एक महीने के अंदर दूसरी बार ODI क्रिकेट में 400 से अधिक रनों का सफलतापूर्वक पीछा हुआ है. 30 सितंबर, 2026 को जब वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत ने ऐसा किया था, तब शुभमन गिल ने 117 गेंदों पर दोहरा शतक जड़ा था. वो ODI में सबसे तेज डबल सेंचुरियन बने थे. आज (22 अक्टूबर, 2026) हैरी ब्रूक ने 116 गेंदों पर दोहरा शतक जड़कर शुभमन गिल का तो रिकॉर्ड तोड़ दिया, लेकिन इस ऐतिहासिक पारी के बावजूद इंग्लैंड की टीम हार गई. रावलपिंडी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में श्रीलंका ने ब्रूक और इंग्लिश टीम को कभी ना भरने वाला जख्म दिया.
ट्राई सीरीज के तीसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 4 विकेट खोकर 429 रन बनाए. इंग्लिश कप्तान हैरी ब्रूक ने 116 गेंदों पर 202 रनों की नाबाद खेली. इस दौरान उन्होंने 21 चौके और 10 छक्के लगाए. इस पारी के बाद जब वो ड्रेसिंग रूम में जा रहे होंगे, तो उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि इंग्लैंड ये मुकाबला हारने वाला है.
रावलपिंडी में 430 रनों का पीछा कर श्रीलंका ने इतिहास भी रचा और हैरी ब्रूक को गहरा जख्म दिया. ODI के सबसे तेज डबल सेंचुरियन के नाम एक और अनोखा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जिसे वो कभी याद नहीं रखना चाहेंगे. जी हां, वनडे इंटरनेशनल में हारने वाली टीम की ओर से बनाए गए सबसे बड़े स्कोर में अब हैरी ब्रूक की डबल सेंचुरी पहले नंबर पर आ गई है.
202- हैरी ब्रूक बनाम इंग्लैंड, रावलपिंडी 2026
194*- चार्ल्स कोवेंट्री बनाम बांग्लादेश, बुलावायो 2009
193- फखर जमान बनाम दक्षिण अफ्रीका, जोहान्सबर्ग 2021
191- जॉर्ज मुन्सी बनाम नीदरलैंड, डंडी 2025
181*- मैथ्यू हेडन बनाम न्यूजीलैंड, हैमिल्टन 2007
ODI में हैरी ब्रूक से पहले 10 खिलाड़ियों ने दोहरा शतक जड़ा था, लेकिन किसी ने भी इतने बड़े स्कोर के बाद हार का स्वाद नहीं चखा था. हैरी ब्रूक ने सबसे तेज डबल सेंचुरी जड़ने का बड़ा कारनामा तो किया, लेकिन गेंदबाजों ने उनकी मेहनत पर पानी फेरने का काम किया.
WE HAVE DONE THE UNTHINKABLE! 🦁🔥 430 RUNS CHASED DOWN! 🇱🇰 We script history by pulling off our highest-ever successful run chase—the second-highest in ODI history! 💥 What a day to be a Sri Lankan cricket fan! 💙 #SLvENG #TriSeries #SriLankaCricket #RecordChase #HistoryMade https://t.co/j75gwAkqqL
— Sri Lanka Cricket 🇱🇰 (@OfficialSLC) October 22, 2026
श्रीलंका की ऐतिहासिक जीत में चार बल्लेबाजों का अहम रोल रहा, जिन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों में टीम को संभालने का काम किया. इसकी नींव ओपनर अविष्का फर्नांडो ने रखी. उन्होंने 83 गेंद पर 97 रन की पारी खेलकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई. इसके बाद नंबर-4 पर बल्लेबाजी करने उतरे पवन रत्नायके ने मोर्चा संभाला और 106 गेंदों पर 130 रनों की बेहतरीन पारी खेली. धाकड़ ऑलराउंडर दसुन शनाका ने 50 गेंदों पर 97 रन बनाए. वो भले ही शतक से चूक गए, लेकिन श्रीलंका की उम्मीदों को जिंदा रखा.
नंबर-6 पर बल्लेबाजी करने आए जनित लियानागे ने फिनिशर का रोल बखूबी से निभाया और अपने करियर की सबसे यादगार पारी खेलकर श्रीलंका को जीत दिलाई. 225.93 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए उन्होंने 7 चौके और 3 छक्के की मदद से 27 गेंदों पर 61 रन बनाए.