Vastu Tips For God Idol In Car: कई लोग अपनी कार के डैशबोर्ड पर भगवान की मूर्ति रखते हैं लेकिन उन्हें ये नहीं पता होता है कि आखिर किन भगवान की मूर्ति रखना शुभ होता है. दरअसल, सफर मंगलमय और सुरक्षित हो, पूरे रास्ते भगवान की कृपा बनी रहे, इसके लिए लोग अपनी कार की डैशबोर्ड पर भक्ति भाव से भगवान की मुर्ति रखते हैं लेकिन उन्हें इससे जुड़े जरूरी वास्तु नियमों के बार में जानकारी ही नहीं होती है. आइए इस लेख में विस्तार से जानें कि कार में कौन-से भगवान की मूर्ति रखें, कैसे रखें, कितनी बड़ी मूर्ति होनी चाहिए और जिस कार में भगवान की मूर्ति रखी हो तो उसमें बैठकर कौन सी गलतियां भूलकर भी न करें.
कार में भगवान गणेश की मूर्ति रखें ताकि रास्ते में आने वाली सभी विघ्न-बाधाएं दूर हो सकें. इसके अलावा हनुमान जी की मूर्ति लगाएं जिससे की भारी से भारी संकट भी टल जाए.
कार में कभी भी प्लास्टिक की उड़ती हुई या कांच से लटकने मूर्तियां न लगाएं. गाड़ी के झटके या ब्रेक लगने से मूर्ति खंडित हो सकती है या बार-बार कार के कांच से मूर्ति टकरा सकती है. जिससे भगवान का अपमान होगा और इसके अशुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं.
कार में कभी भी खंडित मूर्ति न रखें और न ही भारी मूर्ति रखें. सफर के दौरान भारी मूर्ति अगर गिर पड़ी तो चोट लगने का खतरा रहता है और ऐसी मूर्तियों को शुभ भी नहीं माना जाता है. छोटी, हल्की और चिपकाई गई प्रतिमा को कार में स्थान दें.
मूर्ति की आंखें खुली हों इसका ध्यान रखें. भगवान की ऐसी मूर्ति भूलकर भी न रखें जिसमें वे ध्यान या समाधि मुद्रा में हों. क्योंकि कार स्थिर नहीं होती और समाधी व ध्यान स्थिरता को दर्शाता है. आशीर्वाद देती हुई मुद्रा में भगवान की मूर्ति लगाएं.
कार में रखी जाने वाली मूर्ति 2 से 3 इंच की ही होनी चाहिए, इससे बड़ी नहीं. ध्यान रखें कि इससे बड़ी मूर्ति वास्तु अनुसार भी सही नहीं है और मूर्ति बड़ी हुई तो ड्राइवर को रास्ते देखने में मुश्किल हो सकता है.
वास्तु अनुसार मूर्ति की दिशा को भगवान के चेहरे के हिसाब से समझें तो चेहरा कार के भीतर की ओर होना सही माना जाएगा. भूलकर भी बाहर की ओर चेहरा न हो इसका ध्यान रखें.
जिस कार में भगवान की मूर्ति हो, उसमें मांस, मछली, प्याज-लहसुन न खाएं.
ऐसी कार जिसमें भगवान की प्रतिमा हो, उसमें शराब का सेवन न करें.
कार के अंदर सिगरेट, बीड़ी या तंबाकू न पीएं.
डैशबोर्ड या जिस जगह मूर्ति रखी है वहां सफाई जरूर करें.
(डिस्क्लेमर- वास्तु टिप्स और उपायों की स्टोरी के लिए - यह जानकारी पारंपरिक वास्तु एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है. बताए गए उपायों के प्रभाव और परिणाम व्यक्ति विशेष की परिस्थितियों, आस्था, स्थान तथा अन्य कारकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें और किसी भी प्रकार के निश्चित परिणाम या लाभ का दावा न मानें.)