बीसीसीआई की नई चयन समिति: अजीत अगरकर के बाद प्रज्ञान ओझा बने चीफ सेलेक्टर, रमेश पवार की हुई एंट्री
भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा बीसीसीआई के नए चीफ सेलेक्टर बने हैं. उन्होंने अजीत अगरकर की जगह ली है. प्रज्ञान की चयन समिति में वेस्ट जोन से रमेश पवार की एंट्री हुई है.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने प्रज्ञान ओझा को अपनी चयन समिति का प्रमुख बनाया है. पुरुष टीम के मुख्य चयनकर्ता के रूप में वह अजीत अगरकर की जगह लेंगे. अगरकर का कार्यकाल समाप्त हो गया है और उनकी जगह पांच सदस्यीय समिति में पूर्व क्रिकेटर रमेश पवार की एंट्री हुई है. क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) ने इंटरव्यू के बाद पवार को सेलेक्ट किया है. इस समिति में अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे हैं.
पवार ने अपने इंटरनेशनल करियर के दौरान 2 टेस्ट और 31 वनडे में भारत का प्रतिनिधित्व किया है. उन्होंने संन्यास लेने के बाद से कोचिंग में कई बड़ी भूमिकाएं निभाई हैं. वह महिला क्रिकेट टीम के कोच रहने के साथ-साथ मुंबई और गुजरात के मुख्य कोच भी रहे हैं. इसके अलावा वह बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बॉलिंग कोच के रूप में भी काम कर चुके हैं. महिला टीम के साथ उन्होंने एशिया कप और कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था.
अगरकर की उपलब्धियां
बीसीसीआई ने चयन समिति के चेयरमैन के तौर पर अपने समय के दौरान अजीत अगरकर की प्रतिबद्धता, पक्के इरादे और योगदान के लिए तारीफ की है. जुलाई 2023 में अपनी नियुक्ति के बाद से अगरकर ने भारतीय क्रिकेट के लिए एक अहम समय में समिति को लीड किया. उनके चीफ सेलेक्टर रहते हुए भारत ने तीन आईसीसी ट्रॉफी पर कब्जा किया. टीम इंडिया 2024 और 2026 में टी20 वर्ल्ड कप जीती. 2025 चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब भी अपने नाम किया. इसके अलावा दो एशियन गेम्स गोल्ड के अलावा दो एशिया कप टाइटल भी जीता.
प्रज्ञान कैसे बने चीफ सेलेक्टर?
बीसीसीआई की नई सीनियर पुरुष चयन समिति में प्रज्ञान ओझा के अलावा शिव सुंदर, आरपी सिंह, अजय रात्रा और रमेश पवार होंगे. इनमें से प्रज्ञान ने सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेले हैं. इस कारण उन्हें चीफ सेलेक्टर बनाया गया. बीसीसीआई में सीनियरिटी (सबसे ज्यादा टेस्ट) के आधार पर पांच में से एक सदस्य को चेयरमैन बनाया जाता है.