सिराज को लंबे ब्रेक से दिक्कत: भारतीय गेंदबाज के साथ क्या गलत हुआ? स्पीड कम होने की बताई बड़ी वजह
आजकल तेज गेंदबाजों को तरो-ताजा होने के लिए आराम की जरूरत होती है, लेकिन मोहम्मद सिराज को लंबे ब्रेक से दिक्कत है. श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में स्पीड में आई गिरावट और दलीप ट्रॉफी फाइनल में बेअसर साबित होने के बाद उन्होंने बड़ा खुलासा किया है.
दुनिया में बहुत ऐसे तेज गेंदबाज हैं, जो ये कहेंगे कि लगातार खेलने के बाद उनके शरीर को लंबे ब्रेक की जरूरत होती है. क्रिकेट के टर्म में इसे 'वर्क लोड मैनेजमेंट' कहा जाता है, जिसका ध्यान अब भारतीय क्रिकेट टीम में भी रखा जा रहा है. टीम इंडिया के स्टार पेसर जसप्रीत बुमराह को भी बीच-बीच में आराम दिया जाता है, ताकि बड़े टेस्ट सीरीज से पहले वो पूरी तरह से फिट और तैयार रहें. हालांकि, मोहम्मद सिराज के केस में ऐसा बिल्कुल नहीं है. उन्हें अगर ज्यादा आराम दिया तो इसका रिएक्शन उल्टा हो जाता है. लंबे ब्रेक के बाद वो उतने प्रभावशाली नहीं साबित होते हैं. इसका खुलासा उन्होंने खुद किया है.
श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के बाद जब मोहम्मद सिराज को दलीप ट्रॉफी 2026 फाइनल खेलने को कहा गया तो कई फैंस ने इस निर्णय की आलोचना की. उनका मानना था कि सिराज को आसानी से आराम दिया जा सकता था. हालांकि, सच ये है कि सिराज खुद ब्रेक से दूर भागते हैं और लगातार खेलना चाहते हैं. उन्होंने विस्तार से इसके पीछे की वजह बताई है.
सिराज को ब्रेक से क्यों परेशानी?
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में मोहम्मद सिराज साउथ जोन टीम का हिस्सा थे. हालांकि, चेन्नई में खेले गए इस मैच में वो बिल्कुल छाप नहीं छोड़ सके. पहली पारी में तो वो काफी महंगे साबित हुए और उन्हें एक भी सफलता नहीं मिली. उन्होंने 25 ओवर में 140 रन लुटा दिए. ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने उनकी जमकर धुनाई की. दूसरी पारी में सिराज थोड़े लय में लौटे. उन्होंने 16 ओवर में 47 रन देकर एक विकेट हासिल की. दलीप ट्रॉफी 2026 फाइनल के बाद उन्होंने खुद अपनी कमजोरी और ताकत के बारे में बताया. मोहम्मद सिराज ने कहा,
''हर बॉलर का शरीर अलग होता है, लेकिन मेरा शरीर लंबे ब्रेक को ठीक से नहीं झेल पाता. थोड़ा आराम ठीक है, लेकिन अपने 10 साल के करियर में मैंने कभी पूरे दो महीने का ब्रेक नहीं लिया था. मैं जिम में वर्कआउट कर रहा था और कभी-कभी बॉलिंग भी कर रहा था, लेकिन कितनी भी प्रैक्टिस कर लें, मैच की तीव्रता की बराबरी नहीं हो सकती. यह एक नया अनुभव था, लेकिन आगे बढ़ने के लिए मेरे लिए सीखने का एक अहम मौका था.''
बता दें कि श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले मोहम्मद सिराज को दो महीने का आराम मिला था. 8 जून को अफगानिस्तान के खिलाफ भारत के एकमात्र टेस्ट मैच के बाद, सिराज ने 7 अगस्त को कोलंबो में खेले गए वॉर्म-अप मैच तक कोई भी कॉम्पिटिटिव क्रिकेट नहीं खेला. यह पूरे दो महीने का समय था, जो उनके दस साल के करियर का सबसे लंबा ब्रेक था.
मोहम्मद सिराज ने आगे बताया कि मैं पूरी तरह से रिदम पर निर्भर रहने वाला बॉलर हूं. अगर मेरी लय सही नहीं होती, तो मैं क्रीज पर पूरी ताकत के साथ बॉलिंग नहीं कर पाता. श्रीलंका में मुझे यही दिक्कत हुई थी. मेरा रन-अप सही नहीं लग रहा था. कुछ कदम बहुत छोटे थे, तो कुछ बहुत लंबे, जिससे मेरा फ्लो बिगड़ गया और मेरी स्पीड कम हो गई. यहां सब कुछ सही रहा और स्पीड भी अपने-आप अच्छी बनी रही.
श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में घटी सिराज की स्पीड
श्रीलंका के खिलाफ हुए दोनों टेस्ट मैचों में सिराज की गेंदबाजी की रफ्तार वाकई कम रही. यह 120 kmph के आखिर और 130 kmph की शुरुआत के आस-पास थी. अगर इसकी तुलना पिछले साल इंग्लैंड में हुई 5 मैचों की लंबी सीरीज से करें तो, सिराज ने पांचवें टेस्ट के आखिरी दिन गस एटकिंसन को 143 kmph की स्पीड से यॉर्कर फेंककर क्लीन बोल्ड किया था.
इंग्लैंड में बने थे भारत के 'पावर हॉर्स'
पिछले साल जब इंग्लैंड में टीम इंडिया 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली थी, तब मोहम्मद सिराज कप्तान शुभमन गिल के 'गो टू बॉलर' थे. उस शृंखला में सिराज ने 1113 गेंदें फेंकीं थी. ओवल में मिली मशहूर टेस्ट जीत में उन्होंने दिखाया कि आखिरी गेंद तक उनका जोश और तेजी कितनी ज़बरदस्त थी. इस सीरीज में उन्होंने दोनों टीमों के मुकाबले सबसे ज्यादा 185.3 ओवर डाले थे. इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में सिराज ने 23 विकेट भी चटकाए थे.
आजकल जब तेज गेंदबाजों को तरो-ताजा होने के लिए आराम की जरूरत होती है, तब सिराज एक अनोखे खिलाड़ी के तौर पर सामने आए हैं. असल में, वो इस मामले में बिल्कुल अलग हैं; उन्हें लंबे समय तक आराम करने से उनकी गेंदबाजी की लय (रिदम) पर बुरा असर पड़ता है, जैसा कि हमने श्रीलंका के खिलाफ सीरीज और दलीप ट्रॉफी 2026 फाइनल में देखा.
मोहम्मद सिराज का करियर
दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने 2017 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था. 2020 में सिराज का सपना पूरा हुआ, जब उन्हें भारत की टेस्ट कैप मिली. उन्होंने अब तक 48 टेस्ट मैचों में 29.63 की औसत से 144 विकेट चटकाए हैं. सिराज ने भारत के लिए 50 ODI में 76 विकेट और 17 T20I में 17 विकेट झटके हैं.