'मेरी डिक्शनरी में डर शब्द नहीं', 12 सीरीज का भारी वर्कलोड, क्या 'गुरु' गंभीर को चाहिए आराम?
भारतीय क्रिकेट टीम के गौतम गंभीर ने न्यूजीलैंड से सीरीज जीतने के बाद दबाव, वर्कलोड और टीम के प्रदर्शन को लेकर अपनी बेबाक राय रखी. भारत ने 5 मैचों की टी20 सीरीज को 3-2 से अपने नाम किया. इसके बाद गंभीर ने मीडिया से बात की.
भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज को 3-2 से जीतकर दौरे की शुरुआत शानदार अंदाज में की. अब उसके पास वनडे और टेस्ट सीरीज जीतने की चुनौती है. अगली परीक्षा से पहले मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा है कि वह राष्ट्रीय टीम के साल लगातार काम करके मानसिक रूप से थक गए हैं. हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि वह इस दबाव को झेलने के लिए काफी मजबूत है. भारत अब 5 मैचों की वनडे और 2 टेस्ट मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगा.
गंभीर ने पांचवें टी20 में सात विकेट से मिली हार के बाद मीडिया से बात की. उन्होंने माना कि क्रिकेट कैलेंडर के व्यस्त शेड्यूल ने तनाव बढ़ा दिया, लेकिन वह 'कड़ी मेहनत' करने के लिए तैयार हैं. भारत ने रविवार (1 नवंबर) को हैमिल्टन में खेले गए पांचवें मैच में 20 ओवर में आठ विकेट पर 191 रन बनाए. जवाब में न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में तीन विकेट पर 195 रन बनाकर मैच को अपने नाम कर लिया.
गंभीर की डिक्शनरी में 'डर' शब्द नहीं
भपारतीय टीम के लिए खिलाड़ियों का वर्कलोड मैनजमेंट को लेकर लगातार खबरें आती रहती हैं, लेकिन हेड कोच के साथ ऐसा काफी कम हुआ. कुछ मौकों पर वीवीएस लक्ष्मण ने टीम की कोचिंग संभाली है. हालांकि, उस दौरान भी गंभीर दूसरी सीरीज के लिए टीम के साथ होते हैं या उसकी तैयारी में लगे होते हैं. भारतीय कोच का शेड्यूल का व्यस्त रहता है. इसके बावजूद गंभीर ने साफ कर दिया है कि वह इसे लेकर बहाने नहीं बना रहे हैं. वह इस तरह की चीजों में विश्वास नहीं रखते हैं. उन्होंने कहा, "मेरी डिक्शनरी, मेरी डायरेक्टरी और मेरी सोच में डर के लिए कोई जगह नहीं है. यह शब्द मेरी जिंदगी में है ही नहीं. मुझे लगता है कि हम प्रोफेशनल हैं और मेरा हमेशा मानना रहा है कि बहाना नहीं हो सकता है."
ये भी पढ़ें: टी20 के बाद अब वनडे का रोमांच: रोहित-विराट की जोड़ी बिखेरेगी जलवा, जानिए पूरा शेड्यूल, टाइमिंग और स्क्वॉड
दबाव को मानते हैं गंभीर
गंभीर ने कहा कि वह टीम कोच होने के नाते दबाव को समझते हैं और खासकर ऐसी टीम के साथ वह काम कर रहे हैं जिससे हर मैच में जीतने की उम्मीद होती है. उन्होंने कहा, ''वर्कलोड के नजरिए से मुझे पता है कि यह काफी मुश्किल है. यह बहुत चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है. खासकर जब आप बाहर हों और जिस तरह के दबाव से आप गुजरते हैं. खासकर टीम इंडिया जैसी टीम को कोचिंग देते समय ऐसा होता है. लोग आपको जरा भी जगह नहीं देते हैं. हर कोई आपसे हम मैच जीतने की उम्मीद करता है, लेकिन आपको सच्चाई को समझना होता है. मुझे इसमें काफी मजा आ रहा है.''
ये भी पढ़ें: एक ही सीरीज में 116 छक्के: सॉल्ट और अभिषेक से आगे निकले ग्लेन फिलिप्स, भारत-न्यूजीलैंड सीरीज में बने 5 रिकॉर्ड
क्या वर्कलोड हावी हुआ?
गंभीर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया कि क्या टीम इंडिया की कोचिंग देते समय उनके ऊपर वर्कलोड हावी हुआ है? इसे उन्होंने मानते हुए कहा कि उनके ऊपर भी वर्कलोड हावी हुआ है. हालांकि, गंभीर ने जोर देकर यह जरूर कहा कि वह दबाव संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं. टीम इंडिया के कोच ने कहा, ''हां, सच कहू्ं तो मुझे करना पड़ता है, लेकिन मैं इसे (दबाव) को मैनेज करने में काफी मजबूत हूं. मैं जब तक हो सके, इसे झेलने के लिए काफी मजबूत हूं. मैं ऐसा ही बना हूं और दबाव झेल सकता है. मैं गोली भी झेल सकता हूं, लेकिन हां, मैं एक इंसान हूं. ऐसे समय आएंगे जब मैं थका हुआ महसूस करूंगा, लेकिन अब तक मैं इसे झेल पाया हूं.''