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1500 केबिन, 7 स्विमिंग पूल और 8 रेस्तरां: एशियन गेम्स का तैरता खेल गांव, खिलाड़ियों का आशियाना बनेगा इटैलियन क्रूज

एशियन गेम्स 2026 के लिए जापान ने पारंपरिक खेल गांव बनाने के बजाय 'कोस्टा सेरेना' नाम के आलीशान इतालवी क्रूज शिप को 'तैरता हुआ खेल गांव' बना दिया. इसके पीछे क्या आर्थिक गणित है? इसमें क्या-क्या खास है?

Written By Rohit Raj
Published: Sep 02, 2026, 10:43 PM IST | Updated: Sep 02, 2026, 10:57 PM IST
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जब इस महीने जापान के आइची-नागोया (Aichi-Nagoya) में एशियन गेम्स की शुरुआत होगी, तो हजारों एथलीटों का सामना एक बेहद ही अनोखे और अलग नजारे से होगा. आमतौर पर खेल आयोजनों में खिलाड़ियों के लिए चमचमाती इमारतें बनाई जाती हैं, लेकिन इस बार खिलाड़ी सुबह सोकर उठेंगे तो उनके सामने नागोया बंदरगाह का व्यस्त औद्योगिक बैकड्रॉप होगा. जापान ने एशियन गेम्स में खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था कुछ अलग अंदाज में की है. पहली बार एथलीट एक क्रूज में भी ठहरेंगे.

खेलों के इतिहास में पहली बार पारंपरिक खेल गांव के बजाय 'कोस्टा सेरेना' (Costa Serena) नाम का एक विशालकाय इतालवी क्रूज जहाज खिलाड़ियों का अस्थायी घर बनेगा. यह विशाल जहाज 15 सितंबर से 4 अक्टूबर तक नागोया बंदरगाह के किंजो पियर (Kinjo Pier) पर खड़ा रहेगा, जहां यह हजारों खिलाड़ियों और अधिकारियों को खेलों के दौरान रहने के लिए एक बेहतरीन तैरता हुआ आशियाना देगा.

मेजबान शहरों के बड़े संकट का स्मार्ट समाधान

यह अनोखा फैसला दुनिया भर के उन बड़े मेजबान शहरों के लिए एक बेहतरीन सबक है. खेलों के नाम पर पहले तो अरबों रुपये की इमारतें खड़ी कर देते हैं, लेकिन खेल खत्म होने के बाद वे इमारतें खाली पड़ी रहती हैं. ऐसे में यह क्रूज शिप भारी-भरकम निर्माण खर्च से बचने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना खिलाड़ियों को ठहराने का एक बेहद चतुर और समझदारी भरा समाधान साबित होने जा रहा है.

खिलाड़ियों की संख्या से पैदा हुआ संकट

खेलों के कार्यक्रम में अंतिम समय पर 'टेकबॉल' और 'पैडल' जैसे नए खेल शामिल किए जाने के कारण खिलाड़ियों और स्टाफ की संख्या अचानक बढ़कर 17,000 से अधिक हो गई. शुरुआत में यह संख्या केवल 15,000 लोगों तक थी. हालांकि, आयोजकों का दावा है कि जुलाई की आखिरी समय सीमा से पहले ही सबके रहने की व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित कर ली गई थी.

कहां-कहां ठहरेंगे खिलाड़ी?

बजट और जगह की कमी को देखते हुए आयोजकों ने इस बार खिलाड़ियों को अलग-अलग जगहों पर ठहराने का फैसला किया है. क्रूज जहाज (जिसमें करीब 4,000 से 4,600 लोग रहेंगे) के अलावा, लगभग 2,000 खिलाड़ियों को नागोया पोर्ट पर ही बने अस्थायी कंटेनर घरों (केबिन) में और बाकी लोगों को स्थानीय होटलों में ठहराया जा रहा है. इसके अतिरिक्त, तैराकी, डाइविंग और घुड़सवारी (Equestrian) जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले एथलीटों को टोक्यो के नजदीक ठहराया जा रहा है क्योंकि उनके मुकाबले टोक्यो में ही होने हैं.

कहां से आई क्रूज वाली योजना?

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि खेल गांव के प्लान में आखिर एक लग्जरी क्रूज जहाज की एंट्री हुई कैसे? इसका सीधा जवाब पैसे और लॉजिस्टिक्स की भारी बचत से जुड़ा है. एक नया खेल गांव बनाने के लिए भारी-भरकम निवेश और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है, जो बाद में बेकार हो जाते हैं. वहीं, कोस्टा सेरेना में हजारों कमरे (केबिन), बड़े डाइनिंग हॉल और मनोरंजन की आधुनिक सुविधाएं पहले से ही तैयार हैं, जिन्हें बस तीन हफ्तों के लिए किराए पर लिया गया है.

करीब 30 मिलियन डॉलर का सौदा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेटीबी (JTB) के नागोया बिजनेस डिवीजन ने इस विशालकाय क्रूज को किराए पर लेने के लिए लगभग 4.5 अरब येन (यानी लगभग 3 करोड़ अमेरिकी डॉलर) का सौदा किया है. हालांकि, एशियन गेम्स में यह प्रयोग पहली बार हो रहा है, लेकिन खेल इतिहास में यह पूरी तरह से नया नहीं है. साल 2019 में इटली के नेपल्स में आयोजित 'समर यूनिवर्सिटी' के दौरान भी 'कोस्टा विक्टोरिया' और 'एमएससी लिरिका' क्रूज जहाजों का उपयोग करके 4,000 से अधिक प्रतिनिधियों को ठहराया गया था. इससे प्रेरित होकर ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) ने इस बार नागोया के लिए भी यही फैसला किया. जापान का मानना है कि बरसों तक खेल गांव बनाने से बेहतर है कि तैरता हुआ होटल ही काम में ले लिया जाए.

क्या है कोस्टा सेरेना क्रूज की खासियत?

साल 2007 में इटली के प्रसिद्ध शिपबिल्डर फिनकैंटिएरी (Fincantieri) द्वारा निर्मित इस विशाल जहाज में 14 डेक (मंजिलें) हैं और इसमें करीब 5,000 लोगों को ठहराया जा सकता है. इसमें 557 बालकनी केबिन, 8 रेस्त्रां, 10 बार, 4 स्विमिंग पूल, रनिंग ट्रैक और वेलनेस सेंटर जैसी शानदार सुविधाएं मौजूद हैं. साल 2025 में लगभग 20 करोड़ यूरो की लागत से इस जहाज का बड़ा नवीनीकरण किया गया था. इसके इंटीरियर को शुरुआत में यूनानी पौराणिक कथाओं के थीम पर जो फारकस (Joe Farcus) द्वारा डिजाइन किया गया था, लेकिन हालिया अपडेट के बाद इसमें आधुनिक पॉप-आर्ट और हाई-स्पीड 'स्टारलिंक' (Starlink) इंटरनेट की सुविधा भी जोड़ दी गई है.

रेस्त्रां का लजीज स्वाद लेकिन नियमों की कड़ाई

कोस्टा सेरेना क्रूज पर खाने-पीने के कई शानदार विकल्प मौजूद हैं, जिनमें 'पिज्जेरिया पुम्मिड'ऑरो', 'सुशीनो@कोस्टा' और 'आर्किपेलागो' शामिल हैं. यहां मिशेलिन-स्टार शेफ द्वारा तैयार किया गया भोजन मिलता है. इसके बावजूद एशियन गेम्स के दौरान इस जहाज पर रहने वाले खिलाड़ियों की जिंदगी किसी आम छुट्टी मनाने जैसी नहीं होगी. खिलाड़ियों के प्रदर्शन और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए भोजन की व्यवस्था को पूरी तरह से मानकीकृत रखा जाएगा और क्रूज की कई विलासिता वाली सेवाओं को खेल की गरिमा के अनुसार सीमित कर दिया जाएगा.

मौज-मस्ती की पूरी तरह मनाही होगी?

एशियन गेम्स के दौरान 'कोस्टा सेरेना' कोई सामान्य लग्जरी क्रूज नहीं, बल्कि पानी पर खड़ा एक 'स्टेशनरी होटल' (स्थिर होटल) की तरह काम करेगा. तीन हफ्तों तक यह जहाज नागोया बंदरगाह के किंजो पियर पर ही खड़ा रहेगा ताकि खिलाड़ी अपनी प्रतियोगिता के बाद आराम कर सकें और पास के खेल मैदानों तक आसानी से आ-जा सकें. खेलों के दौरान क्रूज की आम विलासिता और मौज-मस्ती वाली सेवाओं को बंद रखा जाएगा. यहां पूरा ध्यान खिलाड़ियों के स्वास्थ्य, शानदार रिकवरी, हाई-प्रोटीन डाइट और कोचों व सहयोगी स्टाफ की जरूरतों पर केंद्रित रहेगा.

इस तैरते होटल में कौन-से खिलाड़ी रुकेंगे?

इस विशाल क्रूज शिप पर करीब 4,000 से 4,600 खिलाड़ियों और अधिकारियों को ठहराने की तैयारी है. एथलीटों को उनके खेल स्थलों की निकटता के आधार पर यहाँ ठहराया जाएगा. विशेष रूप से नागोया पोर्ट के आसपास आयोजित होने वाले खेलों- जैसे जूडो, कुश्ती और तीरंदाजी के एथलीटों के लिए यह जहाज मुख्य आवास केंद्र बनेगा. इस स्मार्ट तरीके से आयोजन समिति पूरे क्षेत्र के अन्य सामान्य होटलों का उपयोग भी आसानी से कर पाएगी.

खतरनाक तूफान सीजन खेलों में बाधा बनेगा?

जापान में सितंबर और अक्टूबर का महीना भीषण तूफान का सीजन होता है. ऐसे समय में समुद्र में हजारों खिलाड़ियों को ठहराना सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा सवाल खड़ा करता है. यदि कोई खतरनाक तूफान या चक्रवात आता है, तो यातायात ठप हो सकता है, खेल का शेड्यूल बदल सकता है और बंदरगाह पर खड़े जहाज के लिए भी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं. हालांकि, आयोजकों का कहना है कि वे आधुनिक मौसम प्रणालियों के जरिए एक हफ्ते पहले ही तूफानों को ट्रैक कर सकते हैं और उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों के लिए गुप्त सुरक्षा योजनाएं तैयार रखी हैं. यदि गंभीर स्थिति बनती है, तो लहरों के असर को कम करने के लिए जहाज को बंदरगाह से हटाकर गहरे समुद्र में भी ले जाया जा सकता है.

क्रूज का ऐतिहासिक स्वागत कैसे होगा?

कोस्टा सेरेना खेलों की शुरुआत से चार दिन पहले यानी 15 सितंबर को नागोया बंदरगाह पर पहुंचेगी. इस आगमन को यादगार बनाने के लिए ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) ने नागोया की पारंपरिक 'ओमोतेनाशी' (जापानी आतिथ्य सत्कार) शैली में एक स्वागत समारोह आयोजित किया है. इसमें जापानी समुराई टीमों का शानदार प्रदर्शन और पारंपरिक 'ताइको' ढोल-नगाड़ों की गूंज देखने को मिलेगी. इस भव्य उत्सव को देखने के लिए लॉटरी के जरिए चुने गए 500 स्थानीय दर्शक बंदरगाह पर मौजूद रहेंगे. हालांकि, किसी भी बाहरी दर्शक को जहाज के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी.

खेलों के बाद इस क्रूज का क्या होगा?

एशियन गेम्स के खेल गांव के रूप में कोस्टा सेरेना का सफर बहुत छोटा होने वाला है. 4 अक्टूबर को होने वाले समापन समारोह के बाद यह क्रूज जापान को अलविदा कह देगा. यहां से यह सीधे अर्जेंटीना के लिए 65 दिनों की लंबी यात्रा पर रवाना हो जाएगा, जहां इसे दक्षिण अमेरिकी क्रूज मार्केट में 'कोस्टा फॉर्च्यून' नामक दूसरे जहाज की जगह तैनात किया जाएगा.

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About the Author

रोहित राज एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. दैनिक जागरण से करियर की शुरुआत करने वाले रोहित ईटीवी, दैनिक भास्कर, जनसत्ता और अमर उजाला से होते हुए जी न्यूज के हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं और स्पोर्ट्स टीम को लीड करते हैं. रोहित कई एक्सक्लूसिव खबरें और एथलीट्स का इंटरव्यू कर चुके हैं. पत्रकारिता में 40 अंडर 40 अवॉर्ड विजेता हैं. खेलों में ज्यादा रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप, वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 और अन्य खेलों के बड़े-बड़े इवेंट को करने का अनुभव रखते हैं. ब्रेकिंग न्यूज, एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर पकड़ है. क्रिकेट के अलावा हर खेलों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाने की कोशिश में लगे रहते हैं.
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