पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) ने बठिंडा के देओन गांव में 12.56 एकड़ की एक जमीन 19.77 करोड़ रुपये में खरीदी है, जिसे लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मोहाली के SSP को पत्र लिखकर पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) द्वारा 77.9 करोड़ रुपये की जमीन खरीद में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में FIR दर्ज करने को कहा है. ED का आरोप है कि जमीन को बहुत अधिक कीमतों पर खरीदा गया और बाद में बड़ी रकम नकद निकाली गई या निजी व्यक्तियों और संस्थाओं को ट्रांसफर कर दी गई.
12 अक्टूबर 2026 के एक पत्र में, ED के जालंधर जोनल ऑफिस ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि PCA ने अमृतसर में 155 कनाल 15.5 मरला और बठिंडा में 100 कनाल 10 मरला जमीन 77,99,03,563 रुपये में खरीदी. ED ने आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी जैसे संभावित अपराधों का हवाला देते हुए उचित धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है.
एजेंसी का आरोप है कि इस रजिस्टर्ड सोसाइटी ने दर्शन सिंह, AGM हाइट्स प्राइवेट लिमिटेड और फ्यूचर होम्स से जमीन को उसकी वास्तविक कीमत से कहीं ज्यादा दाम पर खरीदकर अपने फंड का दुरुपयोग किया. ED ने PCA द्वारा भुगतान किए जाने के बाद नकद निकासी और निजी व्यक्तियों को पैसे ट्रांसफर किए जाने की ओर भी इशारा किया है.
यह पत्र ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में पूर्व रणजी खिलाड़ी और PCA के आजीवन सदस्य राकेश हांडा से जुड़ा एक विवाद चल रहा है. हांडा ने अपनी सदस्यता खत्म किए जाने और एसोसिएशन में वित्तीय अनियमितताओं की उनकी शिकायत को खारिज किए जाने को चुनौती दी है. हांडा के वकील शेखर शर्मा ने बताया कि ED का यह पत्र अभी तक हाई कोर्ट के रिकॉर्ड में पेश नहीं किया गया है.
उन्होंने बताया कि जहां हाई कोर्ट ने सदस्यता विवाद के लिए हांडा को सिविल कोर्ट जाने को कहा था, वहीं ED ने अलग से पुलिस से संपर्क करके FIR दर्ज करने की मांग की है. हाई कोर्ट ने मंगलवार को हांडा के मामले का निपटारा कर दिया. ED के अनुसार, PCA ने बठिंडा की जमीन के लिए दर्शन सिंह को 19.8 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जो लगभग 19.7 लाख रुपये प्रति कनाल बैठता है, जबकि सरकार का कलेक्टर रेट 5 लाख रुपये प्रति कनाल था. आरोप है कि इन दोनों कंपनियों ने किसानों से जमीन खरीदी और कुछ ही महीनों के भीतर उसका एक हिस्सा PCA को बहुत ऊंची कीमत पर बेच दिया.
एजेंसी के अनुसार, AGM हाइट्स ने सितंबर से नवंबर 2025 के बीच 1.36 करोड़ रुपये में 61 कनाल और दो मरला जमीन खरीदी थी. इसके बाद, 16 फरवरी 2026 को उन्होंने इसमें से 32 कनाल और चार मरला जमीन PCA को 12.03 करोड़ रुपये में बेच दी. इसी तरह, फ्यूचर होम्स ने अगस्त से नवंबर 2025 के बीच 5.56 करोड़ रुपये में 224 कनाल और दो मरला जमीन खरीदी थी. फिर उसी तारीख को उन्होंने 123 कनाल और 11.5 मरला जमीन PCA को 46.18 करोड़ रुपये में बेच दी.
ED ने बताया कि इन कंपनियों ने लगभग 285 कनाल जमीन 6.9 करोड़ रुपये में खरीदी थी. इसके बाद, तीन से छह महीने के भीतर ही उन्होंने 155 कनाल और 15.5 मरला जमीन PCA को 58.2 करोड़ रुपये में बेच दी, जो कि उनकी खरीद कीमत से लगभग 15.4 गुना ज्यादा थी. एजेंसी ने जमीन के इन सौदों के बाद हुए बैंक लेन-देन की भी जांच की. आरोप है कि AGM हाइट्स को दिए गए 11.9 करोड़ रुपये (TDS काटकर) 17 फरवरी 2026 को उनके HDFC बैंक खाते में जमा किए गए और दो महीने के भीतर ही निकाल लिए गए.
इन पैसों के ट्रांसफर में हरिमोहन कौर रंधावा को 3.6 करोड़ रुपये, PCA के डायरेक्टर गुरप्रीत सिंह को 2 करोड़ रुपये और GS कंस्ट्रक्टर को 69.5 लाख रुपये दिए गए. फ्यूचर होम्स के सौदे में, 18 फरवरी 2026 को उनके पंजाब नेशनल बैंक खाते में 45.7 करोड़ रुपये (TDS काटकर) जमा किए गए थे. ED का आरोप है कि इसमें से 45 करोड़ रुपये कंपनी के साझेदारों, रमणीक सिंह और शालू ढींगरा के बीच बराबर-बराबर बांट दिए गए. एजेंसी ने आगे आरोप लगाया कि बठिंडा की जमीन के लिए भुगतान की गई 19.6 करोड़ रुपये की राशि (TDS को छोड़कर) दर्शन सिंह के तीन खातों में जमा की गई थी, जिसमें से 44.6 लाख रुपये नकद निकाले गए. ये आरोप ED की शुरुआती जांच पर आधारित हैं.