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बॉलीवुड किंगखान शाहरुख खान के पिता मीर का जन्म पाकिस्तान में हुआ था. भारत में आने के बाद एक्टर के पिता ने कई बार पाकिस्तान जाने के लिए वीजा की मांग की थी, लेकिन वीजा नहीं मिला था. मीर ने मांग की उन्हें अपने परिवार से मिलने दिया जाए, इससे पहले वह लोग इस दुनिया से ना चले जाए. जिसके बाद उन्हें वीजा मिलता है. वह बेटे शाहरुख खान के साथ पाकिस्तान जाते हैं. शाहरुख खान अपने करियर में दो बार पाकिस्तान गए हैं. दूसरी यात्रा उनके जीवन की सबसे दर्दनाक यात्रा थी. राइटर अनुपमा चोपड़ा की किताब King of Bollywood: Shah Rukh Khan and the Seductive World of Indian Cinema में उनकी यात्रा का जिक्र है.
शाहरुख खान की पाकिस्तान की यात्रा आसान नहीं थी. पिता और बेटे ट्रेन से अमृतसर गए. इसके बाट अटारी बॉर्डर जाते हैं. इसके बाद मीर और शाहरुख खान दोनों देशों के बीच तय नो मैन्स लैंड पार करके पाकिस्तान में वाघा गए. इसके बाद मीर पेशावर वाले घर में गए. इस दौरान वह बेटे को अपने बचपन की यादों के बारे में बताया. जब शाहरुख खान पहली बार पाकिस्तान गए थे, तब वह 12 साल के थे.
उनके लिए वह अच्छी याद थी. उनकी एक बड़ी पुश्तैनी हवेली थी. उनकी हवेली में कई पीढ़ियों से फैमिली एक साथ रहती थी. शाहरुख अपने रिश्तेदारों से मिले. अपनी उम्र के कजिन से मिलने उन्होंने वहां खूब मस्ती की थी. उनकी कई गोरी-चिट्टी कजिन थी. जो उनको बाजारों में ले जाती थी.
शाहरुख खान की दूसरी विजिट दर्दनाक थी. एक कॉमन दोस्त ने शाहरुख खान को बताया था कि उनके कजिन इसलिए अच्छे से बात कर रहे है क्योंकि वह जाते हैं मीर पाकिस्तान में अपनी प्रॉपर्टी का हिस्सा उन्हें दे दे. शुरुआत में शाहरुख खान को इस बात पर यकीन नहीं हुआ.
जब वह पाकिस्तान से भारत वापस आए तो उन्होंने पिता की आंखों में दुख देखा. मीर ने अपने सपनों को पूरा करने के लिए पेशावर में अपना घर, जिंदगी और परिवार छोड़ दिया था. इसके कुछ महीने बाद मीर की तबीयत खराब हो गई. शाहरुख खान का मानना है कि उनके पिता की मौत जितनी कैंसर से हुई उतनी ही उस दुख से भी हुई थी.
शाहरुख खान के पिता के जीभ पर छाला हो गया. डॉक्टर ने बताया कि उन्हें ओरल कैंसर हैं. मीर कुछ समय बाद कुछ खा भी नहीं पा रहे थे. जल्द ही वह बोल भी नहीं पा रहे थे. 6 महीने के अंदर उनका शरीर कंकाल बन गया था. पहले मीर परिवार को लिखकर अपनी बात समझाते थे.बीमारी के बढ़ने से उनका शरीर इतना कमजोर हो गया कि वह पेंसिल तक नहीं उठा पाते थे. जिसके बाद शाहरुख और मीर इशारों में बात करते थे. आखिर के समय में मीर से इशारे करना भी मुश्किल हो गया था. 19 सितंबर 1981 में शाहरुख खान के पिता की मौत हो गई थी. एक्टर को लगता है कि उनके पिता की मौत का जितना कारण कैंसर है उतना कारण वह दुख भी है जो पाकिस्तान से आने के बाद उन्हें पिता की आंखों में दिखा.