun Verma

तरुण वर्मा ज़ी न्यूज़ हिंदी डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क में कार्यरत हैं. तरुण वर्मा फरवरी 2021 से ज़ी न्यूज का हिस्सा हैं. तरुण वर्मा किसी भी मैच का बारीकी से विश्‍लेषण करने में माहिर हैं. तरुण वर्मा को क्रिकेट व अन्य खेलों से जुड़ी ख़बरों के विभिन्न एंगल्स पर साइड स्टोरीज़ करने के अलावा खिलाड़ियों पर स्‍पेशल पैकेजेस बनाने में बहुत रुचि है. क्रिकेट व अन्य खेलों से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी ज़ी न्यूज़ के पाठकों तक पहुंचाने की ज़िम्मेदारी तरुण वर्मा बख़ूबी निभाते हैं. तरुण वर्मा को क्रिकेट खेलने, किताबें पढ़ने और घूमने का बहुत शौक है. तरुण वर्मा साल 2016 में गौतम गंभीर के कोच संजय भारद्वाज का इंटरव्यू कर चुके हैं. तरुण वर्मा खेलों के कई बड़े-बड़े इवेंट्स को कवर करने का अनुभव रखते हैं. ज़ी न्यूज़ से जुड़ने से पहले तरुण वर्मा इंडिया टुडे ग्रुप मीडिया (Aajtak.in) संस्थान का भी हिस्सा रह चुके हैं. आप Tarun.Verma@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. तरुण वर्मा एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज खिलाड़ियों वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ के बेटों ने शुक्रवार को ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. अंडर-19 वीनू मांकड़ ट्रॉफी में आर्यवीर सहवाग और अन्वय द्रविड़ ने अपने बल्ले से रनों की बारिश कर दी. दोनों ने शानदार शतक जड़े, लेकिन नतीजा बिल्कुल अलग रहा. आर्यवीर की 173 रनों की पारी दिल्ली को जीत नहीं दिला सकी, जबकि अन्वय के तूफानी 151 रनों ने कर्नाटक को गुजरात के खिलाफ जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई.

विजयनगरम में करीब 9 किलोमीटर की दूरी पर खेले गए मुकाबलों में दोनों युवा बल्लेबाजों ने अपनी प्रतिभा का दम दिखाया. 17 वर्षीय अन्वय द्रविड़ ने कप्तानी करते हुए सिर्फ 100 गेंदों पर 151 रन ठोक दिए. उनकी इस पारी की मदद से कर्नाटक ने वी.जे.डी. मेथड के तहत 358 रनों का लक्ष्य हासिल कर गुजरात को हरा दिया. दूसरी तरफ, दिल्ली की कप्तानी कर रहे आर्यवीर सहवाग ने 143 गेंदों पर 173 रन बनाए. उनकी शानदार पारी की बदौलत दिल्ली ने 289 रन का स्कोर खड़ा किया, लेकिन चंडीगढ़ ने 41.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया.

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द्रविड़ और सहवाग के बेटों का महाविस्फोट

इस तरह आर्यवीर का शतक बेकार गया, जबकि अन्वय की पारी जीत की वजह बनी. भले ही आर्यवीर की टीम हार गई, लेकिन उनकी इस शानदार पारी की बदौलत उन्हें अगले महीने होने वाले एशिया कप के लिए भारत की U-19 टीम में जगह मिल गई. इससे पहले के मैचों में भी उन्हें अच्छी शुरुआत मिल रही थी, लेकिन वे उसे बड़े स्कोर (शतक) में नहीं बदल पा रहे थे. 

दिल्ली के कोच राजीव नैयर ने आर्यवीर की बल्लेबाजी में इसी कमी को पहचाना और मैच से एक दिन पहले उनसे बात की. कोच के मुताबिक, उन्होंने आर्यवीर से कहा कि उसे पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों पर नजर रखनी चाहिए और उनसे बेहतर प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखना चाहिए. 

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दिल्ली के कोच ने आर्यवीर को लेकर क्या कहा?

कोच राजीव नैयर ने बताया कि पिछले मैच में आर्यवीर करीब 40 रन बनाने के बाद बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में अपना विकेट गंवा बैठे थे. वह नहीं चाहते थे कि युवा बल्लेबाज दोबारा ऐसी गलती करे. नैयर ने उन्हें समझाया कि अच्छी शुरुआत मिलने के बाद विकेट फेंकना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि आर्यवीर जैसे स्ट्रोक खेलने वाले बल्लेबाज के पास अगर 100 गेंदें खेलने का धैर्य हो, तो वह 160-170 रन तक बना सकते हैं.

आर्यवीर के खेल में उनके पिता की झलक

आर्यवीर ने इस सलाह को गंभीरता से लिया और मैदान पर उसका शानदार परिणाम भी दिखाया. इस मुकाबले का महत्व इसलिए भी ज्यादा था, क्योंकि यह दिल्ली का लीग चरण का आखिरी मैच था और इसके बाद भारतीय अंडर-19 टीम का ऐलान होना था. कोच ने आर्यवीर को याद दिलाया था कि आखिरी मैच में किया गया अच्छा प्रदर्शन सेलेक्टर्स की नजरों में खास जगह बना सकता है. आर्यवीर तीन दिन बाद 19 साल के होने वाले हैं. दिल्ली के कोच राजीव नैयर ने यह भी कहा कि आर्यवीर के खेल में उनके पिता वीरेंद्र सहवाग की कुछ झलक दिखाई देती है. 

आर्यवीर दोहरा शतक पूरा नहीं कर सके

आर्यवीर की पारी का एक दिलचस्प पहलू यह भी रहा कि 173 रन बनाने के बावजूद आउट होने के बाद वह निराश थे. उन्हें इस बात का दुख था कि वह दोहरा शतक पूरा नहीं कर सके. टीम की हार ने उनकी निराशा को और बढ़ा दिया. कोच राजीव नैयर के मुताबिक, दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी का फैसला इसलिए किया था, क्योंकि टीम की ताकत गेंदबाजी के मुकाबले बल्लेबाजी में ज्यादा थी, लेकिन सपाट पिच पर भी टीम करीब 60-70 रन कम बना सकी. इसके बाद गेंदबाज भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए.

आर्यवीर की शानदार पारी के बावजूद दिल्ली मैच नहीं बचा सकी

राजीव नैयर ने बताया कि पिच बल्लेबाजी के लिए शानदार थी. उस पर घास नहीं थी और गेंद में ज्यादा उछाल भी नहीं मिल रहा था. ऐसे में दिल्ली के बल्लेबाजों के पास बड़ा स्कोर खड़ा करने का अच्छा मौका था, लेकिन टीम इसका पूरा फायदा नहीं उठा सकी. पिछले मैच में पांच विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज प्रद्युम्न सनन भी इस बार अच्छी गेंदबाजी नहीं कर पाए. नतीजा यह हुआ कि आर्यवीर की शानदार पारी के बावजूद दिल्ली की टीम मैच नहीं बचा सकी.

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TAGS:
Cricket