आज के समय लोग चाहे जितना भी पैसे कमा लें पर लोगों का पैसा पानी की तरह बहकर कब खत्म हो जाता है ये पता भी नहीं चलता है. लोग दिन-रात काम करके पैसे बचाने की कोशिश करते हैं पर बचत नहीं हो पाती है.
वास्तु शास्त्र के जानकारों का मानना है कि इस समस्या की एक बड़ी वजह घर में फैला वास्तु दोष हो सकता है. जब घर के अंदर नकारात्मक ऊर्जा का असर बढ़ता है, तो आर्थिक तंगी और बेवजह के खर्चे घेर लेते हैं.
अगर आप भी इस तरह की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो वास्तु के कुछ बेहद आसान और अचूक नियम आपकी मदद कर सकते हैं.
घर का मेन गेट केवल आने-जाने का रास्ता नहीं होता है, बल्कि यहीं वो जगह होती है जहां से सुख और समृद्धि प्रवेश करती है. अगर मेन गेट के पास गंदगी, पुराना कबाड़, टूटी चप्पलें या कूड़ेदान रखा हो, तो घर में निगेटिव एनर्जी आने लगती है.
इसलिए मेन गेट को हमेशा साफ-सुथरा रखना चाहिए. दरवाजे के सामने कोई भी रुकावट न रखें. सुबह और शाम के समय मुख्य द्वार पर थोड़ी देर रोशनी जरूर रखें. ऐसा करने से घर में देवी-देवताओं का आगमन होता है और बरकत बनी रहती है.
घर में धन रखने की जगह यानी तिजोरी या अलमारी की दिशा का बहुत बड़ा महत्व होता है. वास्तु के अनुसार तिजोरी को हमेशा घर के दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम हिस्से में रखना चाहिए.
अलमारी को इस तरह सेट करें कि उसका दरवाजा खोलते समय उत्तर दिशा की तरफ खुले. उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर का स्थान माना गया है. इस दिशा में तिजोरी का मुंह खुलने से धन में लगातार बढ़ोतरी होती है और बेवजह के खर्चे अपने आप रुकने लगते हैं.
वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा का सीधा संबंध धन और करियर की तरक्की से माना गया है. इस दिशा को हमेशा हल्का, खुला और साफ रखना चाहिए. उत्तर दिशा में भारी सामान, पुराना कबाड़ या गंदगी रखने से बचना चाहिए.
जब इस दिशा में गंदगी जमा होती है, तो धन का आगमन रुक जाता है और कमाई के नए रास्ते बंद होने लगते हैं. अगर आप उत्तर दिशा को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखेंगे, तो घर में पैसों की आवक तेजी से बढ़ने लगेगी.
सनात्व शास्त्र और वास्तु दोनों में ही दीपक जलाने को बहुत शुभ माना गया है. रोज शाम के समय घर के मंदिर में शुद्ध घी या तेल का दीपक जरूर जलाना चाहिए.
इसके साथ ही घर के मुख्य द्वार के बाहर भी एक दीया जलाकर रखें. शाम के वक्त जलने वाला यह दीपक घर की नकारात्मकता को खत्म करता है और दरिद्रता को दूर भगाता है. दीपक की रोशनी से घर का माहौल शांत होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ने लगता है.
घर में छिपी कंगाली और नकारात्मकता को दूर करने के लिए नमक का उपाय बेहद कारगर माना जाता है. हफ्ते में कम से कम दो से तीन बार घर में पोछा लगाते समय पानी में थोड़ा सा खड़ा नमक मिला लें.
नमक वाले पानी से पोछा लगाने से घर की हवा शुद्ध होती है और पुरानी नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाती है. इस छोटे से नियम को रोज के जीवन में अपनाने से घर के सदस्यों के बीच तनाव कम होता है और आर्थिक तंगी से राहत मिलती है.
(Disclaimer): यह आलेख वास्तु शास्त्र की सामान्य मान्यताओं, लोक विश्वासों और पारंपरिक नियमों पर आधारित है. इसका उद्देश्य पाठकों को वास्तु संबंधी जानकारी प्रदान करना है. किसी भी उपाय को अपनाने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें.