मेसी के इंटरनेशनल करियर का अंत: गोल+असिस्ट के साथ ‘किंग’ की भावुक विदाई, अर्जेंटीना ने बेनिन को 3-0 से रौंदा
लियोनेल मेसी के शानदार इंटरनेशनल फुटबॉल करियर का अंत हो गया है. अपने चहेते फैंस के बीच लियोनेल मेसी की एक भावुक विदाई हुई है. लियोनेल मेसी के अपने करियर में कई बेहतरीन रिकॉर्ड्स बनाए हैं.
ब्यूनस आयर्स के मॉन्यूमेंटल स्टेडियम में अर्जेंटीना ने बेनिन को 3-0 से हराया और लियोनेल मेसी ने गोल और असिस्ट के साथ अपने अंतिम इंटरनेशनल मुकाबले को हमेशा के लिए यादगार बना दिया. स्टेडियम में मैच शुरू होने से काफी पहले ही हजारों फैंस पहुंच चुके थे. हर तरफ सिर्फ एक नाम गूंज रहा था, 'मेसी.' अर्जेंटीना के कप्तान को उनके घरेलू मैदान पर ऐसी विदाई मिली, जिसे शायद ही कोई फुटबॉल प्रशंसक भूल पाए.
मैच से पहले माहौल पूरी तरह भावुक हो गया. मालविनास युद्ध के पूर्व सैनिक और गायक फैबियो सैंटाना ने अर्जेंटीना का राष्ट्रगान गाया. इस दौरान लियोनेल मेसी अपने बच्चों के साथ मैदान पर खड़े थे और उनकी आंखों में भावनाएं साफ नजर आ रही थीं. इसके बाद मैदान पर लियोनेल मेसी की विशाल जर्सी दिखाई गई और पूरा स्टेडियम 'मुचाचोस' के नारों से गूंज उठा. मैच के 10वें मिनट में लियोनेल मेसी के सम्मान के लिए खेल रोका गया और बेनिन के हर खिलाड़ी ने इस मौके का फायदा उठाते हुए ‘किंग’ से हाथ मिलाया. अर्जेंटीना ने शुरुआत में ही गेंद पर अपना दबदबा बना लिया और बार-बार अपने कप्तान को खतरनाक स्थिति में ढूंढने की कोशिश की.
मेसी के इंटरनेशनल करियर का अंत
मेसी ने बॉक्स के बाहर से फ्री-किक ली, जो गोल के काफी करीब थी, लेकिन बेनिन के गोलकीपर ने शानदार बचाव किया. लाउटारो मार्टिनेज ने भी पेनल्टी एरिया में दौड़ लगाकर खतरा पैदा किया, जबकि मेसी के एक और पास ने उन्हें लगभग खाली जगह में पहुंचा ही दिया था. हालांकि, बेनिन ने पूरी तरह से पीछे हटकर खेलने से इनकार किया और धीरे-धीरे मैच में अपनी पकड़ मजबूत की. आखिरकार वे 'बैक-फाइव' फॉर्मेशन पर आ गए, जिसमें मेसी के पेनल्टी एरिया के पास आते ही उन पर कड़ी नजर रखी जा रही थी. हाफ-टाइम के ठीक बाद आखिरकार सफलता मिली. जूलियन अल्वारेज बाईं ओर से तेजी से आगे बढ़ते हुए कॉर्नर हासिल करने में सफल रहे और मेसी ने सेट-पीस को बेहतरीन तरीके से डिलीवर किया. निकोलस ओटामेंडी, जिन्हें बिल्कुल भी मार्क नहीं किया गया था, ने वॉली मारकर अर्जेंटीना को बढ़त दिलाई.
मेसी के इंटरनेशनल करियर का अंत
यह अनुभवी डिफेंडर के लिए एक उपयुक्त गोल था, जो राष्ट्रीय टीम के लिए अपना आखिरी मैच भी खेल रहे थे. अर्जेंटीना ने निको पाज के जरिए अपनी बढ़त को दोगुना कर दिया. सब्स्टीट्यूट के तौर पर पिच पर आए इस युवा खिलाड़ी ने गेंद को संभाला और बाएं पैर से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर गोल किया, जिसकी तुलना मेसी के खास अंदाज से की गई.
मेसी फिर से शामिल थे, उन्होंने असिस्ट दिया और पाज ने सबसे बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाई. फिर वह पल आया जिसका 'मोन्यूमेंटल' के अंदर मौजूद हर कोई इंतजार कर रहा था. मेसी पेनल्टी स्पॉट पर आए और शांति से गोलकीपर को गलत दिशा में भेजते हुए गेंद को टॉप-राइट कॉर्नर में डालकर स्कोर 3-0 कर दिया. अभी भी जादू की एक आखिरी झलक देखने का समय बाकी था. मेसी की एक कोशिश को गोलकीपर ने रोक लिया और एक और शॉट गोलपोस्ट से टकरा गया.
अर्जेंटीना ने बेनिन को 3-0 से रौंदा
मैच के आखिरी पलों में उन्हें अपनी पसंदीदा जगह से फ्री-किक मिली. उन्होंने एक आखिरी बार जिम्मेदारी ली, लेकिन गेंद क्रॉसबार के ऊपर से निकल गई. सीटी बजते ही अर्जेंटीना की 3-0 से जीत पक्की हो गई. हालांकि, मेसी के लिए स्कोर से ज्यादा अहम कुछ और था. यह रात रोसारियो के उस लड़के के नाम रही जो अर्जेंटीना का सबसे महान फुटबॉलर बना और जिसने आखिरकार उस जर्सी को अलविदा कहा जिसे उसने अपनी पहचान बना लिया था.