30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज... एशियन पैरा गेम्स में भारत ने रचा इतिहास, झोली में आए इतने मेडल
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत का सफर शानदार रहा. देश की झोली में 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज मेडल आए. कुल 114 मेडल्स के साथ भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा. 2023 एशियन पैरा गेम्स में भारत ने 108 मेडल जीते थे.
एशियन पैरा गेम्स 2026 का सफर समाप्त हो चुका है. जापान के आइची-नागोया में हुए इवेंट में भारत की झोली में 30 गोल्ड सहित कुल 114 मेडल आए. एशियन पैरा गेम्स के अब तक के इतिहास में ये संस्करण भारत के लिए सबसे ऐतिहासिक रहा. भारत की झोली में इस बार 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज मेडल आए. 2023 में हुए एशियन पैरा गेम्स में भारत ने 108 मेडल जीते थे, लेकिन जापान में आंकड़े और बेहतर हुए हैं.
एशियन पैरा गेम्स 2026 के मेडल टैली की बात करें तो 30 गोल्ड सहित 114 मेडल के साथ भारत चौथे स्थान पर रहा. 198 गोल्ड सहित 415 मेडल जीतकर चीन शिखर पर मौजूद है. मेजबान जापान के खाते में 172 मेडल आए और वो दूसरे नंबर पर है. 139 मेडल के साथ उज्बेकिस्तान तीसरे स्थान पर है.
2026 में कैसा रहा भारत का प्रदर्शन?
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. भारत ने कुल 114 पदक (30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य) जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया. इससे पहले 2023 में हांगझोऊ खेलों में भारत ने 108 पदकों का अपना पिछला सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड बनाया था. इस बार कम खिलाड़ियों के साथ हिस्सा लेने के बावजूद भारत ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया.
भारत के अभियान में पैरा-एथलेटिक्स, पैरा-बैडमिंटन, पैरा-आर्चरी, पैरा-स्विमिंग और अन्य खेलों में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला. इन 30 गोल्ड मेडल्स के साथ, देश ने एशियन पैरा गेम्स में अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (29 स्वर्ण पदक) को भी पीछे छोड़ दिया.
पैरा-एथलेटिक्स में आए सबसे अधिक मेडल
पैरा-एथलेटिक्स भारत के लिए मेडल जीतने वाला सबसे प्रमुख खेल रहा, जिसमें 22 गोल्ड समेत कुल 65 मेडल मिले. इस टूर्नामेंट के दौरान एथलीटों ने कई शानदार रिकॉर्ड भी बनाए. संदीप ने पुरुषों की 400 मीटर T64 फाइनल स्पर्धा में 52.28 सेकंड का समय निकालकर वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता. वहीं, भारत के ही अजय कुमार ने 53.61 सेकंड का समय लेकर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया.
हनी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) F37/38 फाइनल में गोल्ड मेडल जीता. उन्होंने 60.49 मीटर की दूरी तय की और 1,116 रजा पॉइंट्स के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया. ईरान के होर्मोज सेइदीकाजपौनजी ने 50.68 मीटर के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि चीन के यू चेंगजी ने 53.66 मीटर की दूरी के साथ एशियन रिकॉर्ड बनाते हुए ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया.
इसके अलावा, निमिषा चक्कुंगलपरम्बिल ने महिलाओं की लॉन्ग जंप T47 स्पर्धा में 5.37 मीटर की दूरी के साथ सिल्वर मेडल जीता. वहीं, प्रमोद बिजारनिया ने पुरुषों की 1,500 मीटर T46 स्पर्धा में 4:09.65 का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया.
पैरा-बैडमिंटन में भी गोल्ड
पैरा-बैडमिंटन में भी भारत को सफलता मिली. नितेश कुमार ने पुरुष एकल SL3 वर्ग के फाइनल में अपने ही देश के पैरालिंपिक चैंपियन प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराकर स्वर्ण पदक जीता. इस मुकाबले में प्रमोद भगत को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा. नवीन शिवकुमार ने भी पुरुष एकल SL4 वर्ग में स्वर्ण पदक जीता. उन्होंने इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को 36 मिनट में 21-9, 21-17 से हराया.
इससे पहले, थुलसिमथी मुरुगेसन और मानसी जोशी ने महिला युगल SL3-SU5 इवेंट में स्वर्ण पदक जीता. उन्होंने चीन की मौजूदा विश्व चैंपियन किउक्सिया यांग और ज़ुक्सियान जिओ को 21-16, 21-13 से हराया.
भारत के कुल पदकों में पैरा-बैडमिंटन का 16 पदकों का योगदान रहा. वहीं, पैरा-तैराकी में काफी सुधार देखने को मिला, जहां पदकों की संख्या पिछले संस्करण के एक पदक से बढ़कर 11 हो गई. पैरा-टेबल टेनिस में भी सात कांस्य पदक मिले.