Explained: भारतीय क्रिकेट टीम में एंट्री का पूरा खेल, 148 करोड़ की जनसंख्या वाले देश में कैसे मिलते हैं टॉप क्रिकेटर्स, जानिए पूरा फॉर्मूला
आज अगर भारत के लिए विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर, वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा जैसे बल्लेबाज खेल रहे हैं तो उसके पीछे कई लोगों की मेहनत है.
भारतीय क्रिकेट टीम आज अगर दुनिया भर में अपना परचम लहरा रही है, तो इसके पीछे सबसे बड़ा रोल इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और भारत के मजबूत डोमेस्टिक क्रिकेट ढांचे का है. 148 करोड़ की विशाल जनसंख्या वाले देश में से चुनिंदा टैलेंटेड क्रिकेटरों को तलाशना किसी समंदर से मोती ढूंढने जैसा कठिन काम है, लेकिन यह नामुमकिन नहीं है. आज पूरे देश के कोने-कोने से छुपे हुए हुनर को खोजकर निकाला जा रहा है और उन्हें आईपीएल जैसे बड़े मंच पर अपना जलवा बिखेरने का मौका दिया जा रहा है.
घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी चमक बिखेरने वाले कुछ खास खिलाड़ियों को ही आगे चलकर टीम इंडिया की जर्सी पहनने का सौभाग्य मिलता है. विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या, शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, तिलक वर्मा, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी जैसे नाम इसी मजबूत सिस्टम की देन हैं. ये सभी सितारे भी कभी गुमनामी के अंधेरे में थे, लेकिन सही गाइडेंस और प्लेटफॉर्म ने इन्हें वर्ल्ड क्लास प्लेयर बना दिया.
भारतीय क्रिकेट टीम में एंट्री का पूरा खेल
आईपीएल में हर साल नए और विस्फोटक युवाओं को लाने के पीछे एक बहुत बड़ा सीक्रेट प्रोसेस काम करता है. हर आईपीएल फ्रेंचाइजी की अपनी 'टैलेंट स्काउट' टीम होती है, जो पूरे साल एक्टिव रहती है. ये स्काउट्स BCCI द्वारा आयोजित राज्य T20 लीग्स और डोमेस्टिक टूर्नामेंट्स पर पैनी नजर रखते हैं. उदाहरण के लिए, मुंबई इंडियंस की स्काउट टीम रणजी ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, विजय मर्चेंट (U-16), कूच बिहार (U-19), वीनू मांकड़ और सीके नायडू (U-23) जैसे टूर्नामेंट्स में जाकर उभरते खिलाड़ियों की खोज करती है.
खिलाड़ियों को सिर्फ मैच में खेलते देखना ही काफी नहीं होता. स्काउट्स इन होनहार युवाओं को अपनी फ्रेंचाइजी के स्पेशल ट्रायल्स के लिए बुलाते हैं. यहां कोच और मेंटर्स खिलाड़ियों के साथ मिलकर काम करते हैं और अपनी एकेडमी में उनकी कमजोरियों को सुधारकर उनके टैलेंट को निखारते हैं. इस बारीक परख और मेहनत के बाद ही एक अनजान खिलाड़ी डोमेस्टिक क्रिकेट और आईपीएल से गुजरते हुए टीम इंडिया में एंट्री करता है.
148 करोड़ की जनसंख्या वाले देश में कैसे मिलते हैं टॉप क्रिकेटर्स
आज के समय में दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL), यूपी टी20 लीग, मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग, तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL) और केरल टी20 लीग से टैलेंटेड खिलाड़ी निकल रहे हैं. इन लोकल लीग्स के जरिए दूर-दराज के इलाकों के खिलाड़ी सीधे स्काउट्स की नजरों में आ जाते हैं. यही छोटे शहरों के छिपे हुए सितारे आगे चलकर आईपीएल में तहलका मचाते हैं और आखिरकार भारत की नेशनल टीम का हिस्सा बनकर देश का नाम रोशन करते हैं.
वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों का कम उम्र में आईपीएल और टीम इंडिया का हिस्सा बनना यह साबित करता है कि अब स्काउट्स कितने एडवांस हो चुके हैं. आने वाले समय में भारत के टैलेंट हंट सिस्टम से और भी कई ऐसे अनमोल हीरे निकलेंगे, जो सीधे डोमेस्टिक क्रिकेट और आईपीएल से गुजरते हुए टीम इंडिया में आएंगे और वर्ल्ड क्रिकेट पर राज करेंगे.
टीम इंडिया में स्टार बनने तक का सफर
1. टैलेंट की खोज
IPL के टैलेंट स्काउट्स पूरे भारत में जाकर स्टेट टी20 लीग और डोमेस्टिक टूर्नामेंट्स में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की खोज करते हैं. स्काउट्स इन खिलाड़ियों को अपनी फ्रेंचाइजी के स्पेशल ट्रायल्स के लिए बुलाते हैं.
2. स्पेशल ट्रायल्स और नेट सेशन
IPL सीजन शुरू होने से कुछ महीने पहले सभी फ्रेंचाइजी अपने-अपने शहरों में विशेष कैंप लगाती हैं. इसमें स्टेट और डिस्ट्रिक्ट लेवल पर चमकने वाले खिलाड़ियों को इनवाइट किया जाता है. यहां भारतीय और विदेशी कोचिंग स्टाफ इन खिलाड़ियों की तकनीक को करीब से परखते हैं.
3. आईपीएल का मंच
स्टेट टी20 लीग और डोमेस्टिक टूर्नामेंट्स और IPL ट्रायल्स में अच्छा प्रदर्शन करने वाले इन क्रिकेटर्स को IPL ऑक्शन के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है. IPL ऑक्शन में बिकने के बाद इन क्रिकेटर्स की किस्मत खुल जाती है. IPL टूर्नामेंट्स के दौरान न सिर्फ इन क्रिकेटर्स को खेलने का मौका मिलता है, बल्कि उन्हें दुनिया के एक से बढ़कर एक वर्ल्ड क्लास दिग्गजों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने का मौका मिलता है.
4. इंटरनेशनल डेब्यू
आईपीएल और डोमेस्टिक क्रिकेट से तपकर निकले इन बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले चुनिंदा क्रिकेटर्स को टीम इंडिया में सेलेक्ट किया जाता है. टीम इंडिया में सेलेक्शन के बाद उन्हें भारतीय टीम के लिए इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिलता है.